Chile Oarfish: चिली के तट पर बहकर आई 16 फीट लंबी रहस्यमयी 'डूम्सडे फिश'; भूकंप और सुनामी की लोककथाओं के बीच वैज्ञानिकों ने बताया असली कारण

दक्षिण अमेरिकी देश चिली के अरिका तट पर लगभग 16 फीट लंबी दुर्लभ 'ओरफिश' मिलने के बाद स्थानीय लोगों में किसी संभावित प्राकृतिक आपदा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. लोककथाओं में 'डूम्सडे फिश' के नाम से चर्चित यह गहरे समुद्र की मछली अक्सर भूकंप या सुनामी की चेतावनी से जोड़कर देखी जाती रही है.

सैंटियागो: चिली के उत्तरी तटीय शहर अरिका में समुद्र किनारे लगभग 16 फीट (करीब 5 मीटर) लंबी सर्पाकार 'ओरफिश' बहकर किनारे पहुंच गई. मंगलवार, 20 अक्टूबर को स्थानीय मछुआरों द्वारा देखी गई इस दुर्लभ मछली ने सोशल मीडिया और तटीय इलाकों में एक बार फिर सदियों पुरानी उस लोकमान्यता को हवा दे दी है, जिसमें इसे भूकंप और सुनामी जैसे विनाशकारी खतरों का अग्रदूत माना जाता है.

अरिका क्षेत्र नाज्का (Nazca) और साउथ अमेरिकन टेक्टोनिक प्लेटों के अत्यधिक सक्रिय सबडक्शन ज़ोन के करीब स्थित है, जहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं. इस भौगोलिक संवेदनशीलता के कारण इस घटना ने स्थानीय लोगों का ध्यान तेजी से खींचा.

जापानी पौराणिक कथाएं और 2011 का संदर्भ

वैज्ञानिक रूप से Regalecus glesne नाम से जानी जाने वाली ओरफिश को लोक परंपराओं में 'प्रलय की मछली' (Doomsday Fish) भी कहा जाता है:

वैज्ञानिकों का रुख: भूकंप से कोई संबंध नहीं

समुद्री वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने किसी भी तरह की घबराहट या अफवाहों को खारिज किया है:

किनारे पर क्यों आती हैं ओरफिश?

समुद्री जीवविज्ञानियों के अनुसार, गहरे समुद्र के जीवों का तट पर आना पूरी तरह से जैविक और पर्यावरणीय कारणों से जुड़ा होता है:

विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक स्वाभाविक जैविक घटना (Natural Biological Stranding) है, जिसे अंधविश्वास के बजाय समुद्री पारिस्थितिकी के सामान्य अध्ययन के तौर पर देखा जाना चाहिए.

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