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राजनीति, खेल और विज्ञान समेत दिनभर की सारी बड़ी खबरें, एक साथ और तुरंत.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

राजनीति, खेल और विज्ञान समेत दिनभर की सारी बड़ी खबरें, एक साथ और तुरंत. हम यह पेज लगातार अपडेट कर रहे हैं. दिनभर की सारी खबरें एक साथ, एक जगह और तुरंत पाने के लिए बने रहें हमारे साथ.- एसएफजे ने दी भारतीय कांसुलेट पर कब्जे की धमकी

- उत्तराखंड में भारी बारिश से अब तक 15 लोगों की मौत

- ट्रंप ने फोन पर मोदी को कहा, हैपी बर्थडे

राजनाथ सिंह: भारत-पाक संघर्ष रोकने में तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं

भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार, 17 सितंबर को जोर देकर कहा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष पूरी तरह से द्विपक्षीय मामला है और उन्होंने किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की गुंजाइश को खारिज कर दिया. हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा, "कुछ लोग पूछ रहे हैं कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम किसी के हस्तक्षेप के कारण हुआ है. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं. आतंकवादियों के खिलाफ अभियान किसी के हस्तक्षेप के कारण स्थगित नहीं हुआ था."

उन्होंने कहा कि "आज का भारत ना केवल बातचीत की मेज पर बल्कि दुश्मन की आंखों में आंखें डालकर जवाब देने में भी सक्षम है."

उत्तर प्रदेश: दूसरी बार काटने पर कुत्तों को होगी 'उम्रकैद'

उत्तर प्रदेश सरकार ने आक्रामक कुत्तों को लेकर नए निमय बनाए हैं. राज्य सरकार ने कहा है कि जो कुत्ते बिना किसी उकसावे के एक बार इंसान को काट लेते हैं, उन्हें 10 दिनों के लिए पशु केंद्र में रखा जाएगा. कुत्तों को शुरुआती 10 दिन की हिरासत के बाद रिहा करने से पहले उनके शरीर में माइक्रोचिप लगाई जाएगी, ताकि उनके व्यवहार पर निगरानी रखी जा सके. और जो कुत्ते दोबारा ऐसा करेंगे, उन्हें बाकी दिन वहीं रहना होगा, यानी उन्हें आजीवन कारावास की सजा होगी. इसके बाद इन जानवरों के लिए एकमात्र रास्ता यही होगा कि कोई उन्हें गोद लेने के लिए राजी हो जाए और एक हलफनामा दे कि उन्हें फिर कभी सड़कों पर नहीं छोड़ा जाएगा.

यूरोप में इस साल क्लाइमेट चेंज के कारण 16,500 मौतें

यूरोप में इस साल गर्मी के दौरान रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव से लगभग 16,500 मौतें सीधे जलवायु परिवर्तन के कारण हुईं. वैज्ञानिकों ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी कर यह अनुमान जाहिर किया है. यह संख्या आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित नहीं है, बल्कि तात्कालिक मॉडलिंग अध्ययन से निकाला गया है.

ब्रिटेन के शोधकर्ताओं ने पाया कि जून से अगस्त के बीच 854 यूरोपीय शहरों में औसतन तापमान 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. इससे लगभग 24,400 अतिरिक्त मौतें हुईं, जिनमें से करीब 70 फीसदी का कारण जीवाश्म ईंधन के कारण बढ़ी गर्मी को माना गया.

लंदन के इम्पीरियल कॉलेज और लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के वैज्ञानिकों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन ने इस साल हीटवेव से होने वाली मौतों की संख्या को लगभग तीन गुना कर दिया. सबसे अधिक अनुमानित मौतें रोम (835) में हुईं. इसके बाद एथेंस (630) और पेरिस (409) का स्थान रहा. कुल मौतों में से 85 फीसदी से ज्यादा बुजुर्ग (65 वर्ष से ऊपर) थे.

