Varun Chakravarthy Milestone: भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम(India National Cricket Team) में टी20 प्रारूप हमेशा से तेज़ गेंदबाज़ों के लिए मुफ़ीद रहा है, लेकिन समय-समय पर कुछ ऐसे प्रदर्शन भी सामने आए हैं जिन्होंने इस धारणा को चुनौती दी. अलग-अलग वर्षों में भारतीय गेंदबाज़ों ने अपने दम पर मैच जिताए और एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा विकेट लेकर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया. खास बात यह रही कि साल 2025 में पहली बार एक स्पिनर ने इस सूची में अपनी मज़बूत मौजूदगी दर्ज कराई. आइए जानते हैं उन भारतीय गेंदबाज़ों के बारे में जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेकर टीम इंडिया की ताकत को परिभाषित किया. टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्यों नहीं चुनें गए शुभमन गिल? जानिए चयनकर्ताओं के फैसले के पीछे की पूरी कहानी
जसप्रीत बुमराह (2016): जसप्रीत बुमराह का 2016 भारतीय टी20 क्रिकेट के सबसे यादगार डेब्यू वर्षों में से एक रहा. अपने पहले ही साल में बुमराह ने 28 विकेट लेकर यह दिखा दिया कि वह लंबे समय तक भारत की गेंदबाज़ी की रीढ़ बनने वाले हैं. उनकी सटीक यॉर्कर, विविधता और मानसिक मजबूती ने उन्हें खास बना दिया. दिलचस्प बात यह रही कि उस साल बुमराह का विदेशी रिकॉर्ड घरेलू मुकाबलों से भी बेहतर रहा.
भुवनेश्वर कुमार (2022): साल 2022 में भुवनेश्वर कुमार भारतीय टी20 गेंदबाज़ी के सबसे बड़े स्तंभ बनकर उभरे. उन्होंने उस साल 37 विकेट लेकर यह साबित किया कि स्विंग गेंदबाज़ी टी20 क्रिकेट में भी उतनी ही प्रभावी हो सकती है. भुवनेश्वर ने किफायती इकॉनमी के साथ लगातार विकेट चटकाए और एशिया कप में उनका प्रदर्शन खास तौर पर याद किया जाता है. यह साल उनके टी20 करियर का आखिरी साल भी रहा, लेकिन उन्होंने जाते-जाते भारतीय गेंदबाज़ों के लिए एक ऊंचा मानक छोड़ दिया.
अर्शदीप सिंह (2024): 2024 में अर्शदीप सिंह ने खुद को भारत के सबसे भरोसेमंद टी20 तेज़ गेंदबाज़ों में स्थापित किया. बाएं हाथ के इस पेसर ने 36 विकेट लेकर पूरे साल विपक्षी बल्लेबाज़ों को परेशान किया. विदेशी पिचों पर उनका प्रदर्शन खास तौर पर शानदार रहा, जहां उन्होंने घरेलू मुकाबलों से ज्यादा विकेट लिए. टी20 वर्ल्ड कप में भी अर्शदीप भारत के लिए अहम मैच विनर साबित हुए और दबाव के क्षणों में उनकी यॉर्कर गेंदबाज़ी टीम के बेहद काम आई.
वरुण चक्रवर्ती (2025): साल 2025 भारतीय टी20 क्रिकेट के लिए मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का साल बनकर सामने आया. 34 वर्षीय वरुण ने इस साल 36 विकेट झटककर इतिहास रच दिया और वह पहले स्पिनर बने जिन्होंने तेज़ गेंदबाज़ों के वर्चस्व वाली इस सूची में इतनी ऊंची जगह बनाई. उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही शानदार रहे. घरेलू पिचों पर उनकी मिस्ट्री स्पिन बल्लेबाज़ों के लिए पहेली बनी रही, जबकि एशिया कप 2025 में भी उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित की.
इन चारों गेंदबाज़ों की कहानियां यह बताती हैं कि भारतीय टी20 टीम की ताकत सिर्फ एक शैली तक सीमित नहीं है. कभी स्विंग, कभी रफ्तार और अब मिस्ट्री स्पिन हर दौर में किसी न किसी गेंदबाज़ ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली है. यही विविधता भारतीय क्रिकेट को टी20 प्रारूप में दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक बनाती है.













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