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लेट्यूस खाने से हुई मौतों की जांच में जुटी अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियां

जिस सलाद को लोग सेहत बनाने के लिए खाते हैं, वही अमेरिका में एक बड़ी बीमारी का कारण बन रहा है.

लेट्यूस खाने से हुई मौतों की जांच में जुटी अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियां
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

जिस सलाद को लोग सेहत बनाने के लिए खाते हैं, वही अमेरिका में एक बड़ी बीमारी का कारण बन रहा है. जानिए अमेरिका में फैले साइक्लोस्पोरायसिस संक्रमण की पूरी कहानी.अमेरिका का खाद्य एवं औषधि प्रशासन(एफडीए) रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र और दर्जनों राज्य साइक्लोस्पोरायसिस नाम के आंतों की बीमारी के मामलों में अचानक आई तेजी की जांच में जुट गए हैं. इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए राज्य, मिशिगन में अब तक दो मौतें और 11,000 से अधिक लोगों के बीमार होने के सूचना सामने आई है.

शुरुआती मामलों को लेट्यूस खाने के साथ इस बीमारी से जोड़ा जा रहा था, लेकिन अब अधिकारी जांच के लिए बीमारी की ठोस बुनियाद ढूंढ रहे हैं.

बीते सालों के मुकाबले हाल में अमेरिका में साइक्लोस्पोरायसिस से जुड़े काफी मामले सामने आ रहे हैं. फिलहाल इस बीमार को नौ राज्यों में मौजूद यम ब्रांड्स के टाको बेल रेस्तरां में परोसे गए कटे हुए आइसबर्ग लेट्यूस से जोड़ा जा रहा है. बीमारी के दूसरे संभावित स्रोतों की जांच अभी भी जारी है.

साइक्लोस्पोरायसिस बीमारी क्या है?

साइक्लोस्पोरायसिस आंतों में होने वाला एक तरह का संक्रमण है, जो कच्चे फल और सब्जियां खाने से हो सकता है. यह ऐसा पानी पीने से हो सकता है, जो मल से दूषित हो और जिसमें साइक्लोस्पोरा नाम का परजीवी मौजूद हो.

इसके लक्षण कुछ लोगों के लिए हल्के लेकिन कुछ लोगों के लिए काफी गंभीर हो सकते हैं. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए यह बीमारी जानलेवा हो सकती है.

मिशिगन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वहां जिन दो लोगों की मौत हुई है, उन्हें पहले से गंभीर स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं थी. साइक्लोस्पोरायसिस और इसके कारण शरीर में होने वाली पानी की कमी ने मौजूदा बीमारी को जानलेवा बीमारी का रूप दे दिया.

साइक्लोस्पोरायसिस आमतौर पर जानलेवा नहीं होता. हालांकि, बिना इलाज के संक्रमण कई हफ्तों तक शरीर में बना रह सकता है और डिहाइड्रेशन के चलते मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है. मेरिका में इस बीमारी के कारण होने वाली मृत्यु के मामले दुर्लभ है.

अमेरिका में पहले भी खाने पीने की ताजा चीजों से जुड़े साइक्लोस्पोरा संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं. साल 2020 में पैक्ड सलाद के कारण 13 राज्यों में लगभग 700 लोग बीमार हुए थे.

अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, हर साल 1 मई से 31 अगस्त तक साइक्लोस्पोरायसिस का प्रकोप होता है. उन्होंने जानकारी दी है कि 45 राज्यों में साइक्लोस्पोरायसिस के कुल 6,707 आधिकारिक मामले सामने आए है. जिसमें से 423 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है.

उनका अनुमान है कि मामलों की संख्या और बढ़ सकती है. चूंकि, यह साफ होने में लगभग छह हफ्ते का समय लग सकता हैं कि कोई व्यक्ति इस बीमारी से संक्रमित होने के कारण बीमार हुआ है या नहीं.

संक्रमण की शुरुआत कहां से हुई

एफडीए की जांच में पता चला है कि साइक्लोस्पोरायसिस के हजारों मामलों का संबंध आइसबर्ग लेट्यूस से है, जिसे नौ राज्यों के टैको बेल रेस्तरां में परोसा गया था.

