Shalini Pandey Deepfake: सोशल मीडिया पर शालिनी पांडे का कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल; अभिनेत्री ने बताया AI-निर्मित 'पूरी तरह फर्जी', रिपोर्ट करने की अपील
फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' फेम अभिनेत्री शालिनी पांडे ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे अपने एक कथित टॉपलेस वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जनरेटेड बताया है. इंस्टाग्राम पर जारी एक आधिकारिक बयान में अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि वायरल क्लिप पूरी तरह मनगढ़ंत है और इसमें वह नहीं हैं. तकनीक के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने लोगों से इस वीडियो को डाउनलोड, शेयर या फॉरवर्ड न करने और इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तुरंत रिपोर्ट करने का आग्रह किया है.
मुंबई: सोशल मीडिया ((Social Media) प्लेटफॉर्म्स पर बॉलीवुड और तेलुगु सिनेमा की अभिनेत्री शालिनी पांडे (Shalini Pandey) का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित होने के बाद अभिनेत्री ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है. 31 अगस्त 2026 को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक बयान साझा करते हुए शालिनी पांडे ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के जरिए तैयार किया गया है.
अभिनेत्री ने तकनीक के इस तरह के दुर्भावनापूर्ण उपयोग की कड़ी निंदा करते हुए प्रशंसकों और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से इसे आगे न बढ़ाने की अपील की है. यह भी पढ़ें: Tanu Rawat Viral Video Controversy: ऋषिकेश के आश्रम में डांस वीडियो पर मचा बवाल; हिंदू संगठनों ने धार्मिक मर्यादा उल्लंघन का लगाया आरोप, बहस का दूसरा वीडियो भी वायरल
शालिनी पांडे का बयान: 'तकनीक का दुरुपयोग बेहद चिंताजनक'
वायरल वीडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए शालिनी पांडे ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा:
"यह वीडियो पूरी तरह से मनगढ़ंत (Fabricated) है और इसमें मैं नहीं हूं. तकनीक का उपयोग इस तरह से लोगों—विशेषकर महिलाओं को निशाना बनाने और नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाना अत्यंत व्यथित करने वाला है."
अभिनेत्री ने आगे जनता से आग्रह किया कि वे इस तरह की सामग्री को न तो देखें, न डाउनलोड करें और न ही किसी को फॉरवर्ड करें. उन्होंने उपयोगकर्ताओं से अनुरोध किया कि यदि उन्हें यह वीडियो कहीं भी दिखाई दे, तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसे तुरंत रिपोर्ट करें ताकि इसे हटाया जा सके.
शालिनी पांडे का वायरल वीडियो असली है या नकली? एक्ट्रेस ने क्लिप को AI-जनरेटेड बताया
इटली की तस्वीरों से AI डीपफेक बनाए जाने की आशंका
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस छोटे वीडियो क्लिप में एक महिला दिख रही है, जिसका चेहरा अभिनेत्री शालिनी पांडे से काफी मिलता-जुलता नजर आ रहा था.
तकनीकी विशेषज्ञों और फैक्ट-चेकर्स द्वारा किए गए प्रारंभिक विश्लेषण के अनुसार:
- यह वीडियो शालिनी पांडे की उन तस्वीरों से प्रेरित प्रतीत होता है, जो उन्होंने हाल ही में अपने इटली वेकेशन के दौरान सोशल मीडिया पर साझा की थीं.
- विशेषज्ञों का मानना है कि शरारती तत्वों ने उनकी मूल तस्वीरों को जेनेरेटिव एआई (Generative AI) टूल्स में डालकर यह फर्जी और मॉर्फ्ड वीडियो तैयार किया है. स्वतंत्र जांच में भी इस वीडियो के प्रामाणिक होने का कोई सबूत नहीं मिला है.
करियर और गैर-सहमति वाली सामग्री पर कानूनी चेतावनी
शालिनी पांडे ने साल 2017 में विजय देवरकोंडा के साथ ब्लॉकबस्टर तेलुगु फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में भी कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स में काम किया है.
डिजिटल विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना उसकी फर्जी, मॉर्फ्ड या एआई-जनरेटेड अंतरंग तस्वीरें या वीडियो (NCII) बनाना, डाउनलोड करना या सोशल मीडिया पर प्रसारित करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय कानूनों के तहत एक गंभीर दंडनीय अपराध है. ऐसे मामलों में साइबर पुलिस कड़ी कानूनी कार्रवाई कर सकती है.