Australia New Visa Rules: ऑस्ट्रेलिया ने बदले स्टूडेंट वीजा नियम, भारतीय छात्रों के लिए क्या बदला? जानें पूरी डिटेल

ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के साथ हुए ऑस्ट्रेलिया-भारत आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (AI-ECTA) के तहत भारतीय छात्रों को मिलने वाले पोस्ट-स्टडी वर्क अधिकारों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस समझौते के तहत पीएचडी पूरी करने वाले भारतीय छात्रों को चार वर्ष तक ऑस्ट्रेलिया में रहने की अनुमति मिल सकती है.

Australia New Visa Rules: ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों और अस्थायी वीजा धारकों के लिए नए इमिग्रेशन नियमों की घोषणा की है. गृह मंत्री टोनी बर्क ने गुरुवार को नए बदलावों का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रवासन (Migration) प्रणाली पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करना है. नए नियमों के तहत अधिकांश अंतरराष्ट्रीय छात्र अब अपने परिवार को स्वत: (Automatically) ऑस्ट्रेलिया नहीं ला सकेंगे. इसके अलावा 'वीजा हॉपिंग' पर भी सख्ती की गई है और वर्किंग हॉलिडे वीजा के नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं. Student Visa Programme: भारत समेत 14 देशों के छात्रों को बड़ा झटका, कनाडा की ट्रूडो सरकार ने बंद किया स्टूडेंट वीजा प्रोग्राम

अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए क्या बदले नियम?

नए नियमों के तहत अधिकांश अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अब अपने साथ परिवार के सदस्यों को स्वत: ऑस्ट्रेलिया लाने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, पैसिफिक और ASEAN देशों के छात्रों के साथ-साथ पीएचडी (PhD) और कुछ विशेष कोर्स करने वाले छात्रों को इस नियम से छूट मिलेगी. ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो परिवार पहले से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं, उन्हें अलग नहीं किया जाएगा.

'वीजा हॉपिंग' पर सरकार की सख्ती

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने 'वीजा हॉपिंग' पर भी रोक लगाने का फैसला किया है. अब यदि कोई छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद ऑस्ट्रेलिया में रुकना चाहता है, तो उसे पहले से उच्च स्तर (Higher Qualification) के कोर्स में दाखिला लेना होगा. यानी छात्र पहले से कम स्तर या समान स्तर के कोर्स में प्रवेश लेकर अपने वीजा की अवधि नहीं बढ़ा सकेंगे. सरकार का कहना है कि इससे गैर-मान्यता प्राप्त या कम गुणवत्ता वाले शिक्षा संस्थानों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी.

वर्किंग हॉलिडे वीजा के नियम भी हुए सख्त

ऑस्ट्रेलिया में 18 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं को मिलने वाले वर्किंग हॉलिडे वीजा के नियमों में भी बदलाव किया गया है. पहले दूसरे और तीसरे वर्ष के वीजा विस्तार के लिए निर्धारित क्षेत्रीय कार्य (Regional Work) पूरा करना पर्याप्त था. अब पात्र उम्मीदवारों को बैलट (Ballot) प्रणाली से गुजरना होगा.

दूसरे वर्ष के वीजा के लिए 45,000 स्थान उपलब्ध होंगे, जबकि पिछले वर्ष करीब 57,000 लोग पात्र थे.

तीसरे वर्ष के वीजा के लिए केवल 5,000 स्थान होंगे, जबकि पिछले वर्ष लगभग 31,000 उम्मीदवार पात्र थे.

भारतीय छात्रों पर क्या होगा असर?

अंडरग्रेजुएट और अधिकांश नॉन-पीएचडी पोस्टग्रेजुएट कोर्स में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों को अब पहले यह जांचना होगा कि वे परिवार को साथ लाने के लिए किसी छूट (Exemption) के पात्र हैं या नहीं. हालांकि, पीएचडी करने वाले भारतीय छात्र पहले की तरह अपने परिवार को साथ ला सकेंगे.

ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के साथ हुए ऑस्ट्रेलिया-भारत आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (AI-ECTA) के तहत भारतीय छात्रों को मिलने वाले पोस्ट-स्टडी वर्क अधिकारों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस समझौते के तहत पीएचडी पूरी करने वाले भारतीय छात्रों को चार वर्ष तक ऑस्ट्रेलिया में रहने की अनुमति मिल सकती है.

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