एजेंसी ने 18 जुलाई को साझा किया था कि टेलर फार्म्स के सप्लाई किए गए कटे हुए आइसबर्ग लेट्यूस के एक नमूने में साइक्लोस्पोरा परजीवी मिला है. हालांकि, एक दिन बाद प्रयोगशाला में दोबारा हुई जांच में यह परिणाम गलत पाया गया.

इसके बावजूद एफडीए की जांच अभी भी टेलर फार्म्स की सप्लाई चेन पर केंद्रित है. कंपनी ने सेंट्रल मेक्सिको से लाए गए अपने लेट्यूस को वापस मंगाया और अपनी उस प्रोसेसिंग यूनिट को बंद कर दिया. इस जांच के दौरान वॉलमार्ट समेत कई बाजारों से कुछ तरह के समान वापस मंगवाए आगे, जिसमें संक्रमण होने का खतरा हो सकता था.

टेलर फार्म्स ने 24 जुलाई को बयान दिया कि यह रिकॉल उन्होंने स्वेच्छा से किया है. साथ ही, कंपनी के पास साइक्लोस्पोरा जैसे परजीवी को पनपने से रोकने के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा प्रक्रियाएं मौजूद हैं. कंपनी ने साथ ही यह भी साफ किया कि वह अब उस इलाके से आइसबर्ग लेट्यूस नहीं खरीद रहे हैं.

खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं?

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि सब्जियों और फलों को कम से कम 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर पकाना साइक्लोस्पोरा को खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका है. यह परजीवी सामान्य तरीकों से आसानी से नष्ट नहीं होता. ऐसे में पत्तेदार सब्जियों की बाहरी पत्तियां हटा दें और फल और सब्जियों को खाने या छीलने से पहले अच्छी तरह धोएं.

साइक्लोस्पोरा दूषित भोजन या पानी से फैलता है. यह बीमारी आम तौर पर छुआछूत से नहीं फैलती है. इससे पहले भी इस बीमारीं से जुड़े मामले कच्चे खाने जैसे पैक्ड सलाद और सलाद किट, ताजा धनिया, ताजे फल इत्यादि से जुड़े पाए गए थे.

साइक्लोस्पोरायसिस से जूझ रहे लोगों को अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ट्राइमेथोप्रिम-सल्फामेथोक्साजोल नाम की एंटीबायोटिक लेने की सलाह देता है. यह दवा आमतौर पर बैक्टरीम नाम से बेची जाती है, जिसे 7 से 10 दिनों तक दिन में दो बार लेने की सलाह दी जाती है. हालांकि, एचआईवी से संक्रमित लोगों और कमजोर इम्यून सिस्टम वालों को अधिक लंबे इलाज की जरूरत पड़ सकती है.

कैसे की जा रही है इस बीमारी की निगरानी

साइक्लोस्पोरा की सूचना देना अमेरिका में अनिवार्य है. रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के अनुसार, ज्यादातर राज्य इस बीमारी से जुड़े आंकड़े इकट्ठा करते हैं और उन्हें नियमित रूप से रोग निगरानी प्रणाली के साथ साझा करते हैं.

रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के खाद्य, जल और पर्यावरण से फैलने वाली बीमारियों के विभाग की उप निदेशक ग्वेन बिगरस्टाफ के अनुसार, लगभग 47 राज्यों में स्वास्थ्य सेवा देने वाली फर्मों को कानूनी रूप से साइक्लोस्पोरायसिस के मामलों की जानकारी सार्वजनिक स्वास्थ्य विभागों को देना आवश्यक है.

खाने से पैदा होने वाले रोगों की सक्रिय निगरानी प्रणाली यानी फूडनेट एक निगरानी नेटवर्क है, जिसमें रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र के साथ-साथ अमेरिका का कृषि विभाग, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन और 10 राज्य स्वास्थ्य विभाग शामिल हैं.

इस प्रणाली का काम खाद्य जनित बीमारियों के रुझानों को समझना है. हालांकि, पिछले साल जुलाई में फंडिंग कटौती के कारण फूडनेट ने आठ में से छह रोगाणुओं की निगरानी रोक दी थी, जिसमें साइक्लोस्पोरा भी शामिल था.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 07, 2026 11:40 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).