विदेश

चीन को कितनी भारी पड़ेगी ताइवान की घेराबंदी

ताइवान को घेरकर अलग थलग करने की चीनी कोशिश एक "भयानक जोखिम" होगी.

चीन को कितनी भारी पड़ेगी ताइवान की घेराबंदी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

ताइवान को घेरकर अलग थलग करने की चीनी कोशिश एक "भयानक जोखिम" होगी. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संसद में यह बात कही.मंगलवार को अमेरिकी संसद में हिंद प्रशांत सिक्योरिटी अफेयर्स डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डिफेंस सेक्रेटरी एली रैटनर ने कहा कि ताइवान को घेरने की बीजिंग की कोशिश एक "भयानक जोखिम" होगी और शायद यह नाकाम हो जाएगी. हाउस आर्म्ड सर्विस कमेटी से रैटनर ने कहा, "यह संभव है कि वे सफल नहीं होंगे और ये पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के लिए एक बड़ा जोखिम होगा, उसे यह सोचना और तय करना पड़ेगा कि वह समुद्री जलमार्ग पर व्यावसायिक जहाजों पर हमला करना चाहता है या नहीं."

ताइवान खाड़ीः 130 किलोमीटर चौड़ा रास्ता जो दुनिया की गर्दन बन गया है

रैटनर के मुताबिक, ताइवान की "घेराबंदी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए विध्वंसकारी होगी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बड़े स्तर पर कड़ा जवाब देने के लिए प्रेरित करेगी...बीजिंग इससे बचने की कोशिश करेगा."

चीन करीब साल भर से ताइवान के आस पास बड़े स्तर पर सैन्य अभ्यास कर रहा है. इन सैन्य अभ्यासों में ताइवान के घेरने की प्लानिंग दिखाई पड़ती है. आए दिन चीन के लड़ाकू विमान ताइवान के वायु क्षेत्र में घुस रहे हैं. बीजिंग के युद्धपोत ताइवान के जल क्षेत्र में अकसर दिखाई पड़ते हैं. सोमवार को चीनी लड़ाकू विमानों ने 24 घंटे के भीतर ताइवान के ऊपर 100 से ज्यादा बार उड़ान भरी. ताइपे ने इसे धमकाने की कोशिश करार दिया.

शी का सपना, ताइवान

चीन ताइवान को अपना हिस्सा बताता है. बीजिंग हमेशा जोर देता आया है कि बाकी दुनिया भी "वन चाइना पॉलिसी" के तहत ताइवान को चीन का अंग माने. चीन के साथ कारोबार करने वाले अमेरिका समेत पश्चिमी देश, वन चाइना पॉलिसी के सम्मान की बात करते हैं, लेकिन वे ताइवान की स्वयत्ता के भी पक्षधर हैं. ताकत का इस्तेमाल कर स्वशासित ताइवान को चीन में मिलाने का पश्चिमी देश विरोध करते हैं. हाल के बरसों में ताइवान के आस पास और दूसरी सीमाओं पर चीन का आक्रमक रुख कई देशों को परेशान कर रहा है.

अमेरिका ने कहा ताइवान को जल्द हथियार भेजना जरूरी

अब पश्चिमी देश और चीन के पड़ोसी भी बीजिंग के इस दबदबे का विरोध करने लगे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन तो यह तक कह चुके हैं कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो अमेरिका दखल देगा. अमेरिकी रक्षा अधिकारियों को आशंका है कि चीन 2027 के आस पास ताइवान पर हमला कर सकता है. शी अपने शासन के दौरान ताइवान को चीन में शामिल होते हुए देखना चाहते हैं.

विध्वंसक होगी ताइवान की घेराबंदी

मंगलवार को यूएस संसद में अमेरिकी सेना के वाइस डायरेक्टर ऑफ ज्वाइंट स्टाफ, मेजर जनरल जोसेफ मैकगी ने भी रैटनर से मिलती जुलती बात कही. मैकगी के मुताबिक, घेराबंदी "एक विकल्प जरूर है लेकिन यह शायद सैन्य नहीं होगा....घेराबंदी की बात करना, असली घेराबंदी के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान है."

ताइवान को घेरने से जुड़ी संभावित सैन्य रणनीति का जिक्र करते हुए मैकगी ने कहा, "उन्हें हजारों या लाखों सैनिकों को पूर्वी तट पर तैनात करना होगा और यह एक साफ संकेत देगा." ताइवान के पहाड़ी भूगोल और उसे घेरने वाले समंदर को अमेरिकी मिलिट्री अफसर ने चीन के लिए बड़ी चुनौती बताया.

ओएसजे/एनआर (एएफपी, एपी)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 20, 2023 06:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).