Fact Check: क्या आंध्र प्रदेश में 'दिव्य शक्तियों' से उड़ने के चक्कर में पहाड़ी से गिरा पुजारी? सोशल मीडिया पर झूठा दावा वायरल
सोशल मीडिया पर एक पुराने वीडियो को इस झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश में एक हिंदू पुजारी ने दिव्य शक्तियों से हवा में उड़ने का दावा किया और पहाड़ी से कूदकर अपनी जान गंवा दी.
अमरावती: सोशल मीडिया (Social Media) पर एक पहाड़ी से गिरते हुए हिंदू पुजारी (Hindu Priest) का वीडियो तेजी से वायरल (Viral Video) हो रहा है. इसके साथ दावा किया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में एक पुजारी ने चमत्कारी शक्तियों से हवा में उड़ने का प्रदर्शन करने के लिए पहाड़ से छलांग (Jumped From Mountain) लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई. हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत पाया गया है. वायरल वीडियो किसी अंधविश्वास के स्टंट का नहीं, बल्कि साल 2021 में हुए एक दुखद हादसे का है. यह भी पढ़ें: Andhra Pradesh: अनंतपुर में पहाड़ी मंदिर से पैर फिसलने के कारण पुजारी की दर्दनाक मौत; सोशल मीडिया के दावों और हकीकत में बड़ा अंतर
क्या है वायरल पोस्ट का दावा?
इंटरनेट पर री-सर्कुलेट हो रहे इस वीडियो के साथ सनसनीखेज कैप्शन लिखे जा रहे हैं. पोस्ट में दावा किया जा रहा है:
"आंध्र प्रदेश में दिव्य शक्ति से आकाश में उड़ने का दावा करने वाले 49 वर्षीय हिंदू पुजारी ने पहाड़ की चोटी से छलांग लगा दी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई."
हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड, पुलिस बयानों और चश्मदीदों के मुताबिक इस दावे में कोई सच्चाई नहीं है.
अगस्त 2021 का है असल मामला
यह दर्दनाक घटना अगस्त 2021 की है, जो आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के सिन्गानामाला मंडल में स्थित 'गम्पा मल्लैया स्वामी' (Gampa Mallayya Swamy) पहाड़ी पर हुई थी.
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 49 वर्षीय पुजारी पपैया (Papayya) के रूप में हुई थी. पपैया पवित्र श्रावण मास के दौरान विशेष अनुष्ठान और पूजा करने के लिए कई दक्षिणी राज्यों से आए श्रद्धालुओं के साथ मंदिर पहुंचे थे.
पुराना वीडियो झूठे दावे के साथ शेयर किया गया
पूजा के दौरान असंतुलित होकर गिरे
जांच के मुताबिक, पहाड़ी पर अनुष्ठान करते समय पुजारी पपैया के एक हाथ में घंटी और दूसरे हाथ में आरती की थाली थी इ.सी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह पैर फिसलने के कारण सीधे 40 फीट गहरी खाई में जा गिरे.
वहां मौजूद कई श्रद्धालुओं ने इस हादसे को अपनी आंखों से देखा था और उन्हीं में से किसी एक के मोबाइल में यह घटना रिकॉर्ड हो गई थी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को निकाला, पोस्टमॉर्टम कराया और इसे एक दुर्घटना के रूप में दर्ज किया था.
पुरानी घटनाओं को गलत संदर्भ में परोसने का चलन
सालों पुराने इस हादसे के वीडियो को अब भ्रामक और झूठी कहानियों के साथ दोबारा शेयर किया जा रहा है, ताकि सोशल मीडिया पर अधिक व्यूज और इंगेजमेंट हासिल की जा सके. पुलिस या किसी भी स्थानीय रिपोर्ट में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो कि पुजारी ने उड़ने का कोई दावा किया था या वह जानबूझकर पहाड़ी से कूदे थे. यह पूरी तरह से एक दुर्घटना थी, जिसे अंधविश्वास का रंग देकर फैलाया जा रहा है.