Mukena Putih Coolmax Viral Video: 'मुकेना पुतिह कूलमैक्स' वायरल वीडियो, क्या 'अनसेंसर्ड क्लिप' के नाम पर इंटरनेट पर चल रहा है बड़ा स्कैम?
सोशल मीडिया पर 'मुकेना पुतिह कूलमैक्स' वीडियो के 'अनसेंसर्ड' या फुल वर्जन होने का दावा करने वाले लिंक तेजी से फैल रहे हैं. साइबर विशेषज्ञों ने इसे एक खतरनाक क्लिकबैट स्कैम करार दिया है.
Mukena Putih Coolmax Viral Video: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म पर इन दिनों सफेद मुकेना (पारंपरिक प्रार्थना पोशाक) पहने एक महिला का एक संक्षिप्त वीडियो 'मुकेना पुतिह कूलमैक्स' (Mukena Putih Coolmax) के नाम से तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है. इस साधारण से वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर इसके 'फुल अनसेंसर्ड वर्जन' (Full Uncensored Version) को खोजने की होड़ मच गई है. हालांकि, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस वीडियो का कोई भी आपत्तिजनक या लंबा वर्जन मौजूद नहीं है. 'फुल वीडियो' देने का दावा करने वाले तमाम लिंक वास्तव में एक खतरनाक क्लिकबैट और मालवेयर स्कैम हैं, जो यूजर्स के डिवाइस को संक्रमित कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: Agartala Viral Video: त्रिपुरा के अगरतला में कपल का कथित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, असली या AI डीपफेक होने पर छिड़ी बहस
कैसे शुरू हुआ यह पूरा विवाद?
मूल वीडियो में एक महिला केवल 'मुकेना' पहने नजर आ रही है. मुकेना मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया और ब्रुनेई जैसे देशों में मुस्लिम महिलाओं द्वारा नमाज के दौरान पहनी जाने वाली एक पारंपरिक पोशाक है, जिसे इस वीडियो में कूलमैक्स (हवादार) फैब्रिक से बनाया गया है.
यह वीडियो तब विवादों में आया जब टिकटॉक (TikTok) और इंस्टाग्राम (Instagram) जैसे प्लेटफॉर्म पर इसके एडिटेड वर्जन पोस्ट किए गए. कुछ अज्ञात अकाउंट्स ने जानबूझकर वीडियो में महिला के चेस्ट एरिया पर एक सफेद बॉक्स या 'सेंसर' लगा दिया. इस चालाकी भरे संपादन ने सोशल मीडिया यूजर्स के बीच यह गलत धारणा पैदा कर दी कि वीडियो में कुछ आपत्तिजनक था जिसे छिपाया गया है. इसी के बाद इंटरनेट पर 'अनफिल्टर्ड लीक' की तलाश शुरू हो गई.
फेक मुकेना पुतिह कूलमैक्स वायरल वीडियो लिंक
क्लिकबैट स्कैम का जाल
जून 2026 के आखिरी हफ्तों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर), टेलीग्राम और विभिन्न ब्लॉग्स के कमेंट सेक्शन में स्कैमर्स ने इस उत्सुकता का फायदा उठाना शुरू कर दिया. इन प्लेटफॉर्म्स पर "ट्विटर पर ट्रेंडिंग फुल ड्यूरेशन वीडियो" जैसे लुभावने कैप्शन के साथ लिंक शेयर किए जा रहे हैं.
वास्तविकता यह है कि इन लिंक्स पर क्लिक करने के बाद कोई वीडियो नहीं खुलता. इसके बजाय, ये लिंक यूजर्स को आक्रामक एडवरटाइजिंग नेटवर्क, प्रीमियम एसएमएस सब्सक्रिप्शन स्कैम या एडल्ट कंटेंट वाली वेबसाइटों पर रीडायरेक्ट कर देते हैं, जहां केवल ट्रैफिक बढ़ाने के लिए इस वायरल टाइटल का इस्तेमाल किया जा रहा है.
मालवेयर और डेटा चोरी का गंभीर खतरा
सुरक्षा अधिकारियों और साइबर एक्सपर्ट्स ने इन लिंक्स को बेहद खतरनाक माना है. इन अज्ञात और असत्यापित स्रोतों पर क्लिक करने से यूजर्स को निम्नलिखित गंभीर तकनीकी खतरों का सामना करना पड़ सकता है:
- फिशिंग और डेटा चोरी: ये लिंक यूजर्स को हूबहू दिखने वाले फर्जी लॉगिन पेजों पर ले जाते हैं, जहां उनके सोशल मीडिया क्रेडेंशियल्स, ईमेल पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी चुरा ली जाती है.
- अकाउंट हैकिंग: कुछ लिंक में ऐसे दुर्भावनापूर्ण स्क्रिप्ट (Malicious Scripts) होते हैं जो आपके सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स का एक्सेस हैकर्स को दे देते हैं, जिससे आपके अकाउंट से वही स्कैम आगे फैलने लगता है.
- सॉफ्टवेयर और मालवेयर इन्फेक्शन: इन साइट्स पर जाते ही बैकग्राउंड में खतरनाक स्पाइवेयर या एडवेयर चुपचाप डाउनलोड हो जाते हैं, जो आपके कीस्ट्रोक्स (कीबोर्ड पर टाइप की जाने वाली चीजें) को ट्रैक कर सकते हैं और फोन या लैपटॉप की परफॉर्मेंस को धीमा कर देते हैं.
डिजिटल साक्षरता की जरूरत
यह पूरा मामला इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे किसी सामान्य वीडियो को साधारण एडिटिंग के जरिए एक बड़े साइबर खतरे में बदला जा सकता है. डिजिटल सुरक्षा सलाहकारों ने इंटरनेट यूजर्स को सख्त डिजिटल हाइजीन का पालन करने की सलाह दी है. किसी भी सनसनीखेज या 'लीक' मीडिया का दावा करने वाले थर्ड-पार्टी लिंक्स पर क्लिक करने से बचें और ऐसे भ्रामक पोस्ट दिखने पर उन्हें तुरंत रिपोर्ट करें.