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6G: भारत रिकॉर्ड समय में 5जी नेटवर्क स्थापित करने बाद 6जी में तेजी से आगे बढ़ रहा; एक्सपर्ट्स

रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक 5जी नेटवर्क स्थापित करने के बाद भारत अब 6जी टेक्नोलॉजी में तेजी से आगे बढ़ रहा है. शुक्रवार को एक्सपर्ट्स की ओर से यह बयान दिया गया.

6G: भारत रिकॉर्ड समय में 5जी नेटवर्क स्थापित करने बाद 6जी में तेजी से आगे बढ़ रहा; एक्सपर्ट्स
Representational Image | Pixabay

मुंबई, 18 अक्टूबर : रिकॉर्ड समय में सफलतापूर्वक 5जी नेटवर्क स्थापित करने के बाद भारत अब 6जी टेक्नोलॉजी में तेजी से आगे बढ़ रहा है. शुक्रवार को एक्सपर्ट्स की ओर से यह बयान दिया गया. संचार मंत्रालय के उप महानिदेशक सुमनेश जोशी ने कहा कि आज, हर किसी के पास एक बैंक खाता है जो वित्तीय ऋण या सूक्ष्म ऋण, सूक्ष्म बीमा, म्यूचुअल फंड और यहां तक कि शेयर-संबंधित उत्पादों जैसी नवीन सेवाओं के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाता है.

एसोचैम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, जोशी ने कहा कि हमें अपनी ओर से बनाए गए इकोसिस्टम का फायदा उठाना है. आज हम सिर्फ 5 रुपये, 10 रुपये, 15 रुपये का भी लेन-देन कर पाते हैं. अब हम स्मार्टफोन के बिना, बिना क्यूआर कोड के भुगतान करने के बारे में सोच सकते हैं. आधार-आधारित भुगतान अगला तार्किक कदम है और आज सभी प्रणालियों को जोड़ना समय की मांग है. अपने संबोधन में आगे कहा कि भारत की ओर से दुनिया में सबसे तेज 5जी नेटवर्क स्थापित किया गया है और 6जी में भी आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है. यह भी पढ़ें : We are Hiring: वित्त वर्ष 2025 में जीसीसी में 40 प्रतिशत बढ़ेंगे फ्रेशर्स के लिए नौकरियों के अवसर

उन्होंने आगे कहा कि भारत के नंबर दिखाने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं. जोशी ने आगे कहा कि फर्जी कॉल से निपटने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है. वास्तविक समय डेटा साझा करने के लिए इकोसिस्टम भागीदारों के बीच सहयोग की आवश्यकता है, चाहे वह फिनटेक उद्योग हो, संचार हो या भारत सरकार, पुलिस, राज्य सरकार हो. ताकि, अगर कुछ भी हो रहा हो तो हम तुरंत कार्रवाई कर सकें.

भारतीय रिजर्व बैंक के उपगवर्नर आर गांधी ने कहा कि हमें भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए बड़े की संख्या में वित्तीय संस्थाओं की आवश्यकता है. उन्होंने आगे कहा कि हमें अधिक बैंकों और वित्त कंपनियों को लाइसेंस देना चाहिए. हमें सचेत रूप से चुनिंदा बैंकों और वित्तीय संस्थानों को बड़ा बनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. हमें अधिक विभेदित और विशिष्ट बैंकों और विशेषज्ञ बैंकों, डिजिटल-दुनिया भर के बैंकों, निवेश बैंकों और गोल्ड बैंकों की आवश्यकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 18, 2024 01:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).