Deepfake & Cyber Scams: शालिनी पांडे से मुस्कान कारिया तक; 'एमएमएस लीक' और फर्जी वायरल वीडियो की शिकार हुईं ये 5 हस्तियां, साइबर विशेषज्ञों ने किया बड़ा खुलासा
सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर महिला अभिनेत्रियों और प्रमुख डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स के नाम पर कथित 'एमएमएस लीक' और आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामलों में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है. हालांकि, आधिकारिक बयानों, पुलिस शिकायतों और तकनीकी जांचों से यह स्पष्ट हो गया है कि ये वायरल दावे पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठे हैं.
Deepfake & Cyber Scams: सोशल मीडिया और डिजिटल स्पेस में महिला हस्तियों और कंटेंट क्रिएटर्स की छवि को नुकसान पहुंचाने तथा अवैध ट्रैफिक बटोरने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डीपफेक और कथित एमएमएस लीक (MMS Leak) के हथकंडों का दुरुपयोग खतरनाक रूप से बढ़ गया है.
हाल के दिनों में बॉलीवुड अभिनेत्री शालिनी पांडे, डिजिटल क्रिएटर मुस्कान कारिया और तनु रावत समेत पांच प्रमुख चेहरे ऐसे सनसनीखेज साइबर हमलों का शिकार बने हैं. साइबर विशेषज्ञों, पुलिस जांच और स्वयं प्रभावित हस्तियों के बयानों ने पुष्टि की है कि ये वीडियो या तो डीपफेक तकनीक से मॉर्फ किए गए हैं या फिर वित्तीय ठगी के लिए तैयार किए गए फर्जी क्लिकबेट जाल हैं.
1. शालिनी पांडे: एआई डीपफेक वीडियो की कड़ी निंदा
'अर्जुन रेड्डी' और 'जयेशभाई जोरदार' फेम बॉलीवुड अभिनेत्री शालिनी पांडे ने हाल ही में अपने नाम से वायरल हो रहे एक एआई-जनरेटेड फर्जी वीडियो पर सार्वजनिक रूप से तीखी प्रतिक्रिया दी:
- अभिनेत्री का बयान: शालिनी ने इंस्टाग्राम पर स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो पूरी तरह मनगढ़ंत है और उनका इससे कोई संबंध नहीं है.
- तकनीक के दुरुपयोग पर चिंता: उन्होंने महिलाओं को निशाना बनाने के लिए जनरेटिव एआई के दुरुपयोग को परेशान करने वाला बताया और लोगों से इस सामग्री को साझा करने या डाउनलोड करने के बजाय तत्काल रिपोर्ट करने की अपील की.
शालिनी पांडे का वायरल वीडियो असली है या नकली? एक्ट्रेस ने क्लिप को AI-जनरेटेड बताया.
2. मुस्कान कारिया: डीपफेक मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई
लोकप्रिय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और फूड इन्फ्लुएंसर मुस्कान कारिया के नाम से एक आपत्तिजनक डीपफेक वीडियो प्रसारित किया गया:
- सब्सक्राइबर वीडियो से छेड़छाड़: मुस्कान ने बताया कि उनके एक सामान्य सब्सक्राइबर-ओनली वीडियो के फुटेज का उपयोग कर फेस-स्वैपिंग तकनीक से यह फर्जी क्लिप बनाई गई थी.
- साइबर सेल में शिकायत: मामले की शिकायत महाराष्ट्र पुलिस साइबर सेल में दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी पड़ताल कर आरोपियों को पकड़ा और वीडियो के पूरी तरह 'डीपफेक' होने का आधिकारिक प्रमाणपत्र जारी किया। जांच में यह भी सामने आया कि इन लिंक्स का इस्तेमाल यूजर्स के बैंकिंग डेटा चुराने के लिए किया जा रहा था.
इन्फ्लुएंसर मुस्कान करिया ने वायरल AI डीपफेक वीडियो के खिलाफ कानूनी लड़ाई जीती
3. तनु रावत: ऐड-रेवेन्यू और क्लिकबेट का खेल
डिजिटल क्रिएटर तनु रावत के नाम पर कथित 'लीक्ड वीडियो' के दावों वाले लिंक टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बड़े पैमाने पर फैलाए गए:
- क्लिकबेट घोटाला: फैक्ट-चेक से पुष्टि हुई कि इंटरनेट पर ऐसा कोई वास्तविक वीडियो मौजूद ही नहीं है.
- साइबर ठगों का तरीका: ऑटोमेटेड बॉट्स और सनसनीखेज कीवर्ड्स का इस्तेमाल कर यूजर्स को उन वेबसाइटों पर भेजा जा रहा था जहां भारी विज्ञापन, ऑनलाइन सर्वे और मैलवेयर डाउनलोड के जाल बिछाए गए थे, ताकि साइबर अपराधी अवैध रूप से विज्ञापन राजस्व कमा सकें.
4. हेतल परमार: प्रतिष्ठा धूमिल करने के खिलाफ दी सफाई
गुजराती सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हेतल परमार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर अपनी पहचान से जोड़े जा रहे एक आपत्तिजनक वीडियो पर सार्वजनिक वीडियो जारी कर स्थिति स्पष्ट की:
- डीपफेक की पुष्टि: हेतल ने दर्शकों से कहा कि यह वीडियो एआई टूल्स की मदद से उनकी छवि खराब करने के इरादे से बनाया गया है.
- सजगता की अपील: उन्होंने अपने प्रशंसकों से डिजिटल हेरफेर को पहचानने और बिना सहमति के किसी भी व्यक्ति के मॉर्फ्ड वीडियो को आगे फॉरवर्ड न करने का आग्रह किया.
वायरल MMS लीक विवाद के बाद हेतल परमार का जवाब
5. प्रीति पासवान: शारीरिक भिन्नता दिखाकर झूठे दावों को नकारा
भोजपुरी नृत्यांगना और स्टेज आर्टिस्ट प्रीति पासवान ने उनके नाम से जोड़े गए एक 1 मिनट 48 सेकंड के आपत्तिजनक वीडियो का खंडन किया:
- तथ्यात्मक अंतर: प्रीति ने एक वीडियो जारी कर बताया कि क्लिप में दिख रही महिला के चेहरे और शरीर पर वे निशान (जैसे विशिष्ट तिल और कंधे पर बने टैटू) मौजूद नहीं हैं, जो उनके शरीर पर हैं.
- विधिक कार्रवाई की चेतावनी: उन्होंने झूठी सामग्री प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स और पेजों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात कही.
प्रीति पासवान ने वायरल वीडियो को खारिज किया
एआई डीपफेक और साइबर सुरक्षा पर कानूनी चेतावनी
साइबर सुरक्षा एजेंसियों और विधिक विशेषज्ञों ने आम इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को ऐसे मामलों में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- फिशिंग लिंक्स से बचाव: किसी भी सनसनीखेज 'लीक्ड' या 'डाउनलोड' लिंक पर क्लिक न करें, क्योंकि इनसे फोन में ट्रोजन या मैलवेयर इंस्टॉल हो सकते हैं.
- आईटी एक्ट का उल्लंघन: किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी पहचान को मॉर्फ करना, डीपफेक बनाना या आपत्तिजनक सामग्री को फॉरवर्ड करना सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर-जमानती अपराध है.