विदेश

पेरिस में अब साइकिल सवारों का राज है

पेरिस की सड़कों पर कभी कारों का जलवा था लेकिन अब साइकिल सवारों की चलती है.

पेरिस में अब साइकिल सवारों का राज है
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

पेरिस की सड़कों पर कभी कारों का जलवा था लेकिन अब साइकिल सवारों की चलती है. रास्ते बंद करके और ऊंची पार्किंग फीस से कारों को रोका जा रहा है और साइकिलों के नए रास्ते बन रहे हैं. अब तो साइकिल लेन में भी जाम लगने लगा है.ट्रिन-ट्रिन... पेरिस के सेबस्टापोल बुलेवार्ड में यह एक व्यस्त समय है और जाम ना सिर्फ धुआं उगलती गाड़ियों से भरी सड़कों पर है बल्कि पर्यावरण प्रेमियों की पहली पसंद साइकिल लेन पर भी. साइकिलसवारों को रास्ता बनाने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है.

चार साल पहले तक यहां सिर्फ कारें ही दिखती थी लेकिन अब साइकिल लेन पर लगा जाम यह बता रहा है कि यहां साइकिल क्रांति कितना बड़ा बदलाव ला चुकी है. रेनॉ, सितोएन और पिजो जैसी कार बनाने वाले देश में कारप्रेमियों का ही बोलबाला था. मगर अब हालात बदल चुके हैं.

एक दशक पहले समाजवादी मेयर आन हिडाल्गो पेरिस को साइकिल प्रेमियों के लिए खतरनाक से सुरक्षित बनाना चाहते थे. अब हालत यह है कि साइकिलसवारों की यहां तूती बोलने लगी है. बाइक और कार वालों की अब पेरिस में कोई पूछ नहीं. जैसे जैसे साइकिल लेन की संख्या और चौड़ाई बढ़ती जा रही है कार वाले सिमटते और दुबकते जा रहे हैं. अभी तो ओलंपिक खेलों को देखते हुए यहां साइकिल लेनों की संख्या और ज्यादा बढ़ने वाली है क्योंकि पेरिस खेलों के आयोजन का कार्बन फुटप्रिंट घटा कर आधा करना चाहता है.

गाड़ी का घमंड और साइकिल की शालीनता

साइकिल लेन पर जाम

पेरिस के कई बुलेवार्डों में पहले ही पीक टाइम में साइकिल सवारों की संख्या कार सवारों को पीछे छोड़ चुकी है. साइकिलों की जाम, पहिए से लगे पहिए, घंटी बजाते साइकिल सवार कई बार गु्स्से में उबलने लगते हैं और बहुत से लोगों के लिए यह सिरदर्द बन रहा है. फेडरेशन ऑफ बाइसकिल यूजर्स के प्रवक्ता तिबो केरे कहते हैं, "ऐसा लग रहा है जैसे मेरे बचपन के दिन हो, जब मेरे मां बाप अपनी कार चलाते थे और सारी सड़कों पर ट्रैफिक जाम रहता था, अब वही हाल बाइक ट्रैफिक जाम का हो गया है." हालांकि उनका यह भी कहना है कि यह अच्छी परेशानी है.

2001 तक पेरिस में बमुश्किल 200 किलोमीटर की साइकिल लेन थी. अब इनकी लंबाई 1,000 किलोमीटर से ज्यादा हो चली है. मोटरगाड़ियों को तो पूरी पूरी सड़कों पर जाने तक की मनाही है, खास तौर से सीन नदी के किनारों की सड़कों पर जो कभी व्यस्त हाइवे हुआ करता था. दूसरी तरफ साइकिलसवार मन के राजा हैं कहीं भी जा सकते हैं. सेंट्रल पेरिस का इलाका तो साइकिलसवारों के लिए घर के आंगन जैसा बन गया है. 2016 में हिडाल्गो ने इसे कारों के लिए बंद करवा दिया तब से यह साइकिल सवारों, धावकों, परिवारों और प्रेमियों की जन्नत है.

