'Peeping Tom' in Bhiwandi: महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे जिले (Thane) के भिवंडी (Bhiwandi) इलाके से ताकझांक और गोपनीयता के उल्लंघन का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. स्थानीय पुलिस ने सारंग गांव में रहने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ अपने ही पड़ोस की दो महिलाओं का बाथरूम की खिड़की से मोबाइल फोन के जरिए छिपकर वीडियो बनाने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. यह घटना 8 जून की देर रात एक बंगले में घटित हुई. मामले की औपचारिक शुरुआत एक 16 वर्षीय किशोर की शिकायत के बाद हुई, जिसने आरोपी को इस घिनौनी हरकत को अंजाम देते हुए रंगे हाथों देखा था. आरोपी घटना के बाद से ही फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम लगातार छापेमारी कर रही है. यह भी पढ़ें: Karnataka AI Blackmail Case: एआई से बनाई अश्लील वीडियो बनाकर महिला को किया ब्लैकमेल, पैसे मांगने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
डंडे में मोबाइल बांधकर बनाई जा रही थी रील
स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पीड़ित परिवार के पड़ोस में ही रहता है. उसने किशोर की मां और चाची को निशाना बनाने के लिए एक बेहद सोची-समझी कार्यप्रणाली अपनाई थी.
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने एक लंबे डंडे के आखिरी सिरे पर अपना मोबाइल फोन बांधा और उसकी मदद से डिवाइस को ऊंचाई पर स्थित बाथरूम की वेंटिलेशन खिड़की तक पहुंचाया. इसी दौरान घर के बाहर कुछ संदिग्ध हलचल महसूस होने पर 16 वर्षीय किशोर का ध्यान खिड़की की तरफ गया. उसने तुरंत रिकॉर्डिंग के प्रयास को विफल किया और शोर मचाकर परिवार के अन्य सदस्यों को सतर्क कर दिया. पकड़े जाने के डर से आरोपी मोबाइल और डंडा समेटकर मौके से भाग निकला.
बीएनएस और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
ठाणे पुलिस ने इस गंभीर और आक्रामक यौन अपराध को लेकर फरार आरोपी के खिलाफ कई कड़े आपराधिक कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS): आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 77 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो विशेष रूप से ताकझांक (Voyeurism) और किसी की निजी गतिविधियों को उसकी मर्जी के बिना रिकॉर्ड करने के अपराध से संबंधित है.
- पोक्सो एक्ट (POCSO Act, 2012): चूंकि इस मामले का प्राथमिक गवाह और कानूनी प्रक्रिया शुरू करने वाला शिकायतकर्ता एक नाबालिग है, इसलिए एफआईआर में 'यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम' (पोक्सो) के प्रासंगिक प्रावधानों को भी जोड़ा गया है.
जांच की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक और तकनीकी निगरानी टीमों को काम पर लगाया गया है. पुलिस 8 जून की रात के स्थानीय मोबाइल टावर डेटा (डंप डेटा) का विश्लेषण कर रही है ताकि आरोपी के भागने के मार्ग का पता लगाया जा सके.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, "अपराध की विस्तृत जांच फिलहाल जारी है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है." उन्होंने आगे बताया कि पुलिस की विशेष खोजी टीमें आरोपी का सुराग लगाने के लिए भिवंडी के औद्योगिक बेल्ट और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे हिरासत में ले लिया जाएगा.













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