Women Workforce In India: देश के 57.8% जिलों में 40% से ज्यादा महिलाएं कर रहीं काम, NSO की पहली जिला-स्तरीय रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

रिपोर्ट के अनुसार गुजरात का सूरत जिला देश में सबसे अधिक लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) और वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR) वाला जिला बनकर उभरा है. वहीं बिहार का दरभंगा जिला रोजगार भागीदारी के मामले में सबसे निचले स्थान पर रहा.

Working Women

Women Workforce In India: भारत में महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी लगातार बढ़ रही है. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा शुक्रवार को जारी पहली जिला-स्तरीय रोजगार रिपोर्ट के मुताबिक देश के 57.8 फीसदी जिलों में महिलाओं की लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) 40 फीसदी या उससे अधिक दर्ज की गई है. यह रिपोर्ट देश के विभिन्न जिलों में रोजगार, बेरोजगारी और कार्यबल की भागीदारी की स्थिति का विस्तृत चित्र पेश करती है.

रिपोर्ट के अनुसार गुजरात का सूरत जिला देश में सबसे अधिक लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) और वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR) वाला जिला बनकर उभरा है. वहीं बिहार का दरभंगा जिला रोजगार भागीदारी के मामले में सबसे निचले स्थान पर रहा.

सूरत सबसे आगे, दरभंगा सबसे पीछे

जिला-स्तरीय आंकड़ों के अनुसार सूरत में LFPR 68.6 फीसदी दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक है. इसके बाद बिहार का अररिया (68 फीसदी) और तमिलनाडु का सेलम (67.8 फीसदी) दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे. वहीं वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (WPR) में भी सूरत (67.8 फीसदी) पहले स्थान पर है. इसके बाद अररिया (67.4 फीसदी) और गुजरात का बनासकांठा (66.6 फीसदी) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे.

इन जिलों में सबसे कम बेरोजगारी

रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल का दक्षिण 24 परगना और बिहार का अररिया दोनों में बेरोजगारी दर (UR) केवल 0.9 फीसदी रही. वहीं गुजरात का अहमदाबाद 1.1 फीसदी बेरोजगारी दर के साथ तीसरे स्थान पर रहा.

युवाओं में सबसे कम NEET वाले जिले

15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में NEET (Not in Employment, Education or Training) की सबसे कम दर केरल के एर्नाकुलम (9.6 फीसदी) में दर्ज की गई. इसके बाद तमिलनाडु का कोयंबटूर (14.5 फीसदी) और कर्नाटक का बेंगलुरु (अर्बन) (15 फीसदी) रहे. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर का श्रीनगर (14.3 फीसदी), बेंगलुरु (15 फीसदी) और आंध्र प्रदेश का गुंटूर (15.1 फीसदी) भी युवाओं में कम NEET दर वाले जिलों में शामिल रहे.

राज्य की राजधानियों में शिमला सबसे आगे

राज्य की राजधानी वाले जिलों में हिमाचल प्रदेश का शिमला सबसे आगे रहा, जहां LFPR 70 फीसदी और WPR 65.1 फीसदी दर्ज किया गया. इसके बाद केरल का तिरुवनंतपुरम (64.4 फीसदी LFPR, 63.2 फीसदी WPR) और छत्तीसगढ़ का रायपुर (61.5 फीसदी LFPR, 59.4 फीसदी WPR) रहे. वहीं राजधानी जिलों में सबसे कम बेरोजगारी दर तिरुवनंतपुरम (1.9 फीसदी), कोलकाता (1.9 फीसदी) और बेंगलुरु (2.5 फीसदी) में दर्ज की गई. NSO की यह पहली जिला-स्तरीय रिपोर्ट देशभर में रोजगार, महिला कार्यबल भागीदारी, बेरोजगारी और युवाओं की रोजगार स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे विभिन्न राज्यों और जिलों में रोजगार संबंधी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

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