कोरोना वायरस (Photo Credits: Unsplash)
देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए लोग तरह-तरह के सप्लीमें ट ले रहे हैं, ऐसे में विडामिन डी कितना सहायक हो सकता है, इस पर हमने बात की स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं आईएमए के पूर्व सचिव डॉ. नरेंद्र सैनी से. उन्होंने बताया कि वैक्सीन का इंतज़ार एक बात है, लेकिन किसी भी प्रकार की दवाओं के चक्कर में मत पड़ें. साथ ही उन्होंने विटामिन डी के महत्व के बारे में अहम जानकारी दी.
प्रस्तुत हैं कोरोना से जुड़े सवालों पर डॉ. सैनी के जवाब :
क्या वैक्सीन आने के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा?वैक्सीन आने की सूचना है, लेकिन कब आएगी ये कहना मुश्किल है. अभी संभावना जताई जा रही है कि जनवरी-फरवरी तक आ जाएगी, लेकिन जब तक नहीं है तब तक नियमों का पालन करना है. वैक्सीन आने के बाद भी वायरस का संक्रमण न हो उसके लिए मास्क पहनना होगा और सुरक्षित दूरी का पालन करना होगा.
संक्रमित होने पर कितने दिन में लक्षण आते हैं?
कोरोना में इनक्यूबेशन पीरियड 2-14 दिन तक का होता है. अगर संक्रमित हुए हैं तो इस दौरान लक्षण आ जाते हैं. हालांकि जरूरी नहीं है कि हर किसी को लक्षण नज़र आएं. अगर किसी की इम्यूनिटी अच्छी है तो वायरस शरीर को प्रभावित नहीं कर पाता है और तो और शरीर के अंदर बढ़ भी नहीं पाता है. कुछ दिन में धीरे-धीरे खत्म हो जाता है. जब ये तेजी से बढ़ता है तो अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करता है, और तब लक्षण नज़र आते हैं.
फेवीपिराविर किस स्थिति में लोगों को दी जाती है?
WHO, ICMR के दिशा-निर्देशों के तहत फेवीपिराविर या रेमडेसिवीर, आदि दवाएं सभी को नहीं दी जाती हैं. डॉक्टर ये दवा केवल उनको देते हैं, जिन्हें जरूरत होती है, क्योंकि ये दवाएं भी ट्रायल स्टेज (trial stage) पर हैं. अभी तक कोरोना की कोई दवा नहीं है, इसलिए दवा के चक्कर में न पड़ें अपनी इम्यूनिटी बनाये रखने के लिए ताजा भोजन, फल, हरी सब्जियां आदि का सेवन करें और मास्क जरूर लगाएं.
कोरोना काल में लोग विटामिन डी की कमी को लेकर परेशान हैं, उनसे क्या कहेंगे?
विटामिन डी कोरोना से बचने के लिए नहीं बल्कि हमेशा शरीर के लिए महत्वपूर्ण है. पहले लोगों में विटामिन डी की कमी नहीं होती थी क्योंकि लोग धूप में बैठते थे, बाहर आने-जाने पर धूप मिलती थी, लेकिन अब समय के साथ बदलाव आया है. लोग ज्यादातर समय घर के अंदर या ऑफिस में रहते हैं और शाम को बाहर निकलते हैं. इस वजह से उन्हें सही मात्रा में विटामिन डी नहीं मिल पाता है. विटामिन डी के लिए सप्लीमेंट लेने से अच्छा है धूप में समय बितायें.
वायरस से बचने में ग्लव्स कितनी सुरक्षा प्रदान करता है?
ग्लव्स वायरस की सुरक्षा में उतना कारगर नहीं होता है, क्योंकि अगर आम आदमी ग्लव्स पहनता है और उस हाथ से किसी सतह को छूने के बाद अपने नाक, मुंह या आंख को छूता है, तो ग्लव्स के जरिए वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है. इसे हर आदमी को पहनने के जरूरत नहीं है. हाथ धुलते रहना ही काफी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 28, 2020 01:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).