Uber India Layoffs: उबर ने भारत में की 200 से 250 कर्मचारियों की छंटनी; वैश्विक पुनर्गठन के तहत दुनिया भर में कटेंगी 3,300 नौकरियां
वैश्विक राइड-हेलिंग कंपनी उबर ने अपने संगठनात्मक ढांचे को सरल बनाने और प्रबंधन स्तरों को कम करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर वैश्विक पुनर्गठन शुरू किया है. इसके तहत भारत में विभिन्न कार्यालयों और विभागों से लगभग 200 से 250 कर्मचारियों को सेवामुक्त किया गया है. वैश्विक स्तर पर कंपनी अपने कुल कार्यबल के करीब 10 प्रतिशत यानी लगभग 3,300 पदों को समाप्त कर रही है.
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नई दिल्ली/बेंगलुरु: प्रमुख अंतरराष्ट्रीय राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म उबर (Uber) ने अपने वैश्विक पुनर्गठन योजना (Global Restructuring Plan) के अंतर्गत भारत में 200 से 250 कर्मचारियों की छंटनी की है. कंपनी का यह कदम प्रबंधन की अनावश्यक परतों को समाप्त करने और संचालन लागत को नियंत्रित करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है.
यह स्थानीय छंटनी उबर के उस वैश्विक निर्णय के तहत हुई है, जिसके अंतर्गत दुनिया भर में लगभग 3,300 पदों (कुल कार्यबल का लगभग 10 प्रतिशत) को खत्म किया जा रहा है. कोरोना महामारी के बाद कंपनी द्वारा उठाया गया यह सबसे बड़ा संगठनात्मक पुनर्गठन माना जा रहा है. यह भी पढ़ें: Uber Layoffs: उबर करेगी 3,300 कर्मचारियों की छंटनी; रोबोटैक्सी और राइड-शेयरिंग कारोबार को रफ्तार देने के लिए घटाएगी मैनेजमेंट लेयर्स
भारत में किन विभागों और भूमिकाओं पर पड़ा असर?
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में की गई इस कटौती का असर विभिन्न शहरों के कार्यालयों पर पड़ा है:
- तकनीकी और ऑपरेशंस टीमें प्रभावित: छंटनी की मार मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी (Tech), आंतरिक प्लेटफॉर्म्स (Internal Platforms) और ऑपरेशंस डिवीजनों पर पड़ी है.
- मैनेजरियल और इंडिविजुअल रोल्स: इसमें व्यक्तिगत स्तर पर काम करने वाले तकनीकी विशेषज्ञों (Individual Contributors) के साथ-साथ प्रबंधकीय पदों (Managerial Roles) पर तैनात कर्मियों को भी बाहर का रास्ता दिखाया गया है.
- उबर का पक्ष: उबर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी वैश्विक स्तर पर स्तरों को कम कर तेजी से आगे बढ़ने के लिए ये संगठनात्मक बदलाव कर रही है. प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत कंपनी के लिए एक रणनीतिक और महत्वपूर्ण बाजार बना रहेगा और एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में मोबिलिटी कारोबार को मजबूती देने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर संचालन जारी रहेगा.
सीईओ दारा खोसरोशाही ने बताई छंटनी की वजह
उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही (Dara Khosrowshahi) ने सभी कर्मचारियों को भेजे एक विस्तृत ईमेल में इस पुनर्गठन की पृष्ठभूमि स्पष्ट की:
- जटिल संरचना और अत्यधिक समन्वय: खोसरोशाही ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कंपनी के तेजी से विस्तार के कारण अनावश्यक संरचनात्मक जटिलताएं, अत्यधिक प्रबंधन स्तर और बंटी हुई जवाबदेही (Fragmented Ownership) की स्थिति पैदा हो गई थी.
- उत्पाद निर्माण पर जोर: कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा, "मुझे विश्वास है कि आप में से कई लोगों ने महसूस किया होगा कि आप उत्पाद बनाने, सेवाएं डिलीवर करने या ग्राहकों की सेवा करने के बजाय आपसी 'समन्वय' (Aligning) में बहुत अधिक समय खर्च कर रहे थे. इसे ठीक करने के लिए हमने उन भूमिकाओं को कम किया है जो मुख्य रूप से समन्वय पर केंद्रित थीं."
- माइक्रो-टीमों का विलय: पुनर्गठन के तहत एक या दो सदस्यों वाली छोटी टीमों (Micro-teams) की संख्या को लगभग आधा किया जा रहा है और कोर इंजीनियरिंग व डिलीवरी टीमों का एकीकरण किया जा रहा है.
कोर बिजनेस और ऑटोनॉमस टेक्नोलॉजी में होगा बचत का निवेश
कंपनी के अनुसार, इस पुनर्गठन से होने वाली वित्तीय बचत को उबर के प्रमुख और उभरते हुए कारोबारी क्षेत्रों में पुनः निवेश किया जाएगा:
- राइड-हेलिंग और डिलीवरी विस्तार: कंपनी अपने मुख्य राइड-हेलिंग व्यवसाय और ग्रोसरी/फूड डिलीवरी नेटवर्क को और मजबूत करेगी.
- ऑटोनॉमस व्हीकल (रोबोटैक्सी): बचाए गए संसाधनों का एक बड़ा हिस्सा सेल्फ-ड्राइविंग मोबिलिटी और रोबोटैक्सी तकनीक के विकास में लगाया जाएगा, जिसे कंपनी भविष्य के परिवहन का आधार मानती है.
उबर ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित सभी कर्मचारियों को पॉलिसी के तहत विच्छेद पैकेज (Severance Support) और करियर परामर्श जैसी आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2026 02:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

