Chitrakoot Viral Video: वायरल वीडियो डाउनलोड या शेयर करने पर हो सकती है जेल
चित्रकूट में छात्रा के साथ हुए सामूहिक बलात्कार मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस और साइबर सेल ने आम जनता को सख्त चेतावनी दी है. यौन उत्पीड़न से जुड़े किसी भी वीडियो को डाउनलोड करना, सेव करना या शेयर करना भारतीय कानून के तहत गंभीर अपराध है, जिसके लिए जेल और भारी जुर्माना हो सकता है.
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक छात्रा के साथ हुई सामूहिक बलात्कार की घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस और साइबर सेल ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को कड़ी चेतावनी दी है. यह एक पुराना विडियो है और यह चित्रकूट का नही चित्रकूट पुलिस ने इस बारे में जानकारी साझा की है.
बहरहाल, यह पुराना वीडियो हैं, और अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यौन हिंसा से जुड़े किसी भी वीडियो को डाउनलोड करना, अपने पास स्टोर रखना या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शेयर करना भारतीय कानून के तहत एक गंभीर अपराध है. ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सोशल मीडिया पर निगरानी और साइबर सेल की चेतावनी
अपराध के दौरान बनाए गए वीडियो के इंटरनेट पर सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इसे सर्च करने लगे. कुछ फर्जी और संदिग्ध अकाउंट्स द्वारा डाउनलोड लिंक शेयर किए जाने की बात भी सामने आई है. इसे ध्यान में रखते हुए साइबर सेल ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ा दी है. पुलिस ऐसे सभी लिंक और शेयर करने वाले अकाउंट्स को ट्रैक कर रही है.
कानून में सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान
माहिती प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत किसी भी यौन हिंसा के वीडियो या पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली सामग्री का प्रसार करना गैर-कानूनी है.
कानूनी प्रावधानों के अनुसार:
पीड़िता की निजता और पहचान का उल्लंघन करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है.
इस तरह के वीडियो को फॉरवर्ड या डाउनलोड करने पर गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज हो सकता है.
दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति को कठोर कारावास की सजा और बड़ा आर्थिक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है.
नागरिकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह के संवेदनशील कंटेंट से दूर रहें. यदि किसी व्यक्ति को व्हाट्सएप, टेलीग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसा वीडियो प्राप्त होता है, तो उसे आगे भेजने के बजाय तुरंत डिलीट कर दें. साइबर पुलिस डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर कार्रवाई कर रही है और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.