Nepal Flood Update: रसुवा भोटेकोशी में मिले लावारिस शवों की पहचान के लिए नेपाल पुलिस ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल
नेपाल पुलिस शवों की पहचान के लिए तस्वीरें, फिंगरप्रिंट और जरूरत पड़ने पर DNA नमूने भी एकत्र कर रही है. यदि समय पर पहचान संभव नहीं होती है, तो कुछ मामलों में अस्थायी रूप से टैग लगाकर दफनाने की भी तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में पहचान होने पर रिकॉर्ड का मिलान किया जा सके.
Nepal Flood Update: नेपाल पुलिस ने रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बरामद हुए अज्ञात और लावारिस शवों की पहचान में मदद के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है. नेपाल पुलिस के आधिकारिक X हैंडल @NepalPoliceHQ ने शनिवार, 29 अगस्त को इसकी जानकारी साझा करते हुए लोगों से QR कोड स्कैन करने या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर जानकारी देखने की अपील की. Nepal Flash Floods: महाराष्ट्र के 106 पर्यटक सुरक्षित भारत लौटे, 84 और लोगों की आज होगी वापसी
नेपाल पुलिस ने अपने पोस्ट में कहा कि "रसुवा जिले की भोटेकोशी में आई बाढ़ से प्रभावित अज्ञात और लावारिस शवों से संबंधित जानकारी QR कोड स्कैन करके या आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है."
नेपाल पुलिस ने लावारिस शवों की पहचान के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया:
नेपाल पुलिस ने लावारिस शवों की पहचान के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया:
रसुवा जिल्ला भोटेकोशीमा आएको बाढीबाट प्रभावित "पहिचान नखुलेका तथा बेवारिसे शव" सम्बन्धी विवरणहरूका लागि QR Scan वा https://udb.nepalpolice.gov.np/dead-bodies हेर्न सक्नुहुन्छ.
26 अगस्त को आई थी भीषण फ्लैश फ्लड
26 अगस्त की सुबह नेपाल-चीन सीमा पर तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आया. इस बाढ़ ने तिमुरे, रसुवागढ़ी और स्याब्रुबेसी समेत कई इलाकों को प्रभावित किया. इसके बाद पानी त्रिशूली नदी के रास्ते अन्य जिलों तक पहुंच गया.
प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऊपरी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के बड़े हिमस्खलन या भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह कुछ समय के लिए रुक गया था. बाद में अचानक पानी और मलबे का तेज बहाव नीचे की ओर आया, जिससे व्यापक तबाही हुई.
मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही, हजारों लोग अब भी लापता
शनिवार सुबह तक अधिकारियों ने आठ जिलों से करीब 616 से 626 शव बरामद किए हैं. सबसे अधिक शव चितवन जिले से मिले हैं. इसके अलावा नवलपरासी पूर्व, गोरखा, नुवाकोट, धादिंग, तनहूं, नवलपरासी पश्चिम और रसुवा जिलों से भी शव बरामद हुए हैं. नेपाल पुलिस और राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार 2,400 से अधिक लोग अब भी लापता हैं.
लापता लोगों में स्थानीय निवासी, सुरक्षाकर्मी, कस्टम और इमिग्रेशन कर्मचारी, जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारी, विदेशी नागरिक और विदेश से नेपाल आए नेपाली नागरिक भी शामिल हैं. हजारों लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन राहत और खोज अभियान अभी भी जारी है.
ऑनलाइन पोर्टल पर मिलेगी शवों की पूरी जानकारी
नेपाल पुलिस द्वारा शुरू किए गए पोर्टल पर अज्ञात शवों की तस्वीर, लिंग, शव मिलने का स्थान और बरामदगी की तारीख या समय जैसी जानकारी उपलब्ध कराई गई है. परिजन QR कोड स्कैन करके या सीधे पोर्टल पर जाकर जानकारी देख सकते हैं और यह पता लगा सकते हैं कि उनका कोई लापता रिश्तेदार बरामद शवों में शामिल है या नहीं.
अस्पतालों और मुर्दाघरों पर बढ़ा दबाव
बड़ी संख्या में शव मिलने के कारण कई जिलों के मुर्दाघरों में क्षमता से अधिक दबाव बन गया है. चितवन सहित कई स्थानों पर अस्थायी शव संरक्षण केंद्र बनाए गए हैं. कई शवों को दस्तावेजीकरण, पोस्टमार्टम और सुरक्षित रखने के लिए काठमांडू, पोखरा और अन्य अस्पतालों में भेजा गया है.
नेपाल पुलिस शवों की पहचान के लिए तस्वीरें, फिंगरप्रिंट और जरूरत पड़ने पर DNA नमूने भी एकत्र कर रही है. यदि समय पर पहचान संभव नहीं होती है, तो कुछ मामलों में अस्थायी रूप से टैग लगाकर दफनाने की भी तैयारी की जा रही है, ताकि भविष्य में पहचान होने पर रिकॉर्ड का मिलान किया जा सके.
सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाएं भी प्रभावित
इस भीषण आपदा में सड़कें, पुल, जलविद्युत परियोजनाएं और सीमा से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के हजारों जवान राहत, बचाव और खोज अभियान में लगे हुए हैं. हेलीकॉप्टरों की मदद से भी राहत कार्य चलाया जा रहा है. अधिकारियों ने ऊपरी क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए समय-समय पर अलर्ट भी जारी किए हैं. नेपाल पुलिस का यह ऑनलाइन पोर्टल प्रभावित परिवारों को अपने लापता परिजनों की जानकारी उपलब्ध कराने और शवों की पहचान में मदद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.