भारत में 2012-19 में सभी तरह के कैंसरों में बाल्यावस्था कैंसर 7.9 फीसदी रहा
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2012-19 के बीच कैंसर के कुल मामलों में से 7.9 फीसदी 14 साल से कम उम्र के बच्चों में पाए गए.
नई दिल्ली, 26 सितंबर: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2012-19 के बीच कैंसर के कुल मामलों में से 7.9 फीसदी 14 साल से कम उम्र के बच्चों में पाए गए. 'क्लिनिकोपैथोलॉजिकल प्रोफाइल ऑफ कैंसर्स इन इंडिया : ए रिपोर्ट ऑफ हॉस्पिटल-बेस्ड कैंसर रजिस्ट्रीज, 2021', नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम (एनसीआरपी) के तहत 96 अस्पताल-आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों की अवधि के दौरान एकत्र किए गए डेटा को समेकित करता है. डेटा देशभर में इन केंद्रों को रिपोर्ट किए गए पुष्टिकृत विकृतियों के सभी निदान और इलाज के मामलों से संबंधित हैं. देश में 2012-19 के दौरान कैंसर के 13,32,207 मामले दर्ज किए गए. इनमें से 6,10,084 को डेटा की पूर्णता और गुणवत्ता के आधार पर विश्लेषण के लिए शामिल किया गया था.
बचपन के कैंसर वैश्विक स्तर पर बचपन की बीमारियों के प्रमुख कारण के रूप में नौवें स्थान पर हैं, विकलांगता समायोजित जीवन वर्ष (डीएएलवाई) के 11.5 मिलियन के लिए जिम्मेदार है. भारत में, एनसीआरपी की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सभी आयु समूहों में कैंसर के सापेक्ष बचपन के कैंसर (0-19 वर्ष) का अनुपात 1 से 4.9 प्रतिशत के बीच पाया गया. दिल्ली में लड़कों में 203.1 प्रति मिलियन और लड़कियों में 125.4 प्रति मिलियन की उच्चतम आयु-समायोजित घटना दर (एएआर) दर्ज की. ल्यूकेमिया 0-14 वर्ष आयु वर्ग में दोनों लिंगों में सभी बचपन के कैंसर के लगभग आधे के लिए जिम्मेदार है (लड़कों में 46.4 प्रतिशत और लड़कियों में 44.3 प्रतिशत). लड़कों में अन्य सामान्य बचपन का कैंसर लिम्फोमा (16.4 प्रतिशत) था, जबकि लड़कियों में यह घातक अस्थि ट्यूमर (8.9 प्रतिशत) था. यह भी पढ़े: Heart Attack In Youth: कम उम्र में हार्ट अटैक से बचें! जानें मुंबई की सुप्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट के 6 अनमोल सुझाव!
बचपन के कैंसर दो आयु समूहों के लिए प्रस्तुत किए जाते हैं : 0-14 वर्ष और 0-19 वर्ष राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तुलना को सक्षम करने के लिए और बचपन के कैंसर के अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बचपन के कैंसर के अलावा, तंबाकू के उपयोग से जुड़े कैंसर में पुरुषों में 48.7 प्रतिशत और महिलाओं में 16.5 प्रतिशत कैंसर शामिल हैं. थायरॉइड कैंसर (महिलाओं में 2.5 प्रतिशत बनाम पुरुषों में 1 प्रतिशत) और पित्ताशय के कैंसर (महिलाओं में 3.7 प्रतिशत बनाम पुरुषों में 2.2 प्रतिशत) को छोड़कर, साइट-विशिष्ट कैंसर का सापेक्ष अनुपात महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक था. सभी कैंसरों में दूर के मेटास्टेसिस का उच्चतम अनुपात फेफड़ों के कैंसर (49.2 प्रतिशत पुरुष और 55.5 प्रतिशत महिलाओं) के रोगियों में देखा गया, इसके बाद पित्ताशय का कैंसर (40.9 प्रतिशत पुरुष और 45.7 प्रतिशत महिलाएं) और प्रोस्टेट कैंसर (42.9 प्रतिशत) का स्थान है. रिपोर्ट ने सुझाव दिया कि कई कैंसर के लिए कीमोथेरेपी अभी भी सबसे विशिष्ट उपचार पद्धति थी, भले ही प्रस्तुति में रोग की नैदानिक सीमा कुछ भी हो, जिसमें यकृत, पित्ताशय, पेट, फेफड़े और बचपन के कैंसर शामिल हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 27, 2021 09:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

