आ गया TrueCaller का सुरक्षित और बढ़िया विकल्प BharatCaller, जानें इस देसी कॉलर आईडी में क्या है खास
भारत का अपना कॉलर आइडेंटिफिकेशन (Caller ID) और ब्लॉकिंग एप्लिकेशन भारत कॉलर (BharatCaller) लॉन्च हो चुका है. इस देसी ऐप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय कॉलर आईडी ऐप ट्रूकॉलर (Truecaller) का बढ़िया विकल्प बताया जा रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, इसे बनाने वालों का दावा है कि BharatCaller यूजर्स को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा और कुछ पहलुओं में ट्रूकॉलर से अच्छा साबित होगा.
भारत का अपना कॉलर आइडेंटिफिकेशन (Caller ID) और ब्लॉकिंग एप्लिकेशन भारत कॉलर (BharatCaller) लॉन्च हो चुका है. इस देसी ऐप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय कॉलर आईडी ऐप ट्रूकॉलर (Truecaller) का बढ़िया विकल्प बताया जा रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, इसे बनाने वालों का दावा है कि BharatCaller यूजर्स को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा और कुछ पहलुओं में ट्रूकॉलर से अच्छा साबित होगा. Truecaller में बीसीसीआई के चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद के नाम से किया खुद को रजिस्टर्ड, फिर लगाया लाखों का चूना
प्लेस्टोर (Play Store) पर एप्लिकेशन के विवरण के अनुसार, भारत कॉलर आईडी (Bharat Caller ID) में 50 मिलियन से अधिक यूजर्स डेटाबेस और दुनियाभर के 1 बिलियन से अधिक नंबर डेटा हैं. कंपनी का दावा है कि यह एकमात्र ऐप है जो कम्युनिकेशन को सुरक्षित और स्मार्ट बनाता है. यह एप्लिकेशन प्लेस्टोर और आईओएस (iOS) पर मुफ्त में उपलब्ध है और अब तक इसे हजारों बार डाउनलोड किया जा चुका है.
भारत कॉलर आईडी का निर्माण आईआईएम् (IIM) बैंगलोर के पूर्व छात्र प्रज्वल सिन्हा (Prajwal Sinha) ने किया है. जबकि इसके सह-संस्थापक कुणाल पसरीचा (Kunal Pasricha) हैं. दोनों नेशनल स्टार्टअप अवार्ड्स 2020 (Startup Awards 2020) के विजेता भी है. भारत कॉलर बनाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य भारत को अपना कॉलर आईडी एप्लीकेशन देना था.
रिपोर्ट के मुताबिक, BharatCaller अपने सर्वर पर यूजर्स के कॉन्टैक्ट्स और कॉल लॉग्स को सेव नहीं करता है, जिससे प्राइवेसी प्रभावित नहीं होती है. साथ ही, इसके कर्मचारियों के पासभी यूजर्स के फोन नंबरों का डेटाबेस नहीं होता है और ऐसे किसी भी डेटा तक उनकी पहुंच नहीं होती है. भारत कॉलर का सारा डेटा एन्क्रिप्टेड फॉर्मेट में स्टोर किया जाता है और भारत के बाहर कोई भी इसके सर्वर का उपयोग नहीं कर सकता है. इंग्लिश के अलावा यह ऐप हिंदी, मराठी, तमिल, गुजराती आदि भारतीय भाषाओँ में भी उपलब्ध है.
भारत कॉलर ऐप ऐसे समय में लॉन्च हुआ है जब भारतीय सेना ने प्राइवेसी के खतरे के कारण स्वीडिश कॉलर आईडी ट्रूकॉलर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया. हाल ही में सेना की ओर से सुझाव दिया गया था कि ट्रूकॉलर एप्लिकेशन स्पाइवेयर (Spyware) हो सकता है. सेना ने अपने कर्मियों को मोबाइल फोन से तुरंत ट्रूकॉलर हटाने का आदेश दिया. ट्रूकॉलर के वर्तमान में 280 मिलियन से अधिक सक्रिय यूजर्स हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 30, 2021 06:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

