Sexual Symptoms in Men: स्मार्टफोन या टैबलेट के ज्यादा इस्तेमाल से पुरुषों में जल्दी विकसित हो रहे यौन लक्षण
शोध इस बात पर प्रकाश डालता है कि पर्यावरणीय कारक, जैसे स्क्रीन टाइम, प्रारंभिक यौन लक्षण और टेस्टिकल्स टिश्यू को कैसे प्रभावित करते हैं.
इस्तांबुल, 24 सितंबर: चूहों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, स्मार्टफोन या टैबलेट के ज्यादा इस्तेमाल से पुरुषों में जल्दी यौन लक्षण विकसित होने लगते हैं. नीदरलैंड के हेग में चल रही 61वीं वार्षिक यूरोपियन सोसाइटी फॉर पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजी मीटिंग में प्रस्तुत किया गया शोध इस बात पर प्रकाश डालता है कि पर्यावरणीय कारक, जैसे स्क्रीन टाइम, प्रारंभिक यौन लक्षण और टेस्टिकल्स टिश्यू को कैसे प्रभावित करते हैं.
अधिकांश बच्चों में प्रारंभिक यौन लक्षण के कोई स्पष्ट कारण नहीं होते हैं. कभी-कभी यह जेनेटिक्स के कारण होता है, या मस्तिष्क में कोई समस्या होती है, जैसे चोट, ट्यूमर, थायरॉयड, एड्रिनल या सेक्स ग्लैंड में.
हाल के वर्षों में, कई अध्ययनों ने लड़कियों और लड़कों दोनों के लिए शुरुआती यौन लक्षणों में वृद्धि की सूचना दी है, खासकर कोविड-19 महामारी के दौरान. इसका एक फैक्टर नीली रोशनी उत्सर्जित करने वाले डिवाइस का बढ़ता उपयोग हो सकता है, लेकिन बच्चों में इसका आकलन करना बहुत मुश्किल है.
इस अध्ययन में, तुर्की में अंकारा बिल्केंट सिटी अस्पताल और गाजी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 21 दिन की उम्र के 18 नर चूहों की जांच की, जिन्हें छह के तीन समूहों में विभाजित किया गया. उन्हें नॉर्मल रोशनी और नीली रोशनी में रखा गया.
शोधकर्ताओं ने पाया कि नीली रोशनी के संपर्क में आने वाले नर चूहों में यौन लक्षण काफी पहले दिखाई दिए. इसके अलावा, चूहे जितनी ज्यादा नीली रोशनी के संपर्क में रहे, उनकी युवावस्था उतनी ही जल्दी शुरू हो गई, जबकि उनमें स्पर्म डेवलेपमेंट में रुकावट और टेस्टिकल्स टिश्यू भी डैमेज दिखे.
अंकारा बिकेंट सिटी अस्पताल के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. आयलिन किलिंक उगुरलू ने कहा, "पहली बार, हमें नर चूहों में नीली रोशनी के संपर्क और शुरुआती यौन लक्षणों के बीच सीधा संबंध मिला."
उगुरलु ने कहा, "हमारे निष्कर्ष मादा चूहों पर हमारे पिछले काम के अनुरूप हैं, जिसमें भी इसी तरह के प्रभाव दिखे थे, जिससे नीली रोशनी नर और मादा चूहों दोनों में यौन लक्षणों को कैसे प्रभावित कर सकती है, इसका अधिक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया गया है."
शोधकर्ताओं ने फ्रंटियर्स इन एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित पेपर में कहा कि हालांकि निष्कर्षों से पता चलता है कि नीली रोशनी का संपर्क संभावित रूप से युवावस्था की शुरुआत के लिए एक जोखिम भरा फैक्टर हो सकता है, इस पर अधिक शोध की आवश्यकता है.
उगुरलू ने कहा, ''मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यह एक चूहे का अध्ययन है और मनुष्यों के लिए प्रत्यक्ष परिणामों की व्याख्या नहीं की जा सकती है. हालांकि, हम आधुनिक समाज में लगातार बढ़ते स्क्रीन समय के स्वास्थ्य परिणामों की जांच के लिए एक प्रायोगिक आधार प्रदान करते हैं.''
शोधकर्ता अब वयस्क चूहों में यौन लक्षणों से पहले नीली रोशनी के संपर्क के प्रभाव का आकलन करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 24, 2023 10:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

