Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा पर 56 साल बाद बन रहा है दुर्लभ राजयोग; जानें किन 6 राशियों को मिलने वाले वाला है लाभ

आषाढ़ मास की पूर्णिमा यानी 29 जुलाई 2026 को मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा पर 56 वर्षों बाद बुधादित्य, शश और हंस राजयोग का दुर्लभ संयोग बन रहा है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह दुर्लभ ग्रहों का संयोजन 6 विशेष राशियों के जातकों के लिए आर्थिक तरक्की, पदोन्नति और सफलता के नए द्वार खोलेगा.

गुरु पूर्णिमा 2026 (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: सनातन धर्म में गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व 'गुरु पूर्णिमा' (Guru Purnima) इस वर्ष 29 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस बार की गुरु पूर्णिमा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन 56 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक दुर्लभ ग्रहों का संयोजन और शक्तिशाली राजयोग बन रहा है.

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस शुभ अवसर पर बुधादित्य, शश और हंस राजयोग का एक साथ निर्माण हो रहा है, जिससे कई राशियों के जातकों को करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में अभूतपूर्व लाभ मिलने की संभावना है. यह भी पढ़ें: Guru Purnima 2026: क्या 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर बंद रहेंगे स्कूल? जानें छुट्टी को लेकर राज्यों और बोर्ड्स के नियम

गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांगीय गणना के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 जुलाई 2026 को शाम 06:18 बजे होगी और इसका समापन 29 जुलाई को रात 08:05 बजे होगा.

उदयातिथि के नियम का पालन करते हुए गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई को ही मनाया जाएगा. इस दिन भगवान सत्यनारायण की कथा और गुरु पूजन का सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 05:41 बजे से 09:47 बजे तक रहेगा.

56 साल बाद ग्रहों का दुर्लभ संयोग

ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, गुरु पूर्णिमा के दिन सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा. इसके साथ ही शनि और बृहस्पति की अनुकूल स्थिति से शश राजयोग और हंस राजयोग का प्रभाव भी बना रहेगा.

इन तीनों प्रमुख राजयोगों के एक साथ सक्रिय होने से बौद्धिक क्षमता, करियर में उन्नति और प्रशासनिक क्षेत्रों में सफलता के योग बन रहे हैं. ज्योतिषविदों के अनुसार ऐसा दुर्लभ ग्रह-नक्षत्र संयोजन 56 साल पहले देखने को मिला था.

इन 6 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

  1. मेष राशि (Aries): लंबे समय से अटके हुए कार्य तेजी से पूरे होंगे. कार्यक्षेत्र में आपकी निर्णय लेने की क्षमता की सराहना होगी और व्यापार में नए सौदे मिल सकते हैं.
  2. वृषभ राशि (Taurus): यह समय आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा. व्यवसाय में वृद्धि और पुराने निवेश से बेहतर रिटर्न मिलने के योग हैं.
  3. सिंह राशि (Leo): सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (Promotion) या वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समय अनुकूल है.
  4. धनु राशि (Sagittarius): आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. सूर्य और गुरु के प्रभाव से ज्ञान और उच्च शिक्षा के क्षेत्रों में सफलता मिलेगी.
  5. मकर राशि (Capricorn): आकस्मिक धन लाभ के योग बन रहे हैं. पैतृक संपत्ति या शेयर बाजार में पहले किए गए निवेश से बड़ा लाभ हो सकता है.
  6. कुंभ राशि (Aquarius): आय के नए स्रोत बनेंगे. करियर में स्थिरता आएगी और लंबे समय से चल रही मानसिक उलझनों से राहत मिलेगी.

गुरु पूजन की धार्मिक मान्यता

भारतीय परंपरा में गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस दिन महर्षि वेदव्यास जी का प्राकट्य हुआ था. इस दिन सुबह स्नान-ध्यान के बाद अपने गुरुओं का पूजन करने और उनका आशीर्वाद लेने से जीवन में ज्ञान, समृद्धि और शांति का वास होता है.

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