Nepal Flood Miracle Rescue: त्रिशूली-3 'A' जलविद्युत परियोजना की सुरंग से 9 दिन बाद 2 कर्मचारी सुरक्षित निकाले गए; अब तक 1,280 से अधिक मौतें, राहत अभियान तेज
नेपाल में 26 अगस्त को आए विनाशकारी फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के नौ दिन बाद बचाव दलों को शुक्रवार सुबह एक बड़ी सफलता हाथ लगी. रसुवा जिले में स्थित 'त्रिशूली-3 ए' जलविद्युत परियोजना की बाढ़ और मलबे से भरी सुरंग से दो कर्मचारियों को जीवित बाहर निकाला गया है. इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,280 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं.
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काठमांडू: नेपाल (Nepal) के रसुवा और नुवाकोट क्षेत्र में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के मलबे के बीच राहत कार्यों में जुटी बचाव टीमों को शुक्रवार सुबह एक चमत्कारिक सफलता मिली. त्रिशूली-3 'ए' (Trishuli-3 'A') जलविद्युत परियोजना की लगभग जलमग्न हो चुकी सुरंग में नौ दिनों से फंसे दो तकनीकी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है.
नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल (APF) के संयुक्त कार्यबल ने शुक्रवार तड़के यह जटिल ऑपरेशन पूरा किया. बचाए गए श्रमिकों की पहचान 45 वर्षीय मैकेनिकल सुपरवाइजर कबीर महर्जन और 30 वर्षीय मैकेनिकल फोरमैन संजय साह के रूप में हुई है. यह भी पढ़ें: Nepal Flood Update: रसुवा भोटेकोशी में मिले लावारिस शवों की पहचान के लिए नेपाल पुलिस ने शुरू किया ऑनलाइन पोर्टल
सुरंग के अंदर से आई आवाज, फिर शुरू हुआ सघन अभियान
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार तड़के सुरंग के मुहाने और शाफ्ट के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों को मलबे के भीतर से इंसानी आवाजें सुनाई दीं.
- ध्वनि संपर्क: बचाव कर्मियों ने जब आवाज देकर प्रतिक्रिया मांगी, तो अंदर से पुकार आई, जिससे यह पुष्टि हो गई कि सुरंग के भीतर जीवन बचा हुआ है.
- जोखिम भरा रास्ता: इसके तुरंत बाद सेना और पुलिस के गोताखोरों व इंजीनियरों ने दलदल, कीचड़ और पानी से भरी बेहद संकरी भूमिगत सुरंग में प्रवेश किया और कई घंटों की मशक्कत के बाद दोनों कर्मियों तक पहुंचकर उन्हें बाहर निकाला.
आपातकालीन चिकित्सा और एयरलिफ्ट
सुरंग से बाहर लाते ही दोनों कर्मियों को प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता और पूरक ऑक्सीजन (Supplemental Oxygen) दी गई:
- संजय साह की स्थिति: संजय साह को तुरंत नुवाकोट के स्थानीय त्रिशूली अस्पताल ले जाया गया. सेना के अनुसार उनकी शारीरिक स्थिति स्थिर और सामान्य बनी हुई है.
- कबीर महर्जन एयरलिफ्ट: कबीर महर्जन अत्यधिक शारीरिक कमजोरी, डिहाइड्रेशन और हाथ-पैरों में गतिशीलता की समस्या से जूझ रहे थे, जिसके चलते उन्हें सेना के हेलीकॉप्टर से सीधे काठमांडू स्थित छावनी सैन्य अस्पताल एयरलिफ्ट किया गया.
त्रिशूली-3 'A' टनल से 9 दिन बाद मजदूरों को ज़िंदा बचाया गया
VIDEO | Trishuli, Nepal: Two people rescued alive from Trishuli–3 'A' Hydropower Project after 9 days; search for others continues.
(Source: Security Force)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/wQEU3VGuoh
— Press Trust of India (@PTI_News) September 4, 2026
VIDEO | Nepal: A person identified as Sanjay Shah rescued alive from the tunnel of Trishuli–3 'A' Hydropower Project nine days after the devastating flash floods. Visuals of the rescued person.
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/d8jp61yd2p) pic.twitter.com/sGlDwP1ZF8
— Press Trust of India (@PTI_News) September 4, 2026
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने से आई थी तबाही
यह आपदा 26 अगस्त 2026 को नेपाल-तिब्बत सीमा के समीप एक ग्लेशियर के ढहने (Ice-rock avalanche) से शुरू हुई थी.
- अचानक जलस्तर में उछाल: ग्लेशियर टूटने से त्रिशूली और भोटे कोशी नदी घाटियों में अचानक भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और भारी बोल्डर बहकर नीचे आ गए.
- भूमिगत ढांचे जलमग्न: इस सैलाब ने नदी किनारे स्थित आधा दर्जन से अधिक जलविद्युत परियोजनाओं के पावरहाउस, बैराज और भूमिगत सुरंगों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे ड्यूटी पर तैनात सैकड़ों इंजीनियर और श्रमिक वहीं फंस गए.
अन्य श्रमिकों के जीवित होने की आस, मौत का आंकड़ा 1,280 के पार
महर्जन और साह के सुरक्षित बाहर आने के बाद बचाव दलों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है:
- भीतर से और प्रतिक्रियाएं: अधिकारियों का कहना है कि सुरंग के और गहरे हिस्सों से कुछ अन्य आवाजें सुनाई देने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद उच्च क्षमता वाले डीवाटरिंग पंप और एयर वेंटिलेशन उपकरण लगाकर रास्ता साफ किया जा रहा है.
- व्यापक मानवीय क्षति: नेपाल आपदा प्रबंधन और पुलिस के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 1,280 से अधिक लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं. लापता लोगों में कई स्थानीय नागरिकों व तीर्थयात्रियों के साथ-साथ जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत विदेशी व घरेलू तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2026 11:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

