Vashi Park Viral Video: 'हम लूडो खेल रहे थे, महिला ने चुपके से वीडियो बनाया और ड्रग केस में फंसाने की धमकी दी'; कॉलेज छात्रों का आरोप

नवी मुंबई के वाशी स्थित सेक्टर-28 पार्क में बने एक वायरल वीडियो विवाद में नया मोड़ आ गया है. वीडियो में दिख रहे कॉलेज छात्रों ने सामने आकर महिला पर बिना सहमति पीछे से वीडियो रिकॉर्ड करने और विरोध करने पर झूठे ड्रग केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है. छात्रों ने वाशी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.

नवी मुंबई: नवी मुंबई (Navi Mumbai) के वाशी (Vashi) स्थित एक सार्वजनिक पार्क में रिकॉर्ड किए गए वायरल वीडियो (Viral Video) विवाद ने नया मोड़ ले लिया है. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, उसमें नजर आ रहे दो छात्राओं और दो छात्रों ने सामने आकर अपना पक्ष रखा है.

कॉलेज छात्रों का दावा है कि वे सार्वजनिक पार्क में बैठकर केवल लूडो खेल रहे थे, तभी एक अज्ञात महिला ने पीछे से बिना उनकी जानकारी के उनका वीडियो बना लिया और उसे गलत संदर्भ के साथ सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने वीडियो बनाने का विरोध किया, तो महिला ने उन्हें झूठे ड्रग केस (Narcotics Case) में फंसाने की धमकी दी.

"हम लूडो खेल रहे थे, महिला ने संदर्भ बदलकर पेश किया": छात्रों का आरोप

छात्रों के अनुसार, वायरल वीडियो में पूरे घटनाक्रम का अधूरा और भ्रामक सच दिखाया गया है. उन्होंने बताया कि वे पार्क में सामान्य रूप से बैठे थे और मोबाइल पर लूडो गेम खेल रहे थे. महिला ने उनकी सहमति के बिना पीछे से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया.

जब यह क्लिप इंटरनेट पर वायरल हुई और उनकी पहचान उजागर होने लगी, तो छात्रों ने महिला से संपर्क कर सवाल किया कि उन्होंने बिना अनुमति वीडियो क्यों बनाया और उसे सार्वजनिक क्यों किया. छात्रों का आरोप है कि जवाब देने के बजाय महिला ने उन्हें कानूनी मामलों और ड्रग्स के झूठे आरोपों में घसीटने की धमकी दी. इस मामले को लेकर छात्रों ने वाशी पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है.

वाशी पार्क का वायरल वीडियो

महिला ने लगाया था सार्वजनिक अश्लीलता का आरोप

इससे पहले, वीडियो साझा करने वाली महिला ने दावा किया था कि वाशी का सेक्टर-28 'मिनी सी-शोर' (Mini Sea Shore) बनता जा रहा है, जहां युवा सार्वजनिक स्थलों पर खुलेआम आपत्तिजनक आचरण (PDA - Public Display of Affection) करते हैं.

महिला का कहना था कि जब उन्होंने छात्रों को टोका, तो छात्रों ने उनका पीछा एक नजदीकी दुकान तक किया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया, जिसके चलते उन्हें पुलिस बुलानी पड़ी. महिला ने स्थानीय नगरसेवक और नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) के सुरक्षा गार्डों की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े किए थे.

छात्रों ने एक महिला पर लूडो खेलते समय चुपके से उनका वीडियो बनाने का आरोप लगाया

सार्वजनिक स्थानों पर निजता और वीडियो रिकॉर्डिंग पर छिड़ी बहस

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों पर व्यक्तिगत निजता (Right to Privacy) और बिना सहमति वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है.

कानूनी और डिजिटल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका वीडियो बनाना और उसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित करना न केवल निजता का उल्लंघन है, बल्कि इसके गंभीर सामाजिक और कानूनी परिणाम भी हो सकते हैं. फिलहाल वाशी पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.

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