अध्ययन ने चेतावनी दी कि आंकड़े “संयमित” हैं और वास्तविक संख्या और भी अधिक हो सकती है. 2023 में नेचर मेडिसिन के एक अध्ययन में यूरोप में गर्मी के कारण 47,000 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई थीं. शोधकर्ताओं ने कहा कि यह यूरोप के सभी क्षेत्रों को कवर नहीं करता, लेकिन यह साफ है कि सिर्फ 2 से 4 डिग्री की वृद्धि भी हजारों जिंदगियां ले सकती है. इस साल यूरोप का चौथा सबसे गर्मी भरा ग्रीष्मकाल दर्ज हुआ.

2024 में 140 से अधिक पर्यावरण रक्षकों की हत्या

गैर-सरकारी संगठन ग्लोबल विटनेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में दुनिया भर में कम से कम 142 पर्यावरण कार्यकर्ता मारे गए, तथा चार अन्य लापता हो गए. रिपोर्ट में कहा गया है कि लातिन अमेरिका पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिए सबसे खतरनाक क्षेत्र है, जहां कई मामले अभी भी अनसुलझे हैं. इसके शिकार लोगों में मूल निवासी, किसान और कार्यकर्ता, सभी शामिल हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक हमले करने वाले अधिकतर आपराधिक समूह थे, हालांकि राज्य सुरक्षा बलों से जुड़ी घटनाएं भी दर्ज की गईं. कोलंबिया "पर्यावरण रक्षकों" के लिए सबसे खतरनाक देश है, जहां 48 लोग मारे गए, ग्वाटेमाला में 20 और मेक्सिको में 18 कार्यकर्ताओं को मारा गया.

पीएम मोदी का 75वां जन्मदिन: दुनियाभर से शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने 75वें जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के धार जिले में एक जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि यह “नया भारत” है, जो परमाणु धमकियों से डरता नहीं है. पीएम मोदी ने दावा किया कि भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को “पलभर में घुटनों पर ला दिया” और आतंकवादियों के लॉन्च पैड तबाह कर दिए.

रैली के दौरान पीएम मोदी ने ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ और ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ अभियानों की शुरुआत की. उन्होंने प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल पार्क (पीएम मित्रा) की आधारशिला भी रखी. कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे और गर्मजोशी से उनका स्वागत किया.

इसी बीच, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा, “आज वैश्विक समुदाय भी आपके मार्गदर्शन पर विश्वास जता रहा है. ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि आप हमेशा स्वस्थ और प्रसन्न रहें और अपने अद्वितीय नेतृत्व से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं.”

दुनियाभर के कई नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं. न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्रियों ने तो ट्विटर पर वीडियो संदेश पोस्ट किए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन्हें फोन करके बधाई दी.

उसैन बोल्ट बोले, अब सीढ़ियां चढ़ते सांस फूलती है

आठ बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और 11 बार के विश्व चैंपियन उसैन बोल्ट ने 2017 में एथलेटिक्स को अलविदा कह दिया था. 100 मीटर, 200 मीटर और 4x100 मीटर रिले के विश्व रिकॉर्ड उनके नाम हैं, जिन्हें अब तक कोई तोड़ नहीं पाया. लेकिन अब बोल्ट मानते हैं कि “फादर टाइम” उन पर हावी हो चुका है.

बोल्ट ने द गार्डियन से कहा, “मैं ज्यादातर जिम वर्कआउट करता हूं. मुझे इसका बहुत शौक नहीं है, लेकिन अब जबकि मैं खेल से दूर हूं, मुझे फिर से दौड़ना शुरू करना होगा. क्योंकि जब मैं सीढ़ियां चढ़ता हूं तो सांस फूल जाती है. मुझे लगता है कि अगर मैं दोबारा पूरी तरह ट्रेनिंग शुरू करूं, तो सांस दुरुस्त करने के लिए मुझे कुछ राउंड दौड़ने ही होंगे.”

द गार्डियन अखबार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मैं आमतौर पर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए समय पर उठ जाता हूं. अगर काम नहीं है तो बस घर पर आराम करता हूं. कभी-कभी मूड हुआ तो वर्कआउट करता हूं. सीरीज देखता हूं, बच्चों के साथ वक्त बिताता हूं. जब वो परेशान करने लगते हैं तो मैं निकल जाता हूं. बाद में मूवी देखता हूं या फिर लेगो बनाने में लगा रहता हूं.”

