टेक

NASA-ISRO Radar Satellite: नासा-इसरो का रडार सैटेलाइट अगले महीने होगा लॉन्च, जलवायु परिवर्तन पर रखी जाएगी नजर

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने रविवार 11 मई को बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि NASA और ISRO के संयुक्त रडार सैटेलाइट को अगले महीने लॉन्च किया जाएगा.

NASA-ISRO Radar Satellite: नासा-इसरो का रडार सैटेलाइट अगले महीने होगा लॉन्च, जलवायु परिवर्तन पर रखी जाएगी नजर
(Photo Credits Twitter)

NASA-ISRO Radar Satellite: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने रविवार 11 मई को बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि NASA और ISRO के संयुक्त रडार सैटेलाइट को अगले महीने लॉन्च किया जाएगा. ये जानकारी उन्होंने अगरतला में आयोजित सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, इंफाल के 5वें दीक्षांत समारोह के दौरान दी, जो कि कॉलेज ऑफ फिशरीज, अगरतला में हुआ था. डॉ. नारायणन ने बताया कि यह नया रडार सैटेलाइट दो बड़े पेलोड्स के साथ लॉन्च किया जाएगा.

एक पेलोड अमेरिका ने तैयार किया है और दूसरा भारत ने. यह एक माइक्रोवेव रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट होगा, जो पृथ्वी की सतह की सूक्ष्म जानकारी देने में मदद करेगा.

ये भी पढें: ISRO ने उपग्रहों के लिए ‘स्टेशनरी प्लाज्मा थ्रस्टर’ का 1000 घंटे का जीवनकाल परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया

भारत जल्द G20 देशों के लिए सैटेलाइट लॉन्च करेगा

उन्होंने कहा कि इस सैटेलाइट की लॉन्चिंग ISRO के आगामी मिशनों की श्रृंखला का हिस्सा है. इसी क्रम में उन्होंने बताया कि 18 मई को RA-SAT नाम का C-बैंड सिंथेटिक रडार सैटेलाइट PSLV के जरिए लॉन्च किया जाएगा.  इसके अलावा, भारत का महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ‘गगनयात्री’ को अगले महीने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भेजा जाएगा, ताकि अनुभव जुटाया जा सके.

ISRO चेयरमैन ने एक और खास जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि भारत जल्द ही G20 देशों के लिए एक खास सैटेलाइट लॉन्च करेगा. यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान की थी.

जलवायु परिवर्तन पर रखी जाएगी नजर

इस G20 सैटेलाइट का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखना है. इस सैटेलाइट का 50% पेलोड भारत द्वारा और बाकी 50% पेलोड अन्य देशों के सहयोग से तैयार होगा. इसे भारत के अपने लॉन्च व्हीकल से ही अंतरिक्ष में भेजा जाएगा और इसका डेटा सभी G20 देशों के साथ साझा किया जाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2025 10:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).