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Bengaluru Stampede: RCB विक्ट्री परेड में हुए भगदड़ जैसे त्रासदी से बचाव के लिए BCCI ने पेश की जबरदस्त 10-बिंदु सुरक्षा गाइडलाइन: रिपोर्ट्स

घटना के बाद व्यापक आलोचना हुई कि कैसे एक निजी उत्सव इतनी भयावह बन गया. प्रशंसकों की सुरक्षा के मानकों, आयोजकों की तैयारी और स्थानीय प्रशासन के इंतजामों पर जोरदार बहस छिड़ गई. ऐसी बीबीसीआई (BCCI) जैसी सर्वोच्च क्रिकेट संस्था के संज्ञान में आने पर बोर्ड ने तुरंत कदम उठाने का निर्णय लिया.

Bengaluru Stampede: RCB विक्ट्री परेड में हुए भगदड़ जैसे त्रासदी से बचाव के लिए BCCI ने पेश की जबरदस्त 10-बिंदु सुरक्षा गाइडलाइन: रिपोर्ट्स
बीसीसीआई का Logo(Photo Credit: X/@BCCI)

RCB Victory Parade Stampede: भारत के प्रतिष्ठित टी20 टूर्नामेंट में 2025 में पहली बार जीत हासिल करने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के फैंस में खुशी का ठिकाना नहीं था. आठ ही महीने पहले तक ट्रॉफी से वंचित यह टीम अब आईपीएल चैंपियन बन चुकी थी. लेकिन जीत का जश्न मनाने के दौरान हुई भीड़-भाड़ की त्रासदी ने खुशी में अंधेरा घेर दिया. एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर आयोजनों में भारी भीड़ जमा होने से भगदड़ मची, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई और दर्जनों घायल हुए. इस घटना ने प्रशंसकों और क्रिकेट जगत में बड़े सवाल खड़े कर दिए. बेंगलुरु भगदड़ केस में KSCA के 2 बड़े अधिकारियों का इस्तीफा, सचिव और कोषाध्यक्ष ने ली नैतिक जिम्मेदारी

घटना के बाद व्यापक आलोचना हुई कि कैसे एक निजी उत्सव इतनी भयावह बन गया. प्रशंसकों की सुरक्षा के मानकों, आयोजकों की तैयारी और स्थानीय प्रशासन के इंतजामों पर जोरदार बहस छिड़ गई. ऐसी बीबीसीआई (BCCI) जैसी सर्वोच्च क्रिकेट संस्था के संज्ञान में आने पर बोर्ड ने तुरंत कदम उठाने का निर्णय लिया. इंडिया टुडे में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई ने इसी बैंगलोर घटना से सीख लेकर दस बिंदुओं की रणनीति तैयार की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटना से बचा जा सके.

बीसीसीआई द्वारा प्रस्तावित दस प्रमुख उपाय इस प्रकार हैं:

  1. किसी भी टीम को खिताब जीतने के 3-4 दिनों के भीतर जश्न नहीं मनाने की अनुमति नहीं होगी.
  2. जल्दीबाजी में आयोजनों की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे आयोजन का प्रबंधन सही ढंग से हो सके.
  3. किसी भी प्रकार के जश्न या समारोह से पहले टीमों को बीसीसीआई से औपचारिक अनुमति लेनी अनिवार्य होगी.
  4. बोर्ड की लिखित मंजूरी के बिना कोई इवेंट आयोजित नहीं किया जा सकेगा.
  5. सुरक्षा के कम से कम चार-पांच स्तर के प्रोटोकॉल लागू होंगे.
  6. आयोजनों और समूहों के बीच में बहु-स्तरीय सुरक्षा बल की तैनाती अनिवार्य होगी.
  7. खिलाड़ियों और स्टाफ की यात्रा के दौरान एयरपोर्ट से स्थल तक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
  8. पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी.
  9. जिला पुलिस, राज्य सरकार और स्थानीय अधिकारियों से अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
  10. नागरिक प्रशासन एवं कानून प्रवर्तन संस्थाओं से मंजूरी मिलने के बाद ही समारोह कानूनी और सुरक्षित तरीके से संपन्न किए जा सकेंगे.

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पहले ही आश्वासन दिया था कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होने देंगे. उनके शब्दों में, “यह RCB का निजी कार्यक्रम था, लेकिन हम पूरे भारतीय क्रिकेट के लिए जिम्मेदार हैं और इस तरह की दुर्घटनाएं भविष्य में फिर नहीं होंगी.” अब तैयार रणनीति को लागू कर खेल जगत में सुरक्षा मानकों को कड़ा करने का प्रयास किया जाएगा.

इस नई नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जीत के जश्न में प्रशंसकों की जान-माल की हानि का जोखिम बिल्कुल न रहे. राज्य इकाइयों और टीम प्रबंधन को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे, और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ेगा. आईपीएल जैसे बड़े आयोजन में उत्सव का महत्त्व तो है, लेकिन उससे भी बढ़कर प्रशंसकों और खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. यह दस-बिंदु योजना इसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में बीसीसीआई की पहल है.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 23, 2025 04:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).