Friendship Day 2026 Date: भारत में फ्रेंडशिप डे जुलाई नहीं, अगस्त में क्यों मनाया जाता है? जानें वजह
हर साल 30 जुलाई को जब संयुक्त राष्ट्र (UN) के 'अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस' पर दुनिया भर में सोशल मीडिया पोस्ट की बाढ़ आ जाती है, तब भारत में स्कूल-कॉलेज और बाजार आम दिनों की तरह ही नजर आते हैं. भारत में फ्रेंडशिप डे 30 जुलाई के बजाय हर साल अगस्त महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है.
Friendship Day 2026 Date: हर साल 30 जुलाई को जब संयुक्त राष्ट्र (UN) के 'अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस' पर दुनिया भर में सोशल मीडिया पोस्ट की बाढ़ आ जाती है, तब भारत में स्कूल-कॉलेज और बाजार आम दिनों की तरह ही नजर आते हैं. भारत में फ्रेंडशिप डे 30 जुलाई के बजाय हर साल अगस्त महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है. वर्ष 2026 में भारत में यह खास दिन 2 अगस्त 2026 (रविवार) को मनाया जाएगा. वैश्विक स्तर पर जुलाई के अंत में और भारत में अगस्त के पहले हफ्ते में इसे मनाने को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है. इसके पीछे 20वीं सदी के अमेरिकी बाजार, वीकेंड की सहूलियत और 90 के दशक के बॉलीवुड पॉप-कल्चर का दिलचस्प इतिहास छुपा हुआ है.
दो अलग-अलग कैलेंडरों की शुरुआत कैसे हुई?
मित्रता के लिए एक विशेष दिन समर्पित करने की अवधारणा सबसे पहले 1930 के दशक में अमेरिका में शुरू हुई थी. 'हॉलमार्क कार्ड्स' के संस्थापक जॉयस हॉल ने 2 अगस्त को एक ऐसा दिन बनाने का प्रस्ताव रखा जब लोग अपने करीबी दोस्तों को ग्रीटिंग कार्ड भेज सकें. हालांकि अमेरिका में समय के साथ यह परंपरा कमजोर पड़ गई, लेकिन दक्षिण एशियाई देशों में इसने रफ्तार पकड़ ली. लोगों को मिलने-जुलने के लिए छुट्टी का दिन (रविवार) आसान लगा, इसलिए इसे "अगस्त का पहला रविवार" बना दिया गया. यह भी पढ़े: Friendship Day 2025 Messages: हैप्पी फ्रेंडशिप डे! दोस्तों संग शेयर करें ये हिंदी WhatsApp Wishes, Shayaris, GIF Greetings और Photo SMS
दूसरी ओर, वर्ष 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने आधिकारिक रूप से 30 जुलाई को 'इंटरनेशनल डे ऑफ फ्रेंडशिप' घोषित किया. यूएन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत दोस्ती मनाना नहीं, बल्कि विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच शांति, संवाद और एकता को बढ़ावा देना था. जब तक यूएन ने 30 जुलाई की तारीख तय की, तब तक भारत में अगस्त के पहले रविवार की परंपरा पूरी तरह स्थापित हो चुकी थी.
बॉलीवुड और ब्रांड्स ने कैसे मजबूत की अगस्त की परंपरा?
भारत में फ्रेंडशिप डे को एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव में बदलने का श्रेय 1990 के दशक के उत्तरार्ध को जाता है. वर्ष 1998 में रिलीज हुई प्रसिद्ध हिंदी फिल्म 'कुछ कुछ होता है' ने युवा पीढ़ी के बीच इस दिन की लोकप्रियता को एक नई ऊंचाई दी. फिल्म में दिखाए गए 'फ्रेंडशिप बैंड' और "प्यार ही दोस्ती है" के संदेश ने अगस्त के पहले रविवार को युवाओं और कॉलेज छात्रों के लिए एक कैलेंडर इवेंट बना दिया.
इसके बाद विभिन्न गिफ्ट स्टोर, कार्ड कंपनियों और कमर्शियल ब्रांड्स ने इस चलन को हाथों-हाथ लिया. रंग-बिरंगे धागे या बैंड बांधना, ग्रीटिंग कार्ड्स देना और दोस्तों के साथ बाहर खाना खाने जाना भारतीय युवाओं की दिनचर्या का हिस्सा बन गया. चूंकि रविवार को स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों की छुट्टी रहती है, इसलिए यह तारीख किसी भी कामकाजी दिन (जैसे 30 जुलाई) की तुलना में अधिक व्यावहारिक साबित हुई.
एक जैसी भावना, अलग-अलग अंदाज
जहां 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले आयोजनों में सरकारी संदेश, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शांति बैठकों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, वहीं भारत में अगस्त के पहले रविवार को यह उत्सव पूरी तरह से व्यक्तिगत रिश्तों पर केंद्रित रहता है.
स्कूल-कॉलेज के दोस्तों को बैंड बांधना, पुराने दोस्तों के साथ गेट-टुगेदर करना और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करना इस दिन की मुख्य पहचान है. तारीखें भले ही अलग हों, लेकिन इस दिन के पीछे का मूल संदेश एक ही है—उन दोस्तों का आभार व्यक्त करना जो जीवन को अधिक समृद्ध और खुशहाल बनाते हैं.