हमारे संस्कृत ग्रंथों में एक श्लोक है आत्मार्थम् जीव लोके अस्मिन्, को न जीवति मानवः | परम् परोपकारार्थम्, यो ... - Latest Tweet by DD News Hindi
The latest Tweet by DD News Hindi states, 'हमारे संस्कृत ग्रंथों में एक श्लोक है आत्मार्थम् जीव लोके अस्मिन्, को न जीवति मानवः | परम् परोपकारार्थम्, यो जीवति स जीवति || अर्थात अपने लिए हर कोई जीता है. लेकिन वास्तव में वही व्यक्ति जीता है, जो परोपकार के लिए जीता है : प्रधानमंत्री @narendramodi #MannKiBaat@mannkibaat'
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