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Tibet Earthquake: तिब्बत में 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही; 16 की मौत, 32 घायल और 300 से अधिक मकान धराशायी

तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में गुरुवार को आए 7.0 तीव्रता के भीषण भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 32 अन्य घायल हो गए. ल्हासा आपातकालीन प्रबंधन ब्यूरो के अनुसार, शुक्रवार तड़के तक मिले आंकड़ों के मुताबिक घायलों में 11 की हालत गंभीर बनी हुई है। भूकंप के झटकों से 300 से अधिक मकान ढह गए हैं.

Tibet Earthquake: तिब्बत में 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से भारी तबाही; 16 की मौत, 32 घायल और 300 से अधिक मकान धराशायी
Tibet Earthquake (Photo Credits: kumarsubodh_)

ल्हासा: तिब्बत में गुरुवार को आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान पहुंचाया है. स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन ब्यूरो द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 32 लोग घायल हुए हैं.

शुक्रवार तड़के तक प्राप्त अद्यतन जानकारी के अनुसार, घायलों में 11 लोगों की स्थिति नाजुक है, जिनका नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में उपचार चल रहा है, जबकि 21 अन्य को हल्की चोटें आई हैं। भूकंप के तेज झटकों से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में 300 से ज्यादा आवासीय मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं.

बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू

चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रांतीय प्रशासन ने आपातकालीन तंत्र को सक्रिय कर दिया है:

  • सुरक्षा बलों की तैनाती: भूकंप के केंद्र के आसपास के क्षेत्रों में मलबे में दबे लोगों को निकालने और सहायता पहुंचाने के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को रवाना किया गया है.
  • बचाव दल मौके पर: क्षेत्रीय अग्निशमन एवं बचाव कोर (Regional Fire and Rescue Corps) के 347 विशेष प्रशिक्षित कर्मियों को आधुनिक उपकरणों के साथ प्रभावित गांवों में तैनात किया गया है.
  • नुकसान का आकलन: दुर्गम पर्वतीय इलाका होने के कारण प्रशासन ड्रोन और ग्राउंड टीमों के जरिए आधारभूत संरचना, सड़कों और पुलों को पहुंचे कुल नुकसान का विस्तृत आकलन कर रहा है.

तिब्बत में भूकंप

जमीन के 173 किलोमीटर नीचे था केंद्र

भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) द्वारा दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, इस भूकंप की गहराई जमीन के नीचे लगभग 173 किलोमीटर थी। इसका केंद्र तिब्बत की राजधानी ल्हासा से करीब 400 किलोमीटर दूर स्थित था.

गहराई अधिक होने के बावजूद रिक्टर पैमाने पर 7.0 की तीव्रता होने के कारण झटके काफी विस्तृत क्षेत्र में महसूस किए गए, जिससे कमजोर संरचनाओं वाले कच्चे मकान ढह गए.

तिब्बत-नेपाल क्षेत्र में लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाएं

यह भूकंप ऐसे समय आया है जब यह संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्र हाल के महीनों में कई प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है:

  • पिछली भूकंपीय घटनाएं: इससे पहले 3 सितंबर को तिब्बत में 0 तीव्रता का भूकंप 14 किलोमीटर की गहराई पर दर्ज हुआ था. वहीं जनवरी 2025 में 6.8 तीव्रता के एक भीषण भूकंप ने 120 से अधिक लोगों की जान ले ली थी.
  • अगस्त की विनाशकारी बाढ़: इस क्षेत्र में 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पर बर्फ और चट्टान खिसकने (Ice-rock avalanche) से भीषण फ्लैश फ्लड आया था, जिसमें 1,400 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और कई जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं.
  • ग्लेशियर पिघलने का खतरा: भू-वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तापमान में वृद्धि और तेजी से सिकुड़ते ग्लेशियरों के कारण छिंगहाई-तिब्बत पठार (Qinghai-Tibet Plateau) में भूकंप, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 23, 2026 11:01 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).