Nepal Landslides: नेपाल के बागलुंग में मूसलाधार बारिश के बाद तबाही; 10 लोगों की मौत और 1 लापता
नेपाल के पर्वतीय जिले बागलुंग में सप्ताहांत से जारी मूसलाधार बारिश के चलते भीषण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और एक महिला लापता है. अधिकारियों के अनुसार, जिले की तमनखोला, निसीखोला और ताराखोला ग्रामीण नगर पालिकाओं में कई रिहायशी मकान मलबे में दब गए और कई घर बह गए.
काठमांडू/बागलुंग: नेपाल में मानसूनी बारिश के ताजा दौर ने पश्चिमी पर्वतीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है. Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, गंडकी प्रांत के बागलुंग जिले में भारी बारिश के बाद पहाड़ धंसने से कई गांवों में मकान मलबे के नीचे दब गए.
बागलुंग जिला पुलिस प्रमुख पुलिस अधीक्षक (SP) फणींद्र प्रसाई ने पुष्टि की है कि रविवार को विभिन्न स्थानों से नौ शव बरामद किए गए और एक व्यक्ति लापता हुआ, जबकि शनिवार को भी एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई थी.
तीन ग्रामीण नगर पालिकाएं सबसे ज्यादा प्रभावित
The Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, भूस्खलन की सबसे घातक घटनाएं जिले के तीन प्रमुख स्थानीय निकायों में दर्ज की गईं:
- तमनखोला (4 मौतें, 1 लापता): तमनखोला-3 के धरणासुक में पहाड़ी ढहने से 80 वर्षीय बुद्धिराज घर्ती और उनकी 66 वर्षीय पत्नी भीमदेवी घर्ती की घर के मलबे में दबने से मौत हो गई. इस गांव में आठ मकान जमींदोज हो गए। वहीं तमनखोला-4 (संतार) में 50 वर्षीय हस्तबीर श्रीपाली और 65 वर्षीय उदीसरा श्रीपाली की जान चली गई, जबकि हस्तबीर की पत्नी अब भी लापता हैं.
- ताराखोला (1 मौत): शनिवार को ताराखोला-5 के धसमर में भूस्खलन से गिरे मकान में दबकर 59 वर्षीय मानबहादुर रोका की मौत हो गई थी.
नेपाल में भूस्खलन
निसीखोला में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत
निसीखोला ग्रामीण नगरपालिका में रविवार को बेहद दर्दनाक हादसा पेश आया:
- मां और तीन बेटों की मौत: निसीखोला-3 (जुग्जाखोला/हदधारा) में भारी भूस्खलन सीधे एक मकान पर आ गिरा. हादसे में 36 वर्षीय श्यामकुमारी बीके और उनके तीन नाबालिग बेटों—13 वर्षीय मनोज, 8 वर्षीय मुकेश और 3 वर्षीय मासूम निशान—की मौके पर ही मौत हो गई.
- गौशाला पर गिरा मलबा: निसीखोला-6 के रंगील में एक अन्य घटना में 50 वर्षीय सूर्यबहादुर घर्ती की उस समय मौत हो गई, जब उनकी गौशाला पर अचानक पहाड़ी मलबा गिर पड़ा.
सेना के हेलीकॉप्टर से बचाव कार्य, समय पर चेतावनियों ने बचाई जानें
आपदा की सूचना मिलने के बाद नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत कार्यों में जुट गईं:
- The Rising Nepal की रिपोर्ट के अनुसार, लगातार बारिश और सड़क मार्ग कट जाने के कारण दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए नेपाली सेना के विशेष हेलीकॉप्टर की मदद ली गई.
- बागलुंग के मुख्य जिला अधिकारी (CDO) कृष्ण प्रसाद आचार्य ने बताया कि मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की प्रारंभिक चेतावनियों (Early Warnings) के चलते कई परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया था, जिससे हताहतों की संख्या सीमित रखने में मदद मिली.
देशव्यापी प्राकृतिक आपदा से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
बागलुंग में हुई तबाही नेपाल में गुरुवार से जारी व्यापक मौसमी संकट का हिस्सा है:
- नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, लगातार बारिश से देशभर की नदियां उफान पर हैं, सड़कें टूट चुकी हैं और दर्जनों पुल बह गए हैं.
- कई प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं के उत्पादन पर भी असर पड़ा है. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में जलभराव और नए भूस्खलन की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित शिविरों में शरण लेने की अपील की है.