Fact Check: क्या आधार कार्ड धारकों को मिलेगा 1 तोला मुफ्त सोना? जानिए पीएम मोदी के नाम से वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधार कार्ड धारकों के लिए 1 तोला मुफ्त सोना देने की योजना की घोषणा की है. पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और वीडियो को एआई-जनरेटेड डीपफेक करार दिया है.
नई दिल्ली: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और अन्य मैसेजिंग ऐप्स पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार की एक नई योजना के तहत प्रत्येक आधार कार्ड धारक को 1 तोला (लगभग 10 ग्राम) सोना (Gold) मुफ्त दिया जाएगा.
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे की पड़ताल कर इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया है. पीआईबी ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार या प्रधानमंत्री द्वारा ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की गई है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या पीएम नरेंद्र मोदी ने 320 बार किया था ‘एपस्टीन आइलैंड’ का दौरा? जानें वायरल सोशल मीडिया दावे का पूरा सच
डीपफेक तकनीक से तैयार किया गया है वीडियो
पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार, वायरल वीडियो डिजिटल हेरफेर और डीपफेक (Deepfake) तकनीक की मदद से तैयार किया गया है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने भाषण के वीडियो फुटेज पर एआई-जनरेटेड नकली ऑडियो जोड़कर ऐसा दर्शाया गया है मानो वे मुफ्त सोना बांटने की घोषणा कर रहे हों.
यह वीडियो 'indiamobileyojna' नामक एक इंस्टाग्राम पेज सहित कई सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा प्रसारित किया गया था. इस प्रकार के भ्रामक वीडियो का उद्देश्य आम नागरिकों में भ्रम फैलाना और उन्हें अनधिकृत लिंक्स पर क्लिक करने के लिए आकर्षित करना होता है.
आधार गोल्ड स्कीम फैक्ट चेक
सरकारी योजनाओं की सत्यता कैसे जांचें?
नागरिकों को किसी भी वायरल सरकारी दावे पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक माध्यमों से पुष्टि करने की सलाह दी जाती है:
- myScheme पोर्टल: केंद्र और राज्य सरकारों की सभी आधिकारिक और वैध कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे सरकार के आधिकारिक पोर्टल gov.in पर देखी जा सकती है.
- आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल: किसी भी बड़ी नीति या योजना की घोषणा केवल भारत सरकार के मंत्रालयों की आधिकारिक वेबसाइटों और 'ब्लू टिक' सत्यापित सोशल मीडिया खातों पर ही जारी की जाती है.
ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए क्या करें?
साइबर विशेषज्ञ और सुरक्षा एजेंसियां नागरिकों को इस प्रकार के वित्तीय और डेटा चोरी वाले घोटालों से सतर्क रहने की चेतावनी देती हैं:
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: सोशल मीडिया पोस्ट या मैसेज में दिए गए किसी भी अनजान वेब लिंक पर क्लिक करने से बचें.
- गोपनीय विवरण साझा न करें: किसी भी वेबसाइट या व्यक्ति के साथ अपना आधार विवरण, बैंक खाता संख्या, पासवर्ड या ओटीपी (OTP) साझा न करें.
- फर्जी दावों की रिपोर्ट करें: यदि आपको केंद्र सरकार से संबंधित कोई संदिग्ध दावा या वीडियो मिलता है, तो आप उसकी सच्चाई जानने के लिए पीआईबी फैक्ट चेक के व्हाट्सएप नंबर +91 8799711259 पर संदेश भेज सकते हैं या factcheck@pib.gov.in पर ईमेल कर सकते हैं.