Subhadra Kumari Chauhan's 117th Birthday Doodle: सुभद्रा कुमारी चौहान की 117वीं जयंती पर गूगल ने खास डूडल बनाकर किया उन्हें याद
Google ने आज सोमवार, 16 अगस्त को एक खास एनीमेटेड डूडल बनाकर भारतीय कार्यकर्ता और अग्रणी लेखक और स्वतंत्रता सेनानी का सुभद्रा कुमारी चौहान का 117 वां जन्मदिन मनाया. चौहान एक अग्रणी लेखक और स्वतंत्रता सेनानी थीं, जिनका काम पुरुष-प्रधान युग के दौरान राष्ट्रीय प्रमुखता तक पहुंचा. आज के डूडल को न्यूजीलैंड की गेस्ट आर्टिस्ट प्रभा माल्या ने बनाया है.
Subhadra Kumari Chauhan's 117th Birthday Doodle: Google ने आज सोमवार, 16 अगस्त को एक खास एनीमेटेड डूडल बनाकर भारतीय कार्यकर्ता और अग्रणी लेखक और स्वतंत्रता सेनानी का सुभद्रा कुमारी चौहान का 117 वां जन्मदिन मनाया. चौहान एक अग्रणी लेखक और स्वतंत्रता सेनानी थीं, जिनका काम पुरुष-प्रधान युग के दौरान राष्ट्रीय प्रमुखता तक पहुंचा. आज के डूडल को न्यूजीलैंड की गेस्ट आर्टिस्ट प्रभा माल्या ने बनाया है. चौहान की विचारोत्तेजक राष्ट्रवादी कविता "झांसी की रानी" को व्यापक रूप से हिंदी साहित्य में सबसे अधिक पढ़ी जाने वाली कविताओं में से एक माना जाता है.
सुभद्रा कुमारी चौहान का जन्म 1904 में निहालपुर गाँव में हुआ था. वह जब बैलगाड़ी में स्कूल जाती थी उस दौरान भी गाड़ी में भी लगातार लिखने के लिए जानी जाती थीं, और उनकी पहली कविता सिर्फ नौ साल की उम्र में प्रकाशित हुई थी. स्वतंत्रता का आह्वान उनके प्रारंभिक वयस्कता के दौरान अपने चरम पर पहुंच गया. भारतीय राष्ट्रवादी आंदोलन में एक प्रतिभागी के रूप में, उन्होंने अपनी कविता का इस्तेमाल दूसरों को अपने देश की संप्रभुता के लिए लड़ने के लिए किया.
सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता और गद्य मुख्य रूप से उन कठिनाइयों के इर्द-गिर्द केंद्रित थे, जिन पर भारतीय महिलाओं ने विजय प्राप्त की, जैसे कि लिंग और जातिगत भेदभाव. उनकी कविता उनके दृढ़ राष्ट्रवाद द्वारा विशिष्ट रूप से रेखांकित की गई. साल 1923 में वे पहली महिला सत्याग्रही बनीं. उन्होंने 1940 के दशक में पृष्ठ पर और बाहर दोनों जगह स्वतंत्रता की लड़ाई में क्रांतिकारी बयान देना जारी रखा और कुल 88 कविताएँ और 46 लघु कथाएँ प्रकाशित कीं.
आज सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता ऐतिहासिक प्रगति के प्रतीक के रूप में कई भारतीय कक्षाओं में एक प्रधान बनी हुई है, जो आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक अन्याय के खिलाफ खड़े होने और राष्ट्र के इतिहास को आकार देने वाले शब्दों का जश्न मनाने के लिए प्रोत्साहित करती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 16, 2021 08:42 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

