19 Minute 34 Second Ki Video: '19 मिनट 34 सेकंड' वीडियो का सच, पश्चिम बंगाल के कपल का वीडियो वायरल; पुलिस की चेतावनी के बावजूद सर्च में आई तेजी

भारत और बांग्लादेश में सोशल मीडिया पर '19 मिनट 34 सेकंड' के एक वीडियो को लेकर सर्च अचानक बढ़ गई है. पुलिस ने इसे डीपफेक या AI जनरेटेड बताकर लोगों को सचेत किया है, लेकिन इसके पीछे की हकीकत कुछ और ही है. जानें क्यों इस वीडियो को सर्च करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है.

'19 मिनट 34 सेकंड' पश्चिम बंगाल के कपल का वायरल वीडियो ((Image: Instagram @helpbyupcop)

19 Minute 34 Second Ki Video: कानून प्रवर्तन एजेंसियों और साइबर सुरक्षा पेजों की सख्त चेतावनियों के बावजूद, भारत (India) और बांग्लादेश (Bangladesh) में एक खास ‘19 मिनट 34 सेकंड’ (19 Minute 34 Second) के वायरल वीडियो (Viral Video) की तलाश थमने का नाम नहीं ले रही है. सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म्स पर इस वीडियो को लेकर चल रही चर्चाओं ने इंटरनेट पर सनसनी फैला दी है. जांच में सामने आया है कि यह वीडियो किसी सेलिब्रिटी का नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल (West Bengal) के एक कपल का है, जिसका निजी पल उनकी सहमति के बिना लीक कर दिया गया है. यह भी पढ़ें: वायरल वीडियो के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड: Payal Gaming और Zyan Cabrera जैसी इन्फ्लुएंसर्स को बनाया जा रहा है 'हथियार', रहें सावधान

क्या है 19 मिनट 34 सेकंड वीडियो की सच्चाई?

इंटरनेट पर '19:34' की अवधि के साथ जो वीडियो फाइल खोजी जा रही है, उसमें पश्चिम बंगाल का एक युवा जोड़ा नजर आ रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इन्हें स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स (सोफिक और धुस्तू सोनाली) के रूप में पहचाना गया है.

यह वीडियो एक निजी पल था जिसे बिना अनुमति के इंटरनेट पर लीक कर दिया गया. किसी की निजता का इस तरह उल्लंघन करना न केवल अनैतिक है, बल्कि कानून की नजर में एक गंभीर अपराध भी है.

पुलिस की रणनीति: ‘यह AI जनरेटेड है’

वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर सुरक्षा हैंडल (@helpbyupcop) और अन्य राज्यों की पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी की है. वीडियो में एक अधिकारी जनता को चेतावनी देते हुए कहते हैं कि वायरल हो रहे ये क्लिप ‘AI-जनरेटेड" या डीपफेक हैं’

जानकारों का मानना है कि पुलिस ने संभवतः इसे 'AI' का नाम इसलिए दिया है ताकि लोग इसे फर्जी समझकर देखना और शेयर करना बंद कर दें. हालांकि, इस दावे ने लोगों के बीच और अधिक जिज्ञासा पैदा कर दी है, जिसे 'स्ट्रिसैंड इफेक्ट' (Streisand Effect) कहा जाता है. यह भी पढ़ें: फिलीपींस में डिजिटल हड़कंप: ‘Gold Medalist’ वीडियो स्कैम और Deen Chase S*x Scandal के दावों ने बढ़ाई चिंता

19 मिनट और 34 सेकंड के वायरल वीडियो पर पुलिस का पहले का बयान

सर्च बढ़ने के पीछे छिपे खतरे

पुलिस की चेतावनियों के बावजूद सर्च वॉल्यूम बढ़ने के दो मुख्य कारण हैं:

कानूनी चेतावनी: साझा करना है जेल जाने वाला अपराध

चाहे वीडियो असली हो या AI द्वारा बनाया गया, इसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से साझा करना भारतीय कानून के तहत दंडनीय है.

अपनी सुरक्षा के लिए सर्च बंद करें

‘19:34’ वीडियो की तलाश एक डिजिटल दलदल है. पुलिस की सलाह का सम्मान करें और इस वीडियो को ढूंढना बंद करें. इसे साझा करना आपको साइबर अपराधी बना सकता है, और संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक करना आपके डेटा और डिवाइस को खतरे में डाल सकता है.

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ़ जानकारी देने और एजुकेशनल मकसद से है ताकि इस टॉपिक के बारे में अवेयरनेस बढ़ाई जा सके.

LatestLY सेक्सुअली एक्सप्लिसिट कंटेंट, लीक हुए वीडियो या पायरेटेड मटीरियल को होस्ट, डिस्ट्रीब्यूट या लिंक न दें. बताए गए कोई भी सर्च टर्म या कीवर्ड सिर्फ वायरल ट्रेंड और उससे जुड़े खतरों को समझाने के मकसद से हैं. हम बिना सहमति के इंटिमेट इमेजरी (NCII) के सर्कुलेशन की कड़ी निंदा करते हैं और सभी रीडर्स को सलाह देते हैं कि वे ऐसे कंटेंट को सर्च या शेयर न करें, क्योंकि ऐसा करने पर गंभीर कानूनी नतीजे हो सकते हैं.

Share Now

\