यूक्रेन युद्ध खत्म करने के मिशन पर अमेरिका, सऊदी अरब में डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की हो सकती है मुलाकात
यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के मिशन पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह सऊदी अरब में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की योजना बना रहे हैं. बुधवार सुबह पुतिन के साथ फोन पर बातचीत के बाद, उन्होंने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा कि उनकी कई बैठकें होंगी, और "पहली बार हम सऊदी अरब में मिलेंगे".
न्यूयॉर्क, 13 फरवरी : यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के मिशन पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह सऊदी अरब में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की योजना बना रहे हैं. बुधवार सुबह पुतिन के साथ फोन पर बातचीत के बाद, उन्होंने वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा कि उनकी कई बैठकें होंगी, और "पहली बार हम सऊदी अरब में मिलेंगे".
इसके अलावा, उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि वह यहां आएंगे, और मैं वहां (रूस) जाऊंगा." पुतिन के साथ ट्रंप की लंबी बातचीत उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से उनकी पहली आधिकारिक बातचीत थी, और उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से भी बात की. ट्रुथ सोशल पोस्ट में, उन्होंने कहा कि अमेरिका युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत को बढ़ावा देगा और एक वार्ता दल नियुक्त कर रहा है जिसमें विदेश मंत्री मार्को रुबियो और केंद्रीय खुफिया एजेंसी के निदेशक जॉन रैटक्लिफ शामिल हैं. यह भी पढ़ें : ट्रंप प्रशासन ने खींचा हाथ, अब बर्ड फ्लू को लेकर अमेरिका से जानकारी साझा करना बना चुनौती: डब्ल्यूएचओ
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को म्यूनिख में एक बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और मार्को रुबियो अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. वे म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लेने के लिए वहां जाएंगे, जिसमें कई देशों के विदेश मामलों, रक्षा और सुरक्षा अधिकारी भाग लेंगे. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि वह और पुतिन इस बात पर सहमत हैं कि "हम रूस/यूक्रेन के साथ युद्ध में होने वाली लाखों मौतों को रोकना चाहते हैं". ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की, "राष्ट्रपति पुतिन की तरह शांति चाहते हैं. हमने युद्ध से जुड़े कई विषयों पर चर्चा की".
ट्रंप के लिए यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि वे राष्ट्रपति बनने के 24 घंटे के भीतर इसे समाप्त कर देंगे. लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल थी, पुतिन और जेलेंस्की के साथ बातचीत और एक वार्ता तंत्र बनाना उस लक्ष्य की ओर पहला विलंबित कदम था. इससे पहले बुधवार को रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने यूक्रेन युद्ध के संभावित अंत के लिए शर्तें तय कीं, जिसमें 2014 से पहले की सीमाओं पर वापसी को "अवास्तविक" बताया गया, जब रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था. यह जेलेंस्की के लिए एक कठिन शर्त होगी.
ब्रुसेल्स में यूक्रेन रक्षा संपर्क समूह की बैठक में हेगसेथ ने कहा कि कीव को नाटो की सदस्यता नहीं मिलनी चाहिए, और अमेरिका यूक्रेन में शांति अभियान के लिए सेना नहीं भेजेगा, जो नाटो के छत्र के नीचे नहीं होना चाहिए. पुतिन के साथ बैठक के लिए सऊदी अरब को चुनने से उन्हें गाजा से निपटने का विकल्प भी मिलता है, जहां सऊदी राजघराने का महत्वपूर्ण प्रभाव और हित है ट्रंप ने अभियान के दौरान दावा किया था कि गाजा में युद्ध विराम होगा और हमास उनके पदभार ग्रहण करने से पहले ही इजरायली बंधकों को रिहा कर देगा.
ऐसा हुआ, लेकिन गाजा समझौते के टूटने के संकेत मिल रहे हैं और ट्रंप ने यह कहकर स्थिति को और बिगाड़ दिया है कि अमेरिका फिलिस्तीनी क्षेत्र पर कब्जा कर लेगा और वहां रहने वाले फिलिस्तीनियों को बाहर निकाल देगा.
सऊदी अरब की यात्रा गाजा युद्धविराम समझौते को फिर से शुरू करने में मदद कर सकती है. सऊदी अरब में बैठक की अवधि शायद कम है क्योंकि रमजान, इस्लामी उपवास का महीना, महीने के अंत में शुरू होता है.
जब ट्रंप और पुतिन मिलेंगे, तो यह दोनों देशों के नेताओं के बीच लगभग चार वर्षों में पहली सीधी बैठक होगी. यह अमेरिकी कूटनीति में पूर्व राष्ट्रपति जो बिडेन के समय की तुलना में एक बड़ा बदलाव है, जिन्होंने 2021 में पुतिन से मुलाकात की थी और यह कहते हुए किनारा कर लिया था कि "पुतिन सत्ता में नहीं रह सकते".
अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में ट्रंप ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका और रूस के बीच घनिष्ठ सहयोग को याद करते हुए रूस के प्रति बहुत ही समझौतावादी दृष्टिकोण अपनाया. पुतिन के साथ, उन्होंने कहा "हमने अपने-अपने राष्ट्रों की ताकत और एक साथ काम करने से होने वाले फायदे के बारे में बात की".
यूक्रेन पर आक्रमण के बाद मास्को के अलग-थलग पड़ने से रूस और चीन के बीच घनिष्ठ संबंध मजबूत हुए हैं, जो अमेरिका के लिए चिंता का सबब रहे हैं. एक और मुद्दा है जिससे अमेरिका को रूस के साथ निपटना है, वह है परमाणु समझौता जो अगले साल समाप्त हो रहा है. रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने इस सप्ताह कहा कि नई सामरिक शस्त्र न्यूनीकरण संधि को नवीनीकृत करने की संभावनाएं हैं जो सामरिक परमाणु हथियारों की संख्या और उनके लिए मिसाइलों और विमानों की तैनाती को प्रतिबंधित करती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 13, 2025 09:14 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

