Thai-Cambodian Conflict: थाईलैंड और कंबोडिया में फिर बढ़ा तनाव! विवादित सीमा पर हवाई हमले शुरू, अधर में लटका शांति समझौता

दक्षिण-पूर्व एशिया में थाईलैंड और कंबोडिया के रिश्तों में एक बार फिर तनाव तेज हो गया है. दी गई रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों की सेनाओं के बीच सोमवार को सीमा पर हिंसक झड़पें हुईं

Photo- @normalpeople_Im/X

Thai-Cambodian Conflict: दक्षिण-पूर्व एशिया में थाईलैंड और कंबोडिया के रिश्तों में एक बार फिर तनाव तेज हो गया है. दी गई रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों की सेनाओं के बीच सोमवार को सीमा पर हिंसक झड़पें हुईं और हालात एयरस्ट्राइक तक पहुंच गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीमा पर हमले शुरू करने के आरोप लगाए हैं. कई हफ्तों से सीमा क्षेत्र में माहौल पहले ही तनावपूर्ण था और इसी बीच थाईलैंड की ओर से कहा गया कि कंबोडिया ने भारी हथियारों की तैनाती कर रखी थी.

थाई एयरफोर्स ने दावा किया कि उसकी कार्रवाई सिर्फ सैन्य ठिकानों और हथियारों के भंडार पर की गई थी, जिन्हें वह अपनी सुरक्षा के सीधे खतरे के रूप में देख रही थी.

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एयरस्ट्राइक से बढ़ा तनाव

पहला हमला किसने किया?

थाई सेना का कहना है कि सोमवार तड़के कंबोडिया की ओर से गोले दागे गए, जिसमें एक थाई सैनिक की मौत हो गई और दो घायल हो गए. थाई सेना के अनुसार जवाबी कार्रवाई में कंबोडिया के उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जहां से हमले किए जा रहे थे.

उधर कंबोडिया ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उसने किसी भी तरह की गोलीबारी शुरू नहीं की. उसका कहना है कि वह समझौतों का सम्मान करते हुए हालात पर नजर बनाए हुए है.

नागरिकों पर असर और पुरानी पृष्ठभूमि

सीमा के पास बसे लगभग 70% थाई नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है. निकासी के दौरान एक नागरिक की मौत की भी सूचना है, जिसे पहले से मौजूद बीमारी की वजह से बताया जा रहा है.

दोनों देशों के बीच इससे पहले भी सीमा विवाद को लेकर झड़पें होती रही हैं. कुछ महीने पहले भी दोनों के बीच संघर्ष हुआ था, जिसके बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में सीज़फायर का ढांचा तैयार हुआ था. लेकिन ताजा घटनाओं ने उस समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

राजनयिक कोशिशें और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ताज़ा घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर नजर बनाए हुए है. कई क्षेत्रीय और वैश्विक संगठनों ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के ज़रिए तनाव कम करने की अपील की है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सीमा पर हालात जल्द काबू में नहीं आए, तो इसका असर व्यापार, सुरक्षा और मानवीय स्थिति पर पड़ सकता है. 

आगे क्या होगा?

फिलहाल दोनों देशों में आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और हालात कितने शांत होंगे, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा. क्षेत्रीय देशों की नजर भी इस संघर्ष पर टिकी हुई है ताकि तनाव और न बढ़े.

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