हिंदी सेक्सी वीडियो के नाम पर साइबर फ्रॉड का बड़ा खतरा, एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक खाता
सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर 'हिंदी सेक्सी वीडियो' के नाम पर भेजी जा रही संदिग्ध लिंक्स के जरिए साइबर ठगी का खतरा बढ़ गया है. जानें यह फ्रॉड कैसे होता है और इससे कैसे बचें.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर इन दिनों आकर्षक और भ्रामक नामों से 'हिंदी सेक्सी वीडियो' की लिंक्स बड़े पैमाने पर शेयर की जा रही हैं. साइबर अपराधी लोगों की उत्सुकता का फायदा उठाकर इस तरह का जाल बिछाते हैं. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन अनजान लिंक्स पर क्लिक करना यूजर्स के लिए भारी पड़ सकता है, क्योंकि इससे मोबाइल हैक होने के साथ-साथ बैंक खाते से पैसे भी चोरी हो सकते हैं.
क्लिक करते ही मालवेयर का खतरा
जब कोई यूजर इस प्रकार की लिंक पर क्लिक करता है, तो स्क्रीन पर कोई वीडियो प्ले नहीं होता. इसके बजाय यूजर के अनजाने में ही उसके फोन या कंप्यूटर में मालवेयर या स्पायवेयर बैकग्राउंड में डाउनलोड हो जाता है. यह खतरनाक सॉफ्टवेयर डिवाइस में छिपकर काम करता है और यूजर के बैंकिंग डिटेल्स, यूपीआई पिन, मैसेजेस और कॉन्टैक्ट लिस्ट जैसी संवेदनशील जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंचा देता है.
फिशिंग के जरिए डेटा और अकाउंट हैकिंग
कई बार ये भ्रामक लिंक्स यूजर्स को एक फर्जी वेबसाइट पर ले जाती हैं. वहां पूरा वीडियो देखने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट से लॉग इन करने या मोबाइल नंबर डालने को कहा जाता है. इस प्रक्रिया को 'फिशिंग' कहा जाता है. जैसे ही यूजर अपनी जानकारी दर्ज करता है, उसका सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो जाता है. इसके बाद हैकर्स उसी अकाउंट से यूजर की कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद अन्य लोगों को भी यही लिंक भेजकर ठगने की कोशिश करते हैं.
सेक्सटॉर्शन और ब्लैकमेलिंग की आशंका
वित्तीय नुकसान के अलावा, इस तरह के फ्रॉड में 'सेक्सटॉर्शन' का जोखिम भी तेजी से बढ़ रहा है. कई फर्जी लिंक्स के जरिए यूजर्स को किसी अनजान चैट रूम या वीडियो कॉल पर जोड़ दिया जाता है और उनकी स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली जाती है. बाद में उस रिकॉर्डिंग को सोशल मीडिया पर वायरल करने या रिश्तेदारों को भेजने की धमकी देकर मोटी रकम की उगाही की जाती है.
साइबर फ्रॉड से बचाव के जरूरी उपाय
इस तरह की ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रहने के लिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
किसी भी अनजान व्यक्ति या ग्रुप से आई संदिग्ध लिंक पर गलती से भी क्लिक न करें.
सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर मिलने वाले भ्रामक दावों वाले संदेशों को आगे शेयर करने से बचें.
अपने सभी ऑनलाइन खातों और ईमेल पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Two-Factor Authentication) फीचर हमेशा चालू रखें.
अगर फोन में अपने आप कोई अज्ञात ऐप इंस्टॉल हो जाए, तो उसे तुरंत हटा दें और डिवाइस को एंटीवायरस से स्कैन करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 20, 2026 10:32 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

