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Russia-Ukraine War: युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे तमिलनाडु के करीब 2500 छात्र, परिजन चिंतित

मदुरै के एक व्यापारी आर वाडिवेलु (45), जिनकी बेटी अमृता शिवम यूक्रेन के कीव विश्वविद्यालय में चिकित्सा की छात्रा हैं, हमले के बाद चिंतित हैं. उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मैं उसे वापस लौटने के लिए बुला रहा था, जब भारत सरकार ने उड़ानें तैनात की थीं और माहौल अपेक्षाकृत शांत था. हालांकि, उसने परिवार से कहा कि वे परीक्षा के बीच में हैं और वे अभी नहीं आ सकते हैं."

Russia-Ukraine War: युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे तमिलनाडु के करीब 2500 छात्र, परिजन चिंतित

चेन्नई: रूस (Russia) की ओर से गुरुवार को यूक्रेन (Ukraine) में किए गए मिसाइल (Missile) और बम हमलों के बाद यूक्रेन में रह रहे भारतीय मूल (Indian Origin) के छात्रों के परिजनों की चिताएं बढ़ गई हैं. तमिलनाडु (Tamil Nadu) के काफी ऐसे छात्र हैं, जो मेडिकल कॉलेजों (Medical Colleges) और इंजीनियरिंग कॉलेजों (Engineering Colleges) सहित यूक्रेन के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं और अब यूक्रेन पर हमला होने के बाद इन छात्रों के माता-पिता चिंतित हैं. Russia-Ukraine War: यूक्रेन में भारतीय दूतावास कर रहा भारतीय छात्रों की मदद, 200 से अधिक को सुरक्षित स्‍थान पर पहुंचाया

मदुरै के एक व्यापारी आर वाडिवेलु (45), जिनकी बेटी अमृता शिवम यूक्रेन के कीव विश्वविद्यालय में चिकित्सा की छात्रा हैं, हमले के बाद चिंतित हैं. उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "मैं उसे वापस लौटने के लिए बुला रहा था, जब भारत सरकार ने उड़ानें तैनात की थीं और माहौल अपेक्षाकृत शांत था. हालांकि, उसने परिवार से कहा कि वे परीक्षा के बीच में हैं और वे अभी नहीं आ सकते हैं."

वाडिवेलु ने यह भी कहा कि उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर को हस्तक्षेप करने और उनकी बेटी और अन्य छात्रों को लाने का आग्रह किया है, जो यूक्रेन में फंस गए हैं.

चेन्नई के सैदापेट में एक गृहिणी अमुदवल्ली सी. के. (39), जिनका बेटा, कार्तिक नाविक वास्तुकला के द्वितीय वर्ष का छात्र है, ने आईएएनएस को बताया, "मेरा बेटा कीव में है और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट है कि कीव के पास विस्फोट हुआ है, जो कि चिंताजनक है. मुझे नहीं पता कि वह कैसे वापस आएगा और हम तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों के संपर्क में हैं, जिन्होंने हमें बताया कि वे केंद्रीय विदेश मंत्रालय के माध्यम से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं."

हालांकि, जिला कलेक्टरों सहित तमिलनाडु सरकार के अधिकारी लगातार उन अभिभावकों के संपर्क में हैं, जिनके बच्चे यूक्रेन में विभिन्न पाठ्यक्रमों या कोर्स के लिए अध्ययन कर रहे हैं. परिजनों के अनुसार, जिला कलेक्टरों ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार केंद्रीय विदेश मंत्रालय के साथ सीधे संपर्क में है और बच्चों को भारत वापस लाने के लिए कूटनीतिक कदम उठाए जा रहे हैं.

अकेले यूक्रेन में अनुमानित 25,000 भारतीय छात्र हैं जो चिकित्सा, इंजीनियरिंग और विज्ञान से जुड़े कोर्स कर रहे हैं. तमिलनाडु के 2,500 से अधिक छात्रों के यूक्रेन में अध्ययन करने का अनुमान है.

तमिलनाडु सरकार के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और केंद्रीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में है. तमिलनाडु सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "हम केंद्रीय विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं और यूक्रेन में भारतीय दूतावास दिल्ली डेस्क को उचित जानकारी दे रहा है और हमें स्थिति से अवगत कराया जा रहा है."

यूक्रेन में रूसी सैनिकों के जाने और बड़े पैमाने पर युद्ध की संभावना के साथ, यूक्रेन में पढ़ रहे छात्रों के माता-पिता अपने बच्चों को राज्य में वापस लाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 24, 2022 08:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).