यूपी में हाई-वोल्टेज ड्रामा: प्रेमी के साथ रहने की मांग को लेकर 5 साल के बच्चे संग 120 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, SDRF ने किया सुरक्षित रेस्क्यू (Watch Video)

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में सोमवार, 1 जून 2026 को एक बेहद चौंकाने वाली और खतरनाक घटना सामने आई. यहाँ एक स्थानीय महिला अपने 5 साल के मासूम बच्चे को लेकर 120 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई. महिला की मांग थी कि उसे उसके प्रेमी के साथ रहने की अनुमति दी जाए. इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला (Photo Credits: X)

गोंडा, 1 जून: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोंडा जिले (Gonda District) में सोमवार को उस समय एक बेहद खतरनाक और हाई-वोल्टेज ड्रामा (High-Voltage Drama) देखने को मिला, जब एक महिला अपने 5 साल के मासूम बच्चे के साथ 120 फीट ऊंचे मोबाइल टावर (Mobile Tower) पर चढ़ गई. महिला की मांग थी कि उसे उसके प्रेमी के साथ रहने दिया जाए. इस घटना ने पूरे इलाके में भारी दहशत और हड़कंप पैदा कर दिया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को घंटों लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) चलाना पड़ा. काफी मशक्कत के बाद आखिरकार मां-बेटे दोनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया. यह भी पढ़ें: Pune News: पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ में नशे में धुत युवक का हाई-वोल्टेज ड्रामा, बिजली के टावर पर चढ़ा; दमकल विभाग को उतारने में छूटे पसीने; देखें VIDEO

घरेलू विवाद के बाद उठाया आत्मघाती कदम; नीचे जुटी भारी भीड़

स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला का अपने रिश्ते को लेकर घर में काफी समय से विवाद चल रहा था. इसी पारिवारिक कलह और विवाद से तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया.

लोहे के ऊंचे ऊंचे एंगलों और फ्रेमवर्क के बीच अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर महिला टावर के काफी ऊपर जाकर बैठ गई. उसने नीचे खड़े अधिकारियों से साफ कह दिया कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वह नीचे नहीं उतरेगी. इस अजीबो-गरीब ड्रामे को देखने के लिए टावर के नीचे सैकड़ों राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई.

SDRF ने गोंडा में 120 फुट ऊंचे टावर से मां और बच्चे को बचाया

एसडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा; मां-बेटे का सुरक्षित रेस्क्यू

घटना की संवेदनशीलता और इतनी ऊंचाई पर मासूम बच्चे की जान को गंभीर खतरे को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत मौके पर मोर्चा संभाला. मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को विशेष रूप से इस रेस्क्यू मिशन के लिए तैनात किया गया.

एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने सावधानीपूर्वक ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ना शुरू किया. ऊपर पहुंचकर जवानों ने धैर्यपूर्वक महिला से बातचीत की और उसे मानसिक रूप से शांत कर सहयोग करने के लिए राजी किया. कड़ी मशक्कत के बाद, एसडीआरएफ की टीम मां और उसके 5 साल के बेटे दोनों को बिना किसी चोट के सुरक्षित जमीन पर नीचे उतारने में सफल रही.

परामर्श और कानूनी प्रक्रिया जारी

स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि बच्चा और मां दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला की काउंसलिंग (परामर्श) कराई जा रही है ताकि उसके मानसिक तनाव को कम किया जा सके. इसके साथ ही, पारिवारिक और आपसी विवाद को सुलझाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं भी शुरू कर दी गई हैं.

Share Now