Iraq Oil Ministry Scandal: इराक के पूर्व तेल अधिकारियों का कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल; AI डीपफेक या हकीकत? कोर्ट पहुंची महिला अधिकारी
इराक के तेल मंत्रालय के दो पूर्व उच्च अधिकारियों—इयाद हुसैन अल-जौहर और लीना राद मोहसिन—का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से देश में राजनीतिक और सामाजिक भूचाल आ गया है. जहाँ एक तरफ इस वीडियो को सरकारी दफ्तर के भीतर की वास्तविक घटना बताकर आक्रोश जताया जा रहा है, वहीं पूर्व अधिकारियों ने इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा तैयार किया गया 'डीपफेक' करार देते हुए कानूनी शिकायत दर्ज कराई है.
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बगदाद: इराक के सरकारी तंत्र और तेल मंत्रालय के भीतर नैतिक आचरण और तकनीकी सुरक्षा को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. उत्तरी तेल परियोजना प्राधिकरण (Northern Oil Projects Authority) के दो पूर्व शीर्ष अधिकारियों का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है. लीक हुए इस फुटेज में कथित तौर पर पूर्व निदेशक इयाद हुसैन अल-जौहर (Iyad Hussein Al-Jawhar) और वित्तीय विभाग की पूर्व निदेशक लीना राद मोहसिन (Lina Raad Mohsen) को एक सरकारी कार्यालय के भीतर आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है. इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद इराक में सार्वजनिक आक्रोश, भ्रष्टाचार विरोधी जांच और एआई डीपफेक (AI Deepfake) तकनीक के दुरुपयोग को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है.
कुछ महीने पुराना है मामला, पहले हो चुकी है कार्रवाई
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वीडियो क्लिप हाल ही में व्यापक रूप से वायरल हुई है, लेकिन यह घटना कुछ महीने पुरानी बताई जा रही है. तेल मंत्रालय की सहायक कंपनी 'ऑयल प्रोजेक्ट्स कंपनी' के भीतर एक आंतरिक डेटा लीक के दौरान यह वीडियो सबसे पहले सामने आया था.
उस समय इस मामले को आंतरिक स्तर पर बेहद शांति से निपटाया गया था. घटना के तुरंत बाद इयाद हुसैन अल-जौहर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और उन्हें जबरन सेवानिवृत्ति (Retirement) पर भेज दिया गया था, जबकि लीना राद मोहसिन का तबादला किसी दूसरी कंपनी में कर दिया गया था. हालांकि, अब इस वीडियो के दोबारा इंटरनेट पर सार्वजनिक होने से यह मामला पूरी तरह प्रशासनिक और कानूनी नियंत्रण से बाहर हो गया है.
वीडियो में राष्ट्रीय ध्वज दिखने पर फूटा जनता का गुस्सा
इस वीडियो के दोबारा वायरल होने पर इराकी समाज और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. इसका मुख्य कारण यह है कि यह कथित अश्लील कृत्य एक राज्य भवन (State Building) के भीतर और इराक के राष्ट्रीय ध्वज (Iraqi Flag) के सामने अंजाम दिया गया है, जिसे देश के सम्मान के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है.
बढ़ते विवाद के बीच ऑयल प्रोजेक्ट्स कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर कुछ अकाउंट्स इस वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को वर्तमान महानिदेशक अली वार्ड हमूद बताकर भ्रामक अफवाहें फैला रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है. कंपनी का वर्तमान नेतृत्व से कोई संबंध नहीं है.
लीना राद मोहसेन ने 'डीपफेक' वायरल वीडियो को लेकर कानूनी कार्रवाई की
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एआई डीपफेक का दावा और कानूनी लड़ाई
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब पूर्व महिला वित्तीय निदेशक लीना राद मोहसिन ने कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और अकाउंट्स के खिलाफ आधिकारिक तौर पर मानहानि और जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने अदालत में दावा किया है कि इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक एडिटिंग टूल्स के जरिए उनके चेहरे को 'फेस-स्वैप' करके तैयार किया गया है, जिसने उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाया है.
दूसरी तरफ, पूर्व निदेशक इयाद हुसैन अल-जौहर ने भी एक लाइव टीवी शो में उपस्थित होकर वीडियो की प्रामाणिकता को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एआई-जनरेटेड (AI-generated Fabricated Video) है. हालांकि, तकनीकी विश्लेषक और आम जनता इस एआई के दावे को लेकर संशय में हैं, क्योंकि अधिकारियों के खिलाफ पहले की गई प्रशासनिक कार्रवाई इस वीडियो के वास्तविक होने की ओर इशारा करती है.
भ्रष्टाचार रोधी जांच से ध्यान भटकाने की साजिश?
इराकी खुफिया और सुरक्षा सूत्रों (जैसे इराक ऑब्जर्वर) का मानना है कि इस पुराने वीडियो को ठीक इसी समय पर दोबारा वायरल करने के पीछे एक बड़ी राजनीतिक साजिश हो सकती है. तेल मंत्रालय के भीतर इस समय कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार विरोधी अभियान (Anti-corruption Drive) और जांच चल रही है.
आशंका जताई जा रही है कि मुख्य वित्तीय घोटालों और जांच से मीडिया व जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस संवेदनशील वीडियो का इस्तेमाल एक हथियार के रूप में किया जा रहा है. फिलहाल इराकी साइबर सेल और फोरेंसिक टीमें वीडियो की तकनीकी सत्यता की जांच कर रही हैं, और देश की अदालतें इस शिकायत पर अंतिम फैसले का इंतजार कर रही हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 29, 2026 03:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