बोल्ट अब ट्रैक पर नहीं दौड़ते, लेकिन उनका करिश्मा एथलेटिक्स में अब भी महसूस किया जाता है. हाल ही में वर्ल्ड चैंपियनशिप में वह दर्शकदीर्घा से खिलाड़ियों को देख रहे थे.

रॉबर्ट रेडफर्ड के निधन पर दुनियाभर से श्रद्धांजलि

हॉलीवुड और दुनिया भर के फिल्म प्रेमियों ने दिग्गज अभिनेता, ऑस्कर विजेता निर्देशक और सनडांस फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक रॉबर्ट रेडफर्ड के निधन पर गहरा शोक जताया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने उन्हें “बेहतरीन अभिनेता” कहा.

रेडफर्ड का मंगलवार को यूटा के पहाड़ों में स्थित अपने घर पर निधन हुआ. वह 89 वर्ष के थे. उनके प्रवक्ता ने बताया कि वह अपने प्रियजनों के बीच शांतिपूर्वक दुनिया से विदा हुए.

अभिनेत्री जेन फोन्डा ने कहा, “सुबह यह खबर सुनकर मैं रो पड़ी. वह हर मायने में खूबसूरत इंसान थे और उस अमेरिका की पहचान थे जिसके लिए हमें लगातार लड़ना है.”

एक्टर लियोनार्डो डिकैप्रियो ने उन्हें “हमारी पीढ़ी का सच्चा पर्यावरण योद्धा और राजनीतिक थ्रिलर का अग्रणी” बताया. निर्देशक मार्टिन स्कॉर्सेसी ने कहा कि रेडफर्ड ने “अमेरिकी सिनेमा को कुछ ऐसा दिया जो हमेशा रहेगा.”

अभिनेता सैमुअल एल. जैक्सन ने रेडफर्ड के साथ स्क्रीन साझा करने को “सपना सच होना” कहा. रीस विदरस्पून और केरी वॉशिंगटन ने सनडांस के जरिए कलाकारों को मिली पहचान और सीख को उनकी सबसे बड़ी देन बताया.

पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने उन्हें “एक सच्चा अमेरिकी आइकन” कहते हुए उन्हें याद किया. रेडफर्ड का करियर बुच कैसिडी एंड द सनडांस किड, ऑल द प्रेसिडेंट्स मेन और द वे वी वेयर जैसी क्लासिक फिल्मों से लेकर पर्यावरण और कला के लिए किए गए सक्रिय काम तक फैला रहा.

माओवादियों ने रोकी लड़ाई, बातचीत को तैयार

भारत के माओवादी विद्रोहियों ने मंगलवार को एकतरफा "सशस्त्र लड़ाई" निलंबित करने का एलान किया. उन्होंने कहा कि वे सरकार से संवाद शुरू करने के लिए तैयार हैं. यह एलान सरकार की दशकों पुराने आंदोलन को समाप्त करने के लिए चल रही सख्त कार्रवाई के बीच आया है.

विद्रोही संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के प्रवक्ता अभय ने बयान में कहा, “बदले हुए वैश्विक और राष्ट्रीय हालात और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की लगातार अपीलों के चलते हमने सशस्त्र संघर्ष निलंबित करने का फैसला किया है. हम सरकार से संवाद शुरू करने को तैयार हैं.” सरकार की ओर से इस घोषणा पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.

भारत दशकों से चली आ रही नक्सलवादी बगावत को पूरी तरह खत्म करने के अभियान में जुटा है. यह विद्रोह 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से शुरू हुआ था और अब तक 12,000 से अधिक विद्रोही, सैनिक और नागरिक मारे जा चुके हैं.

अभय ने कहा कि संगठन “शांति पहलों के प्रति प्रतिबद्ध” है और “बदले हुए हालात में भी नेताओं व प्रभावशाली संगठनों के साथ संवाद जारी रखेगा.”

सरकार ने हाल के महीनों में चेतावनी दी है कि अगले साल मार्च तक विद्रोह का सफाया कर दिया जाएगा. सोमवार को सुरक्षाबलों ने एक शीर्ष नक्सल कमांडर को मार गिराया, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम था. इससे पहले मई में संगठन के मुखिया नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजु भी 26 अन्य विद्रोहियों के साथ मारे गए थे.

