Nag Panchami 2026 Wishes: नाग पंचमी के इन हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी 17 अगस्त 2026 को देश भर में नाग पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है. जानिए नाग देवता की पूजा विधि, कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय, साथ ही अपनों को भेजने के लिए खास शुभकामना संदेश.
Nag Panchami 2026 Wishes in Hindi: भगवान शिव (Bhagwan Shiv) के अतिप्रिय सावन महीने (Sawan Maas) में आने वाला पावन पर्व नाग पंचमी (Nag Panchami) इस वर्ष 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को देश भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पड़ने वाला यह त्योहार पूर्णतः नाग देवता की उपासना और संरक्षण को समर्पित है.
इस दिन देश भर के शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगता है. श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के साथ-साथ नाग देवता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें दूध व जल अर्पित कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं. यह भी पढ़ें: Nag Panchami 2026: नाग पंचमी कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
धार्मिक महत्व और कालसर्प दोष से मुक्ति
सनातन परंपरा में नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नाग देवता को भगवान शिव का आभूषण और भगवान विष्णु की शैय्या (शेषनाग) माना गया है.
- कालसर्प दोष से राहत: ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु से जुड़े दोष होते हैं, उनके लिए नाग पंचमी के दिन किया गया पूजन व दान विशेष फलदायी होता है.
- पारिवारिक सुरक्षा: इस दिन नाग देवता की प्रसन्नता से परिवार को सर्पभय से मुक्ति मिलती है और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है.
नाग पंचमी के शुभ व पावन अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामना संदेशों के जरिए बधाई देते हैं. ऐसे में इस खास मौके पर आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से ये बधाई संदेश भेज सकते हैं.
हर विषम परिस्थिति में मिले साहस और सहारा,
आपका जीवन हो रोगमुक्त, शांतिपूर्ण और मंगलमय.
आपके घर में हो सुख, सौभाग्य और स्नेह का वास,
शिव और नाग देव की अनुकंपा बनी रहे जीवनभर.
हर संकट हटे उसके जीवन पथ से.
सर्प देवता की ये पावन वंदना,
लाए समृद्धि, सुख और शुभ भावना.
उनकी पूजा से पूरे हों सब काज.
नागपंचमी का ये पावन दिन आए,
हर घर में सुख, शांति और प्रेम छाए.
पिलाएं दूध उन्हें मीठा-मीठा,
हो आपके घर में धन की बरसात,
ऐसा शुभ हो नाग पंचमी की त्योहार.
नाग पंचमी की प्रामाणिक पूजा विधि
नाग पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और निम्नलिखित प्रक्रिया से पूजन करें:
- प्रतिमा स्थापना: घर के मंदिर में नाग देवता की धातु, मिट्टी या आटे से बनाई गई प्रतिमा स्थापित करें.
- जलाभिषेक व पूजन: नाग देव को जल, दूध, हल्दी, रोली, अक्षत, रोली और पुष्प अर्पित करें।
- मंत्र जाप: पूजन के दौरान 'ॐ नागदेवाय नमः' अथवा 'ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नागः प्रचोदयात्' मंत्र का जाप करें.
- कथा व आरती: नाग पंचमी की व्रत कथा सुनें या पढ़ें और धूप-दीप जलाकर आरती उतारकर पूजा संपन्न करें.