Independence Day 2026: पीएम नरेंद्र मोदी का 75 मिनट का संबोधन, पिछले 4 साल में सबसे छोटा भाषण
प्रधानमंत्री का 75 मिनट का यह संबोधन भारत की आर्थिक उपलब्धियों की समीक्षा, नई योजनाओं की घोषणा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन पर केंद्रित रहा. इसके साथ ही यह लाल किले से उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन भी रहा.
Independence Day 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 75 मिनट का भाषण दिया. यह पिछले चार वर्षों में उनका सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस संबोधन रहा. भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए इस भाषण में उन्होंने आर्थिक विकास, आत्मनिर्भर भारत, युवाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य पर विस्तार से बात की. Independence Day 2026: देश में 80वें स्वतंत्रता दिवस की धूम, PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा; देखें VIDEO
पीएम मोदी के कार्यकाल का चौथा सबसे छोटा स्वतंत्रता दिवस भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह 75 मिनट का संबोधन लाल किले से दिए गए उनके लगातार 13 स्वतंत्रता दिवस भाषणों में चौथा सबसे छोटा रहा. उनके भाषणों की अवधि पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग रही है. साल 2025 में उन्होंने 103 मिनट तक भाषण दिया था, जो अब तक का उनका सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस संबोधन था. वहीं 2024 में उनका भाषण करीब 98 मिनट का रहा था. ऐसे में 2026 का 75 मिनट का संबोधन हाल के वर्षों की तुलना में काफी छोटा रहा.
भारत की आर्थिक प्रगति पर दिया जोर
भाषण की अवधि भले ही कम रही, लेकिन प्रधानमंत्री ने कई अहम मुद्दों को शामिल किया. उन्होंने पिछले 12 वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश 'फ्रैजाइल फाइव' की श्रेणी से निकलकर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन चुका है.
उन्होंने रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, रेलवे कोच निर्माण, मोबाइल फोन उत्पादन और अन्य घरेलू उद्योगों में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता को रेखांकित किया.
युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग और मुफ्त कोचिंग का ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के विकास को भी अपने संबोधन का प्रमुख हिस्सा बनाया. उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेनिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए नई योजनाओं की घोषणा की. उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने इन पहलों को युवा सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
खेलों के क्षेत्र में भी सरकार ने देशभर में प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की. यह पहल भारत की 2036 ओलंपिक की मेजबानी की संभावित तैयारी को ध्यान में रखते हुए की जाएगी.
आत्मनिर्भर भारत और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने सेमीकंडक्टर, रक्षा और ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता बताई. उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा. सरकार के अनुसार, इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और रणनीतिक क्षमता में भी वृद्धि होगी.
2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का मुख्य संदेश 'विकसित भारत 2047' का विजन रहा. उन्होंने कहा कि आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है. उन्होंने नागरिकों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया और कहा कि विनिर्माण, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और युवाओं की भागीदारी इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी.
प्रधानमंत्री का 75 मिनट का यह संबोधन भारत की आर्थिक उपलब्धियों की समीक्षा, नई योजनाओं की घोषणा और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन पर केंद्रित रहा. इसके साथ ही यह लाल किले से उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन भी रहा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2026 12:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

