देश की खबरें | अटल सुरंग न सिर्फ संपर्क बल्कि सीमाई क्षेत्र के अधोसंरचना विकास को भी मजबूती देगी: नड्डा
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नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को कहा कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल सुरंग न सिर्फ संपर्क बल्कि सीमाई क्षेत्र के अधोसंरचना विकास को भी मजबूती देगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का यह ‘‘ड्रीम प्रोजेक्ट ’’, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल के भी बहुत करीब रहा।
मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाली 9.02 किलोमीटर लंबी दुनिया की सबसे बड़ी अटल सुरंग को आज मोदी ने राष्ट्र के नाम समर्पित किया।
नड्डा ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ‘‘आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आज अटल सुरंग का उद्घाटन किया। 2014 के बाद से इस परियोजना को तेजी से निष्पादित करने और राज्य के लोगों की दशकों पुरानी मांग को पूरा करने के लिए मैं देश के प्रधानमंत्री जी को हार्दिक धन्यवाद देता हूं।’’
उन्होंने कहा कि यह परियोजना अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था जो प्रधानमंत्री मोदी के दिल के भी बहुत करीब है।
नड्डा ने कहा, ‘‘उन्होंने हिमाचल में जनता की सेवा करने के दौरान राज्य के लिए इसके महत्व को महसूस किया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटल सुरंग न केवल संपर्क बल्कि हमारी सीमाई अधोरचना को भी मजबूत करेगी। विश्व स्तरीय सीमा संपर्क का जीता-जागता उदाहरण अटल सुरंग पूरे साल मनाली व लाहौल-स्पीति घाटी को जोड़े रखेगी। यह मनाली और केलांग के बीच की दूरी को भी काफी कम करेगी।’’
सामरिक रूप से महत्वपूर्ण यह सुरंग हिमालय की पीर पंजाल श्रृंखला में औसत समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊंचाई पर अति-आधुनिक विशेषताओं के साथ बनाई गई है।
गौरतलब है कि अटल सुरंग से मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय भी चार से पांच घंटे कम हो जाएगा।
अटल सुरंग को अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ प्रतिदिन 3000 कारों और 1500 ट्रकों के यातायात घनत्व के लिए डिजाइन किया गया है।
अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने रोहतांग दर्रे के नीचे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुरंग का निर्माण कराने का निर्णय किया था और सुरंग के दक्षिणी पोर्टल पर संपर्क मार्ग की आधारशिला 26 मई 2002 को रखी गई थी।
मोदी सरकार ने दिसम्बर 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान में सुरंग का नाम अटल सुरंग रखने का निर्णय किया था, जिनका निधन पिछले वर्ष हो गया।
ब्रजेन्द्र
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