Fact Check: क्या भारत को 99 साल के लीज पर मिली थी आजादी? माउंटबेटन के कथित पत्र का वायरल दावा पूरी तरह फर्जी

सोशल मीडिया पर एक पत्र की तस्वीर साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि ब्रिटेन ने 1947 में भारत को पूर्ण स्वतंत्रता देने के बजाय 99 साल के लीज पर आजादी दी थी. पत्र को लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को लिखा गया बताया जा रहा है. तथ्य-जांच पड़ताल में यह पत्र पूरी तरह फर्जी और एआई-जनरेटेड साबित हुआ है.

फैक्ट चेक (Photo Credits: Threads/@harindra.nath.315)

नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारत की स्वतंत्रता और संप्रभुता को लेकर एक पुराना भ्रामक दावा नए स्वरूप में प्रसारित किया जा रहा है. वायरल पोस्ट में एक आधिकारिक दिखने वाले पत्र की तस्वीर साझा कर दावा किया गया है कि भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड लुई माउंटबेटन (Lord Louis Mountbatten) ने प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawaharlal Nehru) को पत्र लिखकर 99 साल के लीज पर आजादी देने की बात कही थी.

हालांकि, ऐतिहासिक अभिलेखों और फैक्ट-चेक जांच से स्पष्ट हो गया है कि यह दावा पूरी तरह निराधार है और प्रसारित पत्र आधुनिक तकनीक व एआई टूल्स के जरिए तैयार किया गया एक जाली दस्तावेज है. यह भी पढ़ें: Fact Check: क्या PM मोदी ने राष्ट्रगान का अनादर किया? जानें वायरल VIDEO का सच

सोशल मीडिया पर क्या किया जा रहा था दावा?

अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस पत्र में दावा किया गया कि 1947 में सत्ता का हस्तांतरण स्थायी नहीं बल्कि एक अस्थायी व्यवस्था थी, जिसके तहत 99 वर्ष की लीज तय की गई थी.

इस पोस्ट के साथ यह भ्रम फैलाने की कोशिश की गई कि निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद भारत की संप्रभुता की स्थिति बदल सकती है.

फैक्ट-चेक पड़ताल: एआई-जनरेटेड निकला वायरल दस्तावेज

BOOM Fact Check और Fact Crescendo सहित कई प्रमुख तथ्य-जांच संस्थाओं ने इस वायरल दावे की पड़ताल की, जिसमें कई विसंगतियां सामने आईं:

'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' में क्या है वास्तविक प्रावधान?

ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 1947' (Indian Independence Act, 1947) भारत के विभाजन और स्वतंत्रता का मूल वैधानिक आधार है.

निष्कर्ष

लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा जवाहरलाल नेहरू को 99 साल के लीज पर आजादी देने का पत्र पूरी तरह फर्जी और जाली है. भारत 15 अगस्त 1947 को एक पूर्ण स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र बना था, जिसकी आजादी किसी समय-सीमा या पट्टे पर आधारित नहीं है. पाठकों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को ऐसे भ्रामक व मनगढ़ंत दावों को बिना आधिकारिक सत्यापन के साझा न करने की सलाह दी जाती है.

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