Total Solar Eclipse 2026: स्पेन और आइसलैंड में दिखा साल का पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण; दिन में छाया अंधेरा, सामने आईं मनमोहक तस्वीरें और वीडियो
बुधवार, 12 अगस्त 2026 को उत्तरी गोलार्ध के विभिन्न हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा देखा गया. आइसलैंड और स्पेन में पूर्णता के दौरान कुछ मिनटों के लिए दिन में अंधेरा छा गया और आसमान में सूर्य का कोरोनल प्रभामंडल साफ दिखाई दिया.
मैड्रिड/रेक्याविक: बुधवार, 12 अगस्त 2026 को उत्तरी गोलार्ध में लगे पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) के दौरान आइसलैंड (Iceland) और उत्तरी स्पेन (Northern Spain) में अद्भुत खगोलीय नजारा देखने को मिला. चंद्रमा द्वारा सूर्य के पूरे बिंब को ढक लिए जाने से पूर्णता (Path of Totality) के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में कुछ समय के लिए दिन में ही अंधेरा छा गया.
यह स्पेन के मुख्य भूभाग में सदी से भी अधिक समय (1905 के बाद) में दिखने वाला पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण था, जबकि आइसलैंड में वर्ष 1954 के बाद पहली बार यह नजारा देखा गया. यह भी पढ़ें: Solar Eclipse Photography Tips: सूर्य ग्रहण की सुरक्षित और परफेक्ट तस्वीरें कैसे खींचें? जानें नासा की गाइडलाइंस और जरूरी सावधानियां
आइसलैंड में सबसे पहले पहुंचा पूर्ण सूर्य ग्रहण
आकलनों के अनुसार, पूर्ण सूर्य ग्रहण का मार्ग ग्रीनलैंड, पश्चिमी आइसलैंड, उत्तरी अटलांटिक महासागर और फिर स्पेन से होकर गुजरा.
आइसलैंड में दोपहर के उत्तरार्ध में वेस्टफजॉर्ड्स (Westfjords) क्षेत्र से पूर्णता की शुरुआत हुई और यह स्नेफेल्सनेस प्रायद्वीप तथा राजधानी रेक्याविक तक फैला. आइसलैंड के कई हिस्सों में सूर्य आसमान में तुलनात्मक रूप से ऊंचाई पर था, जिससे बादलों के बीच से सूर्य का बाहरी प्रभामंडल (Corona) काफी स्पष्ट दिखाई दिया। वहां पूर्णता की अवधि लगभग 1 से 2 मिनट तक रही.
ड्यूराटन के ग्रामीण कस्बे के ठीक बाहर से 2026 का पूर्ण सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण का वीडियो
X यूजर का कहना है कि यह सचमुच एक अलौकिक अनुभव था
स्पेन में सूर्यास्त के समय दिखा अद्भुत नजारा
आइसलैंड के बाद शाम ढलते समय यह सूर्य ग्रहण स्पेन पहुंचा. स्पेन के उत्तरी राज्यों—गैलिसिया, अस्तुरियास, कैस्टिला वाई लियोन, अरागन और बेलिएरिक द्वीप समूह में सूर्य क्षितिज के पास था, जिससे परिदृश्य के पृष्ठभूमि में ग्रहण का बेहद आकर्षक दृश्य बना.
स्पेन में अधिकांश स्थानों पर पूर्ण सूर्य ग्रहण का प्रभाव 2 मिनट से कम समय तक रहा. दुनिया भर से आए खगोल प्रेमियों और फोटोग्राफरों ने सोशल मीडिया पर इस अद्भुत घटना की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिसमें चंद्रमा के पीछे से छनती सूर्य की सुनहरी किरणें साफ देखी जा सकती थीं.
नेटिजन का कहना है - 'टोटैलिटी' (पूर्णता)
X यूज़र का कहना है कि यह किसी जादू जैसा रहा है
यूरोप में 1999 के बाद बड़ा खगोलीय आयोजन
उत्तरी अटलांटिक महासागर के ऊपर इस सूर्य ग्रहण की अधिकतम अवधि लगभग 2 मिनट 18 सेकंड दर्ज की गई. यह 1999 के बाद यूरोप में देखा गया पहला प्रमुख पूर्ण सूर्य ग्रहण है.
भारत में उस समय रात होने के कारण यह ग्रहण देश में दिखाई नहीं दिया, लेकिन नासा (NASA) और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) द्वारा किए गए सीधे प्रसारण के जरिए भारत सहित दुनिया भर के करोड़ों लोगों ने इस खगोलीय घटना को लाइव देखा.