अब तक 122 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलीं, सवा लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूर मंजिल तक पहुंचाये गये: रेलवे
रेलवे ने कहा कि बुधवार के लिए जिन 42 ट्रेनों की योजना बनायी गयी है, उनमें से 26 ट्रेन दिन में रवाना हो भी गयी हैं जबकि 16 ट्रेनें रात को चलेंगी।
नयी दिल्ली, छह मई रेलवे ने बुधवार को कहा कि उसने एक मई से अबतक 122 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, जिनमें लॉकडाउन की वजह से देश के अलग_अलग हिस्सों से फंसे हुए सवा लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को मंजिल तक पहुंचाया गया।
रेलवे ने कहा कि बुधवार के लिए जिन 42 ट्रेनों की योजना बनायी गयी है, उनमें से 26 ट्रेन दिन में रवाना हो भी गयी हैं जबकि 16 ट्रेनें रात को चलेंगी।
रेलवे ने प्रवासी कामगारों के लिए मंगलवार रात तक 88 ट्रेनें चलाईं। ये प्रवासी कामगार कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर लागू किए गए लॉकडाउन के कारण कार्यस्थलों पर फंस गए थे।
प्रत्येक विशेष ट्रेन में 24 डिब्बे हैं और हर डिब्बे में 72 सीट हैं। लेकिन एक दूसरे से दूरी बनाकर रखने के नियम का पालन हो, इसके लिए रेलवे द्वारा एक डिब्बे में 54 यात्रियों को ही बैठाया जा रहा है।
मुम्बई से प्राप्त समाचार के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि रेलवे ने जब से श्रमिक स्पेशल सेवा शुरू की है तब से 25 ट्रेनों ने राज्य से प्रवासी श्रमिकों को उनके संबंधित राज्यों में पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘ (अवर मुख्य सचिव) नितिन करीर ने मंत्रिमंडल को सूचित किया है कि अबतक राज्य से 25 विशेष ट्रेनें प्रवासी मजदूरों को लेकर रवाना हुईं। पश्चिम बंगाल और कर्नाटक अपवाद हैं।’’
इस बीच, कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को अगले पांच दिनों में राज्य से चलने वाली 10 ट्रेनों को रद्द कर दिया। हालांकि उसने कहा कि बेंगलुरु से बिहार के लिए तीन ट्रेन तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार रवाना होंगी।
रेलवे ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह खुलासा नहीं किया है कि इन सेवाओं पर कितना पैसा खर्च हुआ है, हालांकि सरकार ने कहा है कि 85 और 15 के अनुपात में राज्यों के साथ खर्च वहन किया गया। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं रेलवे ने प्रत्येक सेवा पर 80 लाख रुपये खर्च किए।
मंगलवार की सुबह तक, गुजरात से करीब 35 ट्रेन रवाना हुईं, जबकि केरल से 13 रेलगाड़ियां रवाना हुईं।
पीटीआई- के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, 13 ट्रेन बिहार पहुंच गईं हैं और 11 ट्रेन रास्ते में हैं, जबकि छह और चलाए जाने की योजना है।
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