Donald Trump: हमास के पूर्ण निशस्त्रीकरण पर बनी सहमति; अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि 'बोर्ड ऑफ पीस' ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निशस्त्रीकरण (Disarmament) पर सहमति बना ली है. उन्होंने इसे गाजा में नई फिलिस्तीनी सरकार के गठन और इजराइल की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बताया है.
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि तथाकथित 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board of Peace) ने गाजा में सक्रिय हमास और अन्य सभी सशस्त्र समूहों के 'पूर्ण निशस्त्रीकरण' (Complete Disarmament) पर एक समझौते को अंतिम रूप दे दिया है.
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि यह समझौता गाजा में एक नई फिलिस्तीनी सरकार के गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए काम करेगी. यह भी पढ़ें: ट्रंप ने अमेरिका और सऊदी अरब के बीच न्यूक्लियर डील के साथ जोड़ी है ये खास शर्त भी
चरणबद्ध तरीके से लागू होगा समझौता
ट्रंप के अनुसार, निशस्त्रीकरण की यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी. जैसे-जैसे सशस्त्र समूहों का निशस्त्रीकरण पूरा होगा, इजराइली सेना (IDF) गाजा से पीछे हटेगी.
इसके बाद एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (International Stabilisation Force) नई फिलिस्तीनी पुलिस व्यवस्था के साथ मिलकर गाजा की आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की कमान संभालेगा. ट्रंप ने कहा कि इससे इजराइल को वह सुरक्षा मिलेगी जिसका वह हकदार है और गाजा का इस्तेमाल फिर कभी आतंकी हमलों के बेस के रूप में नहीं हो सकेगा.
डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में हमास के हथियार छोड़ने को लेकर एक अहम समझौते का दावा किया है.
मध्यस्थ देशों की भूमिका और हमास की स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि इस समझौते को आकार देने में मिस्र (Egypt), कतर (Qatar) और तुर्की (Turkiye) ने प्रमुख मध्यस्थों की भूमिका निभाई है.
हालांकि, इस समझौते को लेकर हमास या उसके शीर्ष नेतृत्व की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान जारी नहीं किया गया है.
नेतन्याहू से मुलाकात और ईरान पर मतभेद
इस घोषणा से ठीक पहले इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने राष्ट्रपति ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की मुलाकात की तस्वीरें जारी की थीं। इजराइली अधिकारियों ने इस बैठक को सकारात्मक बताया. बैठक में ईरान के साथ तनाव, लेबनान से जुड़े वार्ता प्रयासों और 'अब्राहम समझौते' (Abraham Accords) के विस्तार पर चर्चा की गई.
खबरों के मुताबिक, नेतन्याहू ने ट्रंप के समक्ष ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी खुफिया जानकारियां और 'पिकैक्स माउंटेन' (Pickaxe Mountain) स्थित भूमिगत सैन्य ठिकाने के आंकड़े प्रस्तुत किए.
मुलाकात के बाद फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से योजना की घोषणा करने पर नेतन्याहू के प्रति हल्की नाराजगी जताई और कहा कि अमेरिका ईरान के साथ कूटनीतिक समाधान का पक्षधर है, जबकि इजराइल ईरान पर निरंतर दबाव बनाए रखने की नीति पर जोर दे रहा है.