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इंसानों से भी ज्यादा साफ-सुथरे बिस्तर पर सोता हैं यह जानवर

अगर आप सोच रहे है की दुनिया में सिर्फ इंसान ही सबसे ज्यादा साफ-सफाई के साथ रहते है तो आप गलत है. क्योकि हाल ही में हुए शोध के मुताबिक दुनिया में एक जानवर ऐसा भी है जो इंसानों से भी ज्यादा साफ-सुथरे बिस्तर पर सोना पसंद करता है.

इंसानों से भी ज्यादा साफ-सुथरे बिस्तर पर सोता हैं यह जानवर
चिंपाजी के शरीर पर इंसानों की तुलना में कम बैक्टीरिया पाए जाते है (Photo Credits: File Photo)

न्यूयार्क: अगर आप सोच रहे है की दुनिया में सिर्फ इंसान ही सबसे ज्यादा साफ-सफाई के साथ रहते है तो आप गलत है. क्योकि हाल ही में हुए शोध के मुताबिक दुनिया में एक जानवर ऐसा भी है जो इंसानों से भी ज्यादा साफ-सुथरे बिस्तर पर सोना पसंद करता है.

‘रॉयल सोसाइटी ओपन साइंस’ जर्नल में प्रकाशित रिसर्च में दावा किया गया है कि चिंपांजी का बिस्तर इंसानों की अपेक्षा ज्यादा साफ होता है. इस रिसर्च में पेड़ों पर चिम्पैंजियों द्वारा तैयार किए जाने वाले उनके बिस्तर पर मिले जीवाणुओं और कीड़े-मकोड़े का अध्ययन किया गया है.

अनुंसधानकर्ताओं ने पाया कि कुछ अन्य जंगली जानवरों के मुकाबले चिंपांजी इंसान के करीबी हैं जो कि खुद रोजाना अपना बिस्तर तैयार करते हैं. तंजानियां के शोधार्थियों ने 41 चिंपांजी के बिस्तरों के सफाई से जुड़े आंकड़ों का संग्रह किया. इन आंकड़ों से पता चला कि चिंपांजी के बिस्तर में जीवाणु के पाए जाने की संभावना कम होती है.

अमेरीका के नॉर्थ कैरोलाइना स्टेट यूनिवर्सिटी के पीएचडी छात्र के मुताबिक आम इंसानों के बिस्तर पर मिलने वाले 35 फीसदी जीवाणु खुद के शरीर के ही होते हैं. चिंपाजी के शरीर पर इंसानों की तुलना में कम बैक्टीरिया पाए जाते है.

चिंपांजी पृथ्वी पर सबसे बुद्धिमान जानवरों में से एक माना जाता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि चिंपाजी हर रोज अपना बिस्तर ताजा पत्तियों और टहनियों से बनाता हैं, जो कि पेड़ों पर काफी ऊंचे होते हैं.

इंसानों और चिंपांजियों में वास्तव में बहुट सारी समानताए होती है क्योकि हमारे डीएनए का 96 प्रतिशत चिंपांजियों में पाया जाता है. चिंपांजी सर्वाहारी होता है और वह वनस्पति और मांस दोनों खाता है.

इंसानों जैसे ही चिंपांजी भी एक-दूसरे के साथ संवाद करने के लिए शब्द, भाव और इशारों का उपयोग करते हैं. इसके अलावा चिंपांजी की देखने, स्वाद और सुनने की इंद्रियां लगभग इंसानों जैसी ही होती हैं. चिंपांजी भी दिन में खाते है और रात में उंचे पेड़ों पर बनाए हुए घोंसले में सोते हैं.

हालांकि दुनियाभर में इनकी संख्या अब बहुत कम बची है. चिंपांजी अफ्रीका में 20 देशों में पाए जाते है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 17, 2018 01:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).