Fact Check: मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर 1994 में पकड़ा गया विशालकाय 'क्रॉकज़िला'? जानें वायरल वीडियो का सच

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि 1994 में मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास एक विशालकाय मगरमच्छ 'क्रॉकज़िला' को पकड़ा गया था. फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह फर्जी निकला है और यह वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा निर्मित है.

1994 में मुंबई गेटवे के पास 'क्रॉकज़िला' को पकड़े जाने की बात झूठी है (Photo Credits: Instagram/@aikalaakari)

मुंबई: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक पर एक वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि वर्ष 1994 में मुंबई के ऐतिहासिक गेटवे ऑफ इंडिया (Gateway of India) के पास एक विशालकाय मगरमच्छ ('क्रॉकज़िला' - Croczilla) को काबू में कर पकड़ा गया था. इंटरनेट पर कई यूज़र्स इसे एक वास्तविक ऐतिहासिक घटना का आर्काइवल फुटेज मानकर शेयर कर रहे हैं.

हालांकि, फैक्ट चेक जांच में यह दावा पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक साबित हुआ है. वायरल हो रहा वीडियो किसी वास्तविक घटना का नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया एक काल्पनिक वीडियो है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या एक अमीर शख्स ने प्लास्टिक सर्जरी करवाकर खुद को बना लिया कुत्ता? जानें वायरल वीडियो का सच

क्रिएटर ने खुद की AI कंटेंट होने की पुष्टि

वायरल वीडियो की पड़ताल करने पर सामने आया कि इसे राहुल नंदा (Rahul Nanda) नाम के एक डिजिटल क्रिएटर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया था. राहुल नंदा ने अपने प्रोफाइल में खुद को एक 'एआई फिल्ममेकर' (AI Filmmaker) बताया है.

वीडियो के विवरण (Description) में क्रिएटर ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह पूरा कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है. इसके बावजूद, कई सोशल मीडिया यूज़र्स और पेजों ने डिस्क्लेमर को हटाकर इस वीडियो को असली घटना बताकर फैलाना शुरू कर दिया.

एआई जनरेटेड कंटेंट और फर्जी खबरों का बढ़ता खतरा

हाल के समय में एआई तकनीक के तेजी से विकास के कारण सोशल मीडिया पर इस तरह के वास्तविक दिखने वाले फर्जी वीडियो की बाढ़ आ गई है.

इससे पहले भी एआई द्वारा बनाए गए कई वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें मुंबई में फ्लाईओवर गिरने का काल्पनिक दृश्य या किसी साधू द्वारा मगरमच्छ की सवारी करने जैसे भ्रामक वीडियो शामिल हैं. हालांकि कई एआई क्रिएटर्स अपनी पोस्ट में '#AIFilms' या '#AIContent' जैसे हैशटैग का इस्तेमाल कर पारदर्शिता बरतते हैं, लेकिन जब ये वीडियो बिना संदर्भ के री-पोस्ट किए जाते हैं, तो आम जनता में भारी भ्रम की स्थिति पैदा होती है.

निष्कर्ष

वर्ष 1994 में मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर 'क्रॉकज़िला' नामक विशाल मगरमच्छ पकड़े जाने का दावा पूरी तरह झूठा है. यह वीडियो पूरी तरह से एआई-जनरेटेड है. सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी सनसनीखेज या अवास्तविक दावे वाले वीडियो पर विश्वास करने या उसे आगे शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें.

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