2000 के दशक में विद्रोहियों की संख्या 15,000 से 20,000 तक थी और वे देश के लगभग एक-तिहाई हिस्से पर प्रभाव रखते थे. लेकिन हाल के वर्षों में आंदोलन काफी कमजोर पड़ा है और पिछले साल से अब तक 400 से अधिक विद्रोही मारे जा चुके हैं, जिनमें कई शीर्ष कमांडर शामिल हैं.

भारत में ड्रग्स तस्करी के आरोप में 660 विदेशी गिरफ्तार

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि पिछले साल भारत भर में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में 660 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें नेपाली (203), नाइजीरियाई (106) और म्यांमारी (25) सबसे ऊपर हैं.

एनसीबी द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से पता चलता है कि उसने नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों के लिए 18 बांग्लादेशी नागरिकों के अलावा आइवरी कोस्ट के 14, घाना के 13 और आइसलैंड के 10 नागरिकों को भी गिरफ्तार किया है.

उत्तराखंड में बादल फटने से भूस्खलन और अचानक बाढ़ से 15 लोगों की मौत

उत्तराखंड के देहरादून और आसपास के जिलों में बादल फटने से हुए भूस्खलन और नदियों के उफान पर आने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है और 16 लापता हैं. आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि मंगलवार को देहरादून में 13 और पिथौरागढ़ व नैनीताल में एक-एक शव बरामद किया गया. उत्तराखंड के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि खराब मौसम के बीच लापता लोगों की तलाश जारी है, जबकि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दमकल कर्मियों ने फंसे हुए ज्यादातर लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है. देहरादून में मंगलवार की सुबह भारी बारिश के बाद बादल फटा था और कई जगहों पर बाढ़ आने से मकान और दुकानों को नुकसान हुआ.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तराखंड के कुछ हिस्सों के लिए 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है. साथ ही भारी से बहुत भारी बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने का अनुमान भी जताया है. सहस्त्रधारा, मालदेवता, टपकेश्वर महादेव मंदिर, डीआईटी कॉलेज क्षेत्र और भगत सिंह कॉलोनी उन इलाकों में शामिल हैं जो बादल फटने से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

दिल्ली का प्रदूषण लाल किले को पहुंचा रहा नुकसान: शोध

भारत और इटली द्वारा मिलकर किए गए एक अध्ययन में पाया गया है कि दिल्ली की बिगड़ती वायु गुणवत्ता प्रतिष्ठित लाल किले को नुकसान पहुंचा रही है. इसमें 17वीं शताब्दी के स्मारक की लाल बलुआ पत्थर की दीवारों पर प्रदूषकों की काली परतें जमने की बात कही गई है. अध्ययन कहता है कि काली परतें जमने से लाल किले की संरचना और सौंदर्य को खतरा पैदा हो रहा है.

यह स्टडी 'कैरेक्टराइजेशन ऑफ रेड सैंडस्टोन एंड ब्लैक क्रस्ट टु एनालाइज एयर पॉल्यूशन इम्पैक्ट्स ऑन अ कल्चरल हेरिटेज बिल्डिंग: रेड फोर्ट, दिल्ली, इंडिया' नाम से है. यह पहली वैज्ञानिक पड़ताल है, जो वायु प्रदूषण से इस स्मारक को हो रहे नुकसान पर ध्यान केंद्रित करती है.

2021 से 2023 तक वायु गुणवत्ता के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए शोधकर्ताओं ने अध्ययन में कहा कि राजधानी में सूक्ष्म कणों की सांद्रता राष्ट्रीय सीमा से ढाई गुना अधिक थी. शोध में पत्थर के क्षय को तेज करने के लिए नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के सामान्य से अधिक स्तर का भी हवाला दिया गया.

ट्रंप ने फोन पर मोदी को कहा, हैपी बर्थडे

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फोन पर बातचीत की, जो तीन महीने में दोनों नेताओं के बीच पहली सार्वजनिक रूप से ज्ञात बातचीत थी. इस दौरान ट्रंप ने मोदी को 75वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मोदी को रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने में मदद की कोशिशों के लिए धन्यवाद दिया, हालांकि बातचीत का ब्यौरा साझा नहीं किया गया.

मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया और लिखा: “हम भारत-अमेरिका साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की आपकी पहलों का समर्थन करते हैं.”

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया: “मेरे मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शानदार फोन कॉल हुआ. उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. वह बेहतरीन काम कर रहे हैं. यूक्रेन युद्ध समाप्त करने में समर्थन के लिए धन्यवाद.”

हालांकि यूक्रेन पर किसी ठोस समझौते का खुलासा नहीं हुआ, लेकिन यह कॉल हालिया महीनों में बढ़े तनाव के बाद संबंधों में नरमी का संकेत माना जा रहा है.

भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच मंगलवार को हुई व्यापार वार्ता को नई दिल्ली ने “सकारात्मक” और “आगे की सोच रखने वाली” बताया. यह बैठक ऐसे समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हाल के महीनों में भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए दंडात्मक शुल्क के बाद अपेक्षाकृत नरम रुख दिखाया है. भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने “दोनों के फायदे वाले व्यापार समझौते को जल्दी पूरा करने के प्रयास तेज करने का फैसला किया.” अगली औपचारिक छठी दौर की वार्ता जल्द होने की उम्मीद है.

पूर्व जर्मन चांसलर मैर्केल ने बताई यूरोपीय संघ की कमियां

जर्मनी की पूर्व चांसलर अंगेला मैर्केल ने यूरोपीय संघ से आह्वान किया है कि वह युद्धों, संकटों और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की संरक्षणवादी नीतियों के बीच एकजुट होकर खड़ा हो और जरूरी सुधार भी करे.

बर्लिन में कोनराड-आडेनावर फाउंडेशन के एक कार्यक्रम में बोलते हुए मैर्केल ने कहा कि रूस, अमेरिका और चीन जैसी भू-राजनीतिक चुनौतियों के सामने कोई भी सदस्य देश अकेले कुछ हासिल नहीं कर सकता. उन्होंने कहा, “हम सब, यहां तक कि आर्थिक रूप से सबसे बड़ा जर्मनी भी, अकेले मैदान में असहाय हैं. यही कारण है कि यूरोप कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है.”

यूरोपीय संघ में सुधार की बहस के बीच मैर्केल ने चेतावनी दी कि राजनीतिक नेतृत्व को “कम और अधिक विनियमन के बीच संतुलन” बनाए रखना होगा. उन्होंने कहा कि लिस्बन संधि की एक कमी यह है कि बड़े बदलावों के लिए यूरोपीय सम्मेलन बुलाना पड़ता है, जिससे संघ खुद को कार्रवाई करने में अक्षम बना सकता है.

मैर्केल ने यह भी आलोचना की कि यूरोपीय संसद अविश्वास प्रस्ताव से आयोग को हटाने का अधिकार तो रखती है, लेकिन उसके बाद नए चुनाव जरूरी नहीं होते. उनके अनुसार, “किसी को पद से हटाना और खुद पर कोई असर न होना असंतुलन है.” लिस्बन संधि 2007 में अपनाई गई थी और दिसंबर 2009 में लागू हुई.

कनाडा: खालिस्तानी चरमपंथी समूह ने दी भारतीय कांसुलेट पर "घेराव" की धमकी

अमेरिका स्थित खालिस्तानी चरमपंथी समूह सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने कनाडा के वैंकूवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की "घेराबंदी" करने की धमकी दी है. खालिस्तान समर्थक समूह ने कहा कि वह गुरुवार को भारतीय वाणिज्य दूतावास का घेराव करेगा और वाणिज्य दूतावास की नियमित यात्रा की योजना बना रहे भारतीय-कनाडाई लोगों से कोई अन्य तारीख चुनने को कहा.

भारतीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक समूह ने एक पोस्टर भी जारी किया जिसमें नए भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है. एक बयान में, समूह ने भारतीय वाणिज्य दूतावासों पर खालिस्तानियों को निशाना बनाकर जासूसी नेटवर्क और निगरानी चलाने का आरोप लगाया है. हाल ही में भारत और कनाडा के राजनयिक संबंधों में सुधार हुआ है और दोनों देशों ने राजनयिकों की नियुक्ति की है. समूह की इस धमकी पर भारत में विदेश मंत्रालय या वैंकूवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं आई है.

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