पाकिस्तान हाई कोर्ट ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर रूपरेखा पर मांगी रिपोर्ट
पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए रूपरेखा तैयार करने को लेकर संघीय और प्रांतीय सरकारों से एक महीने के भीतर रिपोर्ट मांगी है. शीर्ष अदालत ने 2014 में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक फैसला दिया था. इस फैसले में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर रूपरेखा तैयार करने का सुझाव दिया गया था.
इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) के उच्चतम न्यायालय ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए रूपरेखा तैयार करने को लेकर संघीय और प्रांतीय सरकारों से एक महीने के भीतर रिपोर्ट मांगी है. शीर्ष अदालत ने 2014 में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक फैसला दिया था. इस फैसले में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर रूपरेखा तैयार करने का सुझाव दिया गया था.
न्यायालय ने अपने इस फैसले को लागू किए जाने को लेकर संघीय और प्रांतीय सरकारों से एक महीने के भीतर रिपोर्ट मांगी है. उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई फिर से शुरू की थी और इस संबंध में रिपोर्ट मांगी.
यह भी पढ़ें : महबूबा मुफ्ती की बेटी ने उच्चतम न्यायालय से मांगी मां से मिलने की अनुमति
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के अनुसार अदालत ने 2014 के अपने ऐतिहासिक फैसले में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर रूपरेखा बनाने का सुझाव दिया था. इस निर्णय में की गई सिफारिशों में अल्पसंख्यकों के मामलों को देखने के लिए एक राष्ट्रीय परिषद के गठन का भी प्रस्ताव था.
सुनवाई के दौरान सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के सांसद एवं हिंदू परिषद के अध्यक्ष रमेश कुमार ने अदालत से अनुरोध किया कि ‘‘इवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) का अध्यक्ष अल्पसंख्यक समूह से होना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ईटीपीबी के 23 सदस्यों में से 15 मुस्लिम हैं.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 04, 2019 04:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

