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What Is IPL Trade Rule? इंडियन प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों की क्यों होती है ट्रेडिंग, क्या होता है आईपीएल में ट्रेड; समझें पूरी गणित

साल 2009 में पहली बार ट्रेड किया गया था. आईपीएल 2009 में मुंबई इंडियंस ने दिल्ली डेयरडेविल्स से शिखर धवन को ट्रेड किया था. यह एक टू-वे ट्रेड था जिसमें शिखर धवन को मुंबई इंडियंस ने आशीष नेहरा के बदले ट्रेड किया था. आईपीएल ट्रेड में हार्दिक पांड्या का भी नाम शामिल है, साल 2024 में हार्दिक पांड्या को मुंबई इंडियंस ने ट्रेड किया था.

What Is IPL Trade Rule? इंडियन प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों की क्यों होती है ट्रेडिंग, क्या होता है आईपीएल में ट्रेड; समझें पूरी गणित
आईपीएल ट्रॉफी (Photo credits: X/@IPL)

IPL Trade Rule: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (Indian Premier League 2026) से पहले राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के कप्तान संजू सैमसन सुर्खियों में बने हुए है. साल 2013 से राजस्थान रॉयल्स से जुड़ें संजू सैमसन अब अपनी टीम बदलना चाहती हैं. ऐसी खबर भी सामने आ रहीं है कि संजू सैमसन को मिनी ऑक्शन से पहले ट्रेड किया जा सकता हैं. ऐसी चर्चा है कि चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) की टीम संजू सैमसन को अपने खेमे में शामिल कर सकती है. आईपीएल 2026 में संजू राजस्थान लो जर्सी में नजर आएंगे, ये तो आने वाले समय ही बताएगा, लेकिन पहले यह जानना जरूरी है कि ट्रेड है क्या और आईपीएल में इसे कैसे इस्तेमाल किया जाता है. यह भी पढ़ें: Ireland Women vs Germany Women, 2nd Match T20 World Cup Europe Qualifier 2025 Live Streaming In India: आयरलैंड महिला बनाम जर्मनी महिला के बीच आज खेला जाएगा रोमांचक मुकाबला, यहां जानें भारत में कब, कहां और कैसे उठाए लाइव मुकाबले का लुफ्त

आईपीएल में क्या है ट्रेड

आईपीएल में जब कोई खिलाड़ी ट्रेडिंग विंडो के दौरान टीम की अदला-बदली करता है तो उसे ट्रेड कहते हैं. यह पूरी तरह से उस फ्रेंचाइजी के ऊपर होता है, जिसके साथ वह खिलाड़ी जुड़ा है. उदाहरण के तौर पर संजू सैमसन के ट्रेड का अधिकार पूरी तरह से राजस्थान रॉयल्स तय करेगी. जब किसी खिलाड़ी को ऑक्शन में अपनी टीम के साथ जोड़ा जाता है या फिर रिटेन किया जाता है तो वह खिलाड़ी उस टीम के साथ 3 साल के लिए अनुबंधित हो जाता है. संजू सैमसन को अगर कोई टीम ट्रेड करना चाहती है तो उस टीम को संजू सैमसन को उतना रकम देना पड़ेगा, जिस पर राजस्थान रॉयल्स ने संजू सैमसन को रिटेन किया था. राजस्थान रॉयल्स ने संजू सैमसन को 18 करोड़ रुपये में रिटेन किया था और अब उन्हें ट्रेड करने के लिए 18 करोड़ रुपये देने होंगे.

कब से कब तक होती है ट्रेडिंग विंडो

आईपीएल के नियमों के मुताबिक, ट्रेडिंग विंडो आईपीएल सीज़न खत्म होने के एक महीने बाद शुरू होती है जो ऑक्शन की तारीख से एक वीक पहले तक खुली रहती है. यह विडों ऑक्शन के बाद दोबारा खुलती है, जो अगले सीज़न आईपीएल के शुरू होने से एक महीने पहले तक जारी रहती है.

कैसे होता है आईपीएल में ट्रेड

आईपीएल में दो तरह से ट्रेड किया जाता है. कोई फ्रेंचाइजी या तो जिस खिलाड़ी को ट्रेड कर रही है, उसके बदले पैसे लेती है, जिसे वन-वे ट्रेड कहा जाता है. टू-वे ट्रेड में खिलाड़ी के बदले खिलाड़ी की अदला-बदली होती है. लेकिन अगर खिलाड़ी की कीमत में अंतर होता है तो उस रकम को खरीदने वाली टीम बेचने वाली टीम को चुकाना पड़ता है. जिस खिलाड़ी को ट्रेड किया जाता है, उस खिलाड़ी की कीमत उस बेचने वाले फ्रेंचाइजी के पर्स में जुड़ जाता है और खरीदने वाली टीम के पर्स में से उतना ही पैसा काट लिया जाता है.

पहली बार कब हुआ था ट्रेड

बता दें कि साल 2009 में पहली बार ट्रेड किया गया था. आईपीएल 2009 में मुंबई इंडियंस ने दिल्ली डेयरडेविल्स से शिखर धवन को ट्रेड किया था. यह एक टू-वे ट्रेड था जिसमें शिखर धवन को मुंबई इंडियंस ने आशीष नेहरा के बदले ट्रेड किया था. आईपीएल ट्रेड में हार्दिक पांड्या का भी नाम शामिल है, साल 2024 में हार्दिक पांड्या को मुंबई इंडियंस ने ट्रेड किया था. इसके अलावा साल 2016 में केएल राहुल और 2024 में कैमरन ग्रीन के ट्रेड ने खूब सुर्खियां बटोरी थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2025 06:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).