बीजिंग की सड़कों पर किराए की साइकिलों का जलवा

साइकिल सवारों के रिकॉर्ड

उत्तर की तरफ जाइए तो दो लेन वाली बाइक पाथ सेबस्टापोल बुलेवार्ड 2019 में उद्घाटन के बाद से यूरोप की सबसे व्यस्त साइकिल लेन बन गई है. सितंबर की शुरुआत में यहां से 1,24,000 साप्ताहिक साइकिल सवार गुजरे जो एक रिकॉर्ड है. साइकिल सवारों की बढ़ती संख्या नियमित रूप से लंदन यहां तक कि एमस्टर्डम की मशहूर साइकिल पाथ को भी पीछे छोड़ रही है.

उत्तर-दक्षिणी सेबस्टापोल एक और व्यस्त मार्ग रु डे रिवोली में निकलती है जो लूव्र से गुजरती है. सितंबर में यह सड़क साइकिल सवारों की संख्या के लिहाज से दूसरे नंबर पर थी. इसने भी दैनिक और साप्ताहिक साइकिल यात्रियों के मामले में रिकॉर्ड बनाया है.

बेचारे बने कार सवार

इन साइकिल सवारों की मस्ती देख कर मोटर और बाइक सवारों के सीने पर सांप लोट जाता है. ओलंपिक गेमों के कारण लगभग पूरा पेरिस खुदा पड़ा है और ऊपर से सारी सड़कों को मोटरसवारों के लिए संकरा बना कर साइकिल लेन या तो बनाई जा रही है या चौड़ी की जा रही है. ऐसे में जहां एक तरफ मोटर वाले जाम में फंसे कुढ़ते रहते हैं, वहीं साइकिल सवार उधम मचा रहे हैं.

बहुत से साइकिल सवारों को तो लगता है कि रेडलाइट और ट्रैफिक के निशान उनके लिए है ही नहीं. पेरिस ने किराये पर मिलने वाले ईलेक्ट्रिक स्कूटरों को सड़कों से हटा लिया. इसके बाद साइकिल सवारों की संख्या और बढ़ गई है.

प्रदूषण पर लगाम

इसमें कोई संदेह नहीं कि ज्यादा साइकिलों का चलना इंसान और पर्यावरण दोनों की सेहत के लिए अच्छा है. यह वही फ्रांस है जहां प्रदूषण के कारण हुई बीमारियों से हर साल 48,000 लोगों की जान जा रही है. एक ऐतिहासिक फैसले में पेरिस की कोर्ट ने सरकार से दो परिवारों को 5,000 यूरो का जुर्माना देने को कहा जिनके बच्चे वायु प्रदूषण के कारण बीमार हो गए. कोर्ट ने माना कि यह सरकार की गलती है.

मेयर हिडाल्गो का कहना है कि साइकिल का इस्तेमाल बढ़ाने के पीछे वायु प्रदूषण को घटाना सबसे बड़ी वजह है. 2020 में दोबारा चुने जाने के बाद उन्होंने 2026 तक पेरिस के बजट में 25 करोड़ यूरो इसी काम के लिए अलग से निकाल हैं. यह उनकी पहले कार्यकाल की तुलना में 10 करोड़ यूरो ज्यादा है.

पेरिस ओलंपिक की तैयारियों में जुटा है और नगर प्रशासन का कहना है कि 26 जुलाई से 11अगस्त तक सारे ओलंपिक वेन्यू साइकिल मार्ग से जुड़े होंगे. इसके लिए लगभग 60 किलोमीटर का साइकिल नेटवर्क बनाया जा रहा है. पेरिस में साइकिल सवारों का रुतबा थोड़ा और बढ़ेगा.

एनआर/ओएसजे (एपी)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 29, 2023 